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Pilibhit News: पीटीआर में गैंडा परियोजना लागू होने की फिर जागी उम्मीद

Tue, 19 Nov 2024 12:20 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 19 Nov 2024 12:20 AM IST
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Hopes of implementation of rhino project in PTR have been revived
पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में हाथी रिजर्व के बाद अब गैंडा परियोजना लागू होने की उम्मीद एक बार फिर जागी है। पीटीआर की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को शासन ने मंजूरी दी है। इसके लिए परियोजना लागू करने से पूर्व सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा। इस रिपोर्ट के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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पीटीआर का अनुकूल वातावरण बाघ समेत कई वन्यजीवों के लिए मुफीद है। वहीं जंगल की सीमा नेपाल की शुक्ला फांटा सेंचुरी से लगी होने से यहां दशकों से हाथी और गैंडों का गलियारा भी रहा है। अक्सर हाथी और गैंडे शारदा नदी के पार विचरण करते रहते हैं। इस वजह से पूर्व में केंद्र सरकार की ओर से हाथी रिजर्व की सूची में पीलीभीत टाइगर रिजर्व को भी शामिल किया गया था। साथ ही गैंडा परियोजना को लेकर भी पूर्व से प्रयास किए जाते रहे।
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पीटीआर की ओर से अनूकुल वातावरण का हवाला देकर शासन को प्रस्ताव भी भेजा गया था। इस पर अब शासन ने मंजूरी दी है। प्रदेश में गैंडों के लिए मुफीद माने जाने वाले क्षेत्रों को विकसित करने पर जोर दिया जाने लगा है। इसमें पीलीभीत को भी शामिल किया गया है। अब शासन की ओर से गैंडा सिक्योरिटी ऑडिट कराया जाएगा। इसके लिए टीम भी गठित कर दी गई है। टीम स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति को परखकर अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद परियोजना पर अमल किया जाएगा। टीम में शासन से लेकर मंडल और जिले के वन विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल किए गए हैं। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि गैंडा परियोजना को लेकर प्रयास शुरू हुए हैं।
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गैंडों के लिए मुफीद है महोफ और बराही रेंज का काफी भाग
टाइगर रिजर्व का अनुकूल वातावरण न सिर्फ बाघों के लिए मुफीद है, बल्कि महोफ और बराही रेंज का भी काफी भाग गैंडों के लिए भी मुफीद माना जाता है। बराही और महोफ रेंज में बेहतर ग्रास लैंड के साथ दलदली क्षेत्र भी है। इसको लेकर पूर्व की सरकारों में भी गैंडा परियोजना लागू करने पर जोर दिया गया था। सर्वे के बाद असम के काजीरंगा से गैंडे मंगवाने की रणनीति भी बनाई गई थी, लेकिन योजना पर अमल नहीं हो सका था।
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