फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   How to dispose of garbage in villages without land

Pilibhit News: बिना जमीन मिले गांवों में कैसे हो कूड़े का निस्तारण

Fri, 16 Dec 2022 12:52 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 16 Dec 2022 12:52 AM IST
विज्ञापन
How to dispose of garbage in villages without land
पूरनपुर क्षेत के गांव में बनाया गया कूडा निस्तारण प्लांट।
आठ गांवों में नहीं मिल पा रही कूड़ा निस्तारण के लिए जमीन, प्रशासन को लिखा पत्र
विज्ञापन

32 ग्राम पंचायतों में 14 करोड़ से होना है स्वच्छता पर काम
पीलीभीत। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले के 32 गांवों का चयन किया गया था। यहां कूड़ा निस्तारण के लिए जमीन की आवश्यकता थी। आठ ग्राम पंचायतों में जमीन ही नहीं मिल पा रही है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने डीएम को पत्र लिखकर भूमि दिलवाने की मांग की है।
स्वच्छता को प्रत्येक व्यक्ति की आदत में शामिल कराने के लिए अब ग्राम पंचायतें को ओडीएफ प्लस बनाने की कवायद की जा रही है। इसके तहत ग्राम पंचायतों के धार्मिक स्थलों, स्कूलों, पंचायत भवनों, ग्राम सचिवालय, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्रों, गलियों, चौराहों की सफाई को लेकर विशेष अभियान चलेगा। ग्रामीणों को एक ही जगह पर कूड़ा डालने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जहां से गीले और सूखे कूड़े को अलग-अलग किया जाएगा। इसके लिए एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बनेगा। शासन की ओर से इसके लिए मॉडल गांवों को चयनित कर काम करने के लिए कहा गया था।
विज्ञापन

पंचायत विभाग की ओर से जिले के सभी ब्लॉकों से बड़ी ग्राम पंचायतों का चयन किया गया था। चयन के बाद 32 ग्राम पंचायतों में यह काम होना था। इसके लिए शासन की ओर से 14 करोड़ रुपये का बजट भी जारी कर दिया गया। जिला पंचायत राज विभाग की ओर से इन ग्राम पंचायतों में काम कराया जा रहा है। अब तक 24 ग्राम पंचायतों में ही काम शुरू हो सका है। आठ गांवों में एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बनाने के लिए जमीन ही नहीं मिल सकी है। इसके अलावा यहां पर स्वच्छता को लेकर अन्य कार्य हो चुके हैं। अब जमीन के लिए डीपीआरओ की ओर से राजस्व विभाग को पत्र लिखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्राम पंचायतों में एक ही स्थान बनाए जाएंगे बड़े कूूड़ाघर
ग्राम पंचायतों में एक ही स्थान पर बड़े कूूड़ाघर बनाए जाएंगे। यहीं से सफाई कर्मचारी कूड़ा उठाएंगे। इसके बाद कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था की जाएगी। विभाग के मुताबिक, कचरा प्रबंधन के तहत गांवों में कूड़ा एकत्र कर कंपोस्ट और जैविक खाद बनाई जाएगी। इसके लिए गड्ढों को खोदा जाएगा। गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग रखने के लिए गड्ढों को खोदा जाएगा। गांव में ठेली भी ली जाएगी।
नाले-नालियां रोजाना कराई जाएंगी साफ
गांव की गलियों को साफ बनाए रखने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। गली में कूड़ा न डाला जाए, इसको लेकर विशेष निगरानी बरती जाएगी। निर्धारित स्थान पर कूड़ा डालने के लिए प्रेरित किया जाएगा। नाले और नालियों को प्रतिदिन साफ कराया जाएगा। जलभराव की समस्या का निस्तारण होगा। इसके लिए गांवों में नालियों को भी बनाया जाएगा।

शासन से स्वच्छ भारत योजना के तहत मिले बजट से 32 ग्राम पंचायतों में काम हो रहा है। इसमें आठ ग्राम पंचायतों में कूड़ा प्रबंधन केंद्र के लिए जमीन नहीं मिल पाई है। प्रशासन से जमीन देने के लिए कहा गया है।
- वाचस्पति झा, जिला पंचायतराज अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed