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ढाई हजार से ज्यादा तालाबों पर हो गए निमार्ण
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बीसलपुर के दुर्गा प्रसाद मोहल्ला में तालाब की भूमि पर बना भवन। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। जिले में ढाई हजार से अधिक तालाबों का अस्तित्व खत्म होने के कगार पर है। कहीं पर पक्के मकान-दुकान बन हो चुके हैं, तो कहीं तालाबों को ही खेत बना लिया है। तालाबों से अवैध कब्जे हटाने को लेकर शासन सख्त हुआ तो अफसर भी हरकत में आए। कार्रवाई के नाम पर साल दर साल सिर्फ नोटिस भेजे जा रहे हैं। सरकारी कागजों पर जिले में करीब आठ हजार तालाब हैं। इनमें से अधिकतर पर कब्जे हैं।
कुछ माह पहले प्रशासन ने तालाबों को कब्जा मुक्त करने की पहल शुरू की। अमरिया, बीसलपुर, पूरनपुर, कलीनगर, बरखेड़ा समेत कई क्षेत्रों में टीमें कार्रवाई को पहुंची। अमरिया में तालाब की भूमि पर फसल खड़ी मिली थी। बाद में पैमाइश कराई गई। हालांकि खुदान पूरा नहीं किया गया। बीसलपुर के दुुुर्गा प्रसाद मोहल्ले के तालाब पर अवैध कब्जा कर पक्का मकान बना लिया गया था।
नगर पालिका ने मकान का कुछ हिस्सा तोड़ा और बाकी ऐसे ही छोड़ दिया। अभी तक वहां कोई कार्रवाई नहीं हुई। शहर के अंदर भी कई तालाब ऐसे हैं, जहां कुछ रसूखदार लोगों ने कब्जा कर पक्का निर्माण कर लिया। जिले में ढाई हजार से ज्यादा ऐसे तालाब हैं, जिनपर पूरी तरह या आंशिक रूप से अवैध कब्जे हैं। इनको कब्जा मुक्त करने के लिए अफसरों ने सिर्फ बैठकें की, कार्रवाई नहीं हो सकीं।
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183 बनने हैं अमृत सरोवर, सिर्फ 14 का काम पूरा
जिले में अमृत सरोवर बनाए जा रहे हैं। कुल 183 अमृत सरोवर बनने हैं, जिसमें 14 का ही काम पूरा हुआ। सूत्रों का कहना है कि कई जगह कब्जे थे। इस वजह से काम पूरा नहीं हो सका। जबकि बरसात के सीजन में इनका काम पूरा होना था, ताकि बारिश का पानी यहां संचयन हो सके। मनरेगा के तहत तालाबों की खोदाई होने थी।
जिले में करीब आठ हजार तालाब होंगे। जिन तालाबों पर अवैध कब्जे हैं, उनको हटवाया जा रहा है। कई जगह कार्रवाई हुई है। जिन तालाबों पर कब्जे की शिकायतें मिलती हैं वहां कार्रवाई की जाती है। -मृणाल सिंह, डीसी मनरेगा
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कुछ माह पहले प्रशासन ने तालाबों को कब्जा मुक्त करने की पहल शुरू की। अमरिया, बीसलपुर, पूरनपुर, कलीनगर, बरखेड़ा समेत कई क्षेत्रों में टीमें कार्रवाई को पहुंची। अमरिया में तालाब की भूमि पर फसल खड़ी मिली थी। बाद में पैमाइश कराई गई। हालांकि खुदान पूरा नहीं किया गया। बीसलपुर के दुुुर्गा प्रसाद मोहल्ले के तालाब पर अवैध कब्जा कर पक्का मकान बना लिया गया था।
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नगर पालिका ने मकान का कुछ हिस्सा तोड़ा और बाकी ऐसे ही छोड़ दिया। अभी तक वहां कोई कार्रवाई नहीं हुई। शहर के अंदर भी कई तालाब ऐसे हैं, जहां कुछ रसूखदार लोगों ने कब्जा कर पक्का निर्माण कर लिया। जिले में ढाई हजार से ज्यादा ऐसे तालाब हैं, जिनपर पूरी तरह या आंशिक रूप से अवैध कब्जे हैं। इनको कब्जा मुक्त करने के लिए अफसरों ने सिर्फ बैठकें की, कार्रवाई नहीं हो सकीं।
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183 बनने हैं अमृत सरोवर, सिर्फ 14 का काम पूरा
जिले में अमृत सरोवर बनाए जा रहे हैं। कुल 183 अमृत सरोवर बनने हैं, जिसमें 14 का ही काम पूरा हुआ। सूत्रों का कहना है कि कई जगह कब्जे थे। इस वजह से काम पूरा नहीं हो सका। जबकि बरसात के सीजन में इनका काम पूरा होना था, ताकि बारिश का पानी यहां संचयन हो सके। मनरेगा के तहत तालाबों की खोदाई होने थी।
जिले में करीब आठ हजार तालाब होंगे। जिन तालाबों पर अवैध कब्जे हैं, उनको हटवाया जा रहा है। कई जगह कार्रवाई हुई है। जिन तालाबों पर कब्जे की शिकायतें मिलती हैं वहां कार्रवाई की जाती है। -मृणाल सिंह, डीसी मनरेगा