फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Holy month of Ramadan begins, first fast today

Pilibhit News: मुकद्दस रमजान का आगाज, पहला रोजा आज

Fri, 24 Mar 2023 12:33 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 24 Mar 2023 12:33 AM IST
विज्ञापन
Holy month of Ramadan begins, first fast today
मस्जिदों में नमाजियों की बढ़ी भीड़, तरावीह शुरू
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। अल्लाह की खास रहमतों का महीना मुकद्दस रमजान शुक्रवार से शुरू हो रहा है। रोजा रखने वाले लोगों ने सहरी और इफ्तार की तैयारी तेज कर दी हैं। मस्जिदों में नमाजियों के लिए तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं।
रमजान शरीफ को अल्लाह की इबादत का खास महीना कहा जाता है। उलमा के मुताबिक इस माह में हर इबादत का सवाब 70 गुना बढ़ जाता है। लोगों के लिए यह महीना अल्लाह की खास रहमत लेकर आता है। लोग अपने गुनाहों से तौबा करते हैं और रोजा रख कर पांच वक्त नमाजें कसरत से अदा करते हैं। इशां की नमाज के बाद तमाम मस्जिदों में तरावीह अदा की जाती हैं। तरावीह में कुरआन पाक की तिलावत होती है। रमजान शरीफ में नमाजियों की तदाद काफी बढ़ जाती है। इसके मद्देनजर तमाम मस्जिदों में बृहस्पतिवार को नमाजियों के लिए साफ सफाई से लेकर पानी और सफों समेत कई व्यवस्थाएं पूरी कर ली गईं। रोजा रखने वाले लोगों ने सहरी के लिए खजला, फेनी, रमजानी ब्रेड आदि की जमकर खरीदारी की। जबकि इफ्तार के लिए लोगों ने खजूर और फल खरीदे। रमजान को देखते हुए फलों की बिक्री में काफी तेजी देखी गई।
विज्ञापन


------
रोजे की अदा करें सुन्नतें, कुछ चीजों से करें परहेज

मौलाना शराफत खां का कहना है कि रजमान के मुबारक माह का एहतराम जरूरी है। सुन्नतों के अदा करने के साथ कई चीजों का परहेज भी जरूरी है। इसमें सहरी में ताखीर (देर) करना, इफ्तार में जल्दी करना, खजूर या पानी से रोजा खोलना, रमजान में खैरात देना, सदकात और जकात देना, कुरआन पाक की तिलावत करना और आखिरी दस दिन एतिकाफ(मस्जिद में रहकर इबादत) करना सुन्नतों में शामिल हैं। इसके अलावा रोजे की हालत में फिल्म देखने, गाने सुनने व देखने, झूठ बोलने, गीबत और चुगली करने, गाली देने, जुआ खेलने समेत तमाम बुरे कामों से दूर रहने की ताकीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन

000
इन्हें मिलती है रोजे से छूट
मौलाना शराफत खां का कहना है कि रोजे रखना सुन्नत है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में रोजे से छूट भी दी गई है। जिसमें तीन दिन की नियत से सफर में रहने वाले, गंभीर रूप से बीमार, बहुत ज्यादा कमजोर बुजुर्ग, गर्भवती और दूध पिलाने वाली माताओं को रोजे से छूट है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed