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शारदा नदी के पार बसे सौ गांव हो जाएंगे जिला मुख्यालय के पास
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शारदा नदी पर बना पैंपूल पुल। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। शारदा नदी के पार नेपाल सीमा से सटे करीब सौ गांवों के लोगों के लिए जल्द ही जिला मुख्यालय की दूरी 110 किलोमीटर कम हो जाएगी। बारिश के दिनों में अस्थायी पैंटून पुल हटने के कारण उन्हें लखीमपुर खीरी होते हुए 180 किलोमीटर दूरी तय करनी पड़ती है। जबकि जिला मुख्यालय सिर्फ 70 किलोमीटर ही दूर है। अब धनाराघाट पर एक अस्थायी पुल बनाने की तैयारी है। शासन के निर्देश पर डीएम ने पुल बनाने के लिए ढाई सौ करोड़ का प्रस्ताव बनाकर भेजा है।
पिछले दिनों शासन ने सभी जिलों से वहां की सबसे बड़ी जरूरत पर रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद डीएम ने लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं से पैंटून पुल का सर्वे कराया। आसपास की आबादी की जरूरतों को देखा। इसके बाद प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा। प्रस्ताव में हवाला दिया गया कि बरसात में शारदा पार के लोगों को जिला मुख्यालय आने के लिए 180 मिलोमीटर घूमकर आना पड़ता है। पुल बन जाने से ये दूरी 70 मिलोमीटर रह जाएगी, यानि 110 किलोमीटर का चक्कर बचेगा। सौ से ज्यादा गांव के करीब ढाई लाख लोगों परेशान होते हैं। बाढ़ के दिनों में जिला प्रशासन को भी उस क्षेत्र में पहुंचने के लिए खीरी जिले से होकर जाना पड़ता है।
पूरनपुर-धौरी कंचनपुर मार्ग के पास धनाराघाट पर बरसात के मौसम में आवागमन में सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। पुल न होने के कारण सूखे मौसम में आवागमन के लिए यहां 300 मीटर और 80 मीटर लंबे दो पैंटून पुल बनाए जाते हैं। बरसात के मौमस में इन पुलों को हटा लिया जाता है। इसके चलते यहां से आवागमन पूरी तरह से बंद हो जाता है। हजारा, भरतपुर अशोकनगर, अयोध्यापुरी, चंदननगर, लक्ष्मणनगर, नहरूनगर, रामनगर विनोवानगर, राघवपुरी, धर्मपुरी आदि सहित करीब सौ गांव के लोगों को दिक्कत उठानी पड़ती है। पुल की अनुमानित लागत 249.71 करोड़ दी गई है।
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बाढ़ के साथ दिया सुरक्षा का हवाला
डीएम द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में बाढ़ के साथ सुरक्षा का भी हवाला दिया गया है। पुल बन जाने से भारत से नेपाल की सीमा हाईवे के माध्यम से जुड़ जाएगी। इन इलाकों की सुरक्षा भी पुख्ता हो जाएगी। डीएम का कहना है कि बाढ़ के साथ सुरक्षा के मद्देनजर भी पुल होना बेहद जरूरी है। प्रस्ताव भेजने के साथ शासन को परिस्थितियों से भी अवगत कराया जाएगा। नेपाल के रास्ते होने वाली तस्करी पर भी काफी हद तक रोक लगाने में मदद मिलेगी।
पिछले दिनों शासन स्तर से पूछा गया था कि जिले की सबसे बड़ी जरूरत क्या है। उसके बाद धनाराघाट पुल को लेकर शासन से बात की। प्रस्ताव मांगा गया था। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों से सर्वे कराकर 249.71 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि प्रस्ताव स्वीकृत होगा और शारदा पार के लोगों को बड़ी सहूलियत मिल मिलेगी। -पुलकित खरे, डीएम
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पिछले दिनों शासन ने सभी जिलों से वहां की सबसे बड़ी जरूरत पर रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद डीएम ने लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं से पैंटून पुल का सर्वे कराया। आसपास की आबादी की जरूरतों को देखा। इसके बाद प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा। प्रस्ताव में हवाला दिया गया कि बरसात में शारदा पार के लोगों को जिला मुख्यालय आने के लिए 180 मिलोमीटर घूमकर आना पड़ता है। पुल बन जाने से ये दूरी 70 मिलोमीटर रह जाएगी, यानि 110 किलोमीटर का चक्कर बचेगा। सौ से ज्यादा गांव के करीब ढाई लाख लोगों परेशान होते हैं। बाढ़ के दिनों में जिला प्रशासन को भी उस क्षेत्र में पहुंचने के लिए खीरी जिले से होकर जाना पड़ता है।
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पूरनपुर-धौरी कंचनपुर मार्ग के पास धनाराघाट पर बरसात के मौसम में आवागमन में सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। पुल न होने के कारण सूखे मौसम में आवागमन के लिए यहां 300 मीटर और 80 मीटर लंबे दो पैंटून पुल बनाए जाते हैं। बरसात के मौमस में इन पुलों को हटा लिया जाता है। इसके चलते यहां से आवागमन पूरी तरह से बंद हो जाता है। हजारा, भरतपुर अशोकनगर, अयोध्यापुरी, चंदननगर, लक्ष्मणनगर, नहरूनगर, रामनगर विनोवानगर, राघवपुरी, धर्मपुरी आदि सहित करीब सौ गांव के लोगों को दिक्कत उठानी पड़ती है। पुल की अनुमानित लागत 249.71 करोड़ दी गई है।
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बाढ़ के साथ दिया सुरक्षा का हवाला
डीएम द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में बाढ़ के साथ सुरक्षा का भी हवाला दिया गया है। पुल बन जाने से भारत से नेपाल की सीमा हाईवे के माध्यम से जुड़ जाएगी। इन इलाकों की सुरक्षा भी पुख्ता हो जाएगी। डीएम का कहना है कि बाढ़ के साथ सुरक्षा के मद्देनजर भी पुल होना बेहद जरूरी है। प्रस्ताव भेजने के साथ शासन को परिस्थितियों से भी अवगत कराया जाएगा। नेपाल के रास्ते होने वाली तस्करी पर भी काफी हद तक रोक लगाने में मदद मिलेगी।
पिछले दिनों शासन स्तर से पूछा गया था कि जिले की सबसे बड़ी जरूरत क्या है। उसके बाद धनाराघाट पुल को लेकर शासन से बात की। प्रस्ताव मांगा गया था। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों से सर्वे कराकर 249.71 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि प्रस्ताव स्वीकृत होगा और शारदा पार के लोगों को बड़ी सहूलियत मिल मिलेगी। -पुलकित खरे, डीएम