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16 घंटे तक हरिद्वार हाईवे पर थमे रहे वाहनों के पहिए, राहगीर हुए परेशान
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अमरिया (पीलीभीत)। बरेली-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर हेतमडांडी गांव के पास दलदलनुमा सड़क पर ट्रक फंसने के बाद वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप पड़ गया। करीब 16 घंटे तक राहगीर और ट्रक चालक जाम में फंसकर रह गए। ग्रामीणों और ट्रक चालकों की मदद से पुलिस ने एक-एक कर वाहनों को निकलवाना शुरू किया। दिन भर हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आए।
नेशनल हाईवे पर अमरिया क्षेत्र के गांव हेतमडांडी गांव के पास 60 मीटर का हिस्सा कच्चा है। बारिश का मौसम शुरू होने के बाद से ही यह हिस्सा दलदल में तब्दील हो चुका है। आए दिन इसमें वाहनों के फंसने से दिक्कत बनी रहती है। प्रशासन ने जब कोई सुध नहीं ली तो बीते दिनों ट्रक चालकों और स्थानीय व्यापारियों ने एकजुट होकर इस मार्ग पर पत्थर डलवाए थे। इससे कुछ राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन बारिश होते ही हालात दोबारा बदतर हो गए। रविवार शाम करीब छह बजे एक ट्रक दलदलनुमा सड़क में फंस गया। चालक ने काफी प्रयास किया, मगर ट्रक आगे बढ़ नहीं सका। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की करीब तीन किलोमीटर लंबी कतार लग गई। साइड से कुछ वाहन निकालने में सफल रहे, मगर अधिकांश फंसे रह गए। रात भर इसका कोई समाधान नहीं हो सका। राहगीर जाम में फंसकर परेशान होते रहे। सूचना पर पुलिस पहुंची मगर जाम नहीं खुलवाया जा सका। दूसरे दिन सोमवार को भी घंटों मशक्कत चलती रही। पुलिस प्रशासन की तरफ से कोई समाधान नहीं निकलने पर आसपास के ग्रामीण और जाम में फंसे ट्रक चालक आगे आए। किसी तरह साइड से वाहनों के निकलने की जगह बनाई। फंसे हुए ट्रक को भी किसी तरह किनारे किया जा सका। सुबह करीब 10 बजे के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकी। मगर जगह कम होने की वजह से एक-एक करके ही वाहन आगे बढ़ाए गए। दिन भर इस मार्ग पर वाहन रेंगते नजर आए।
स्टोन क्रेसर से रेत लदा ट्रक लेकर पीलीभीत जाने को निकले थे। मगर घंटों तक जाम में फंसकर रह गए। रात भर पुलिस- प्रशासन के किसी जिम्मेदार ने कोई सुध नहीं ली। प्रशासन को सड़क का सुधार कराना चाहिए। - राजेश कुमार, ट्रक चालक
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बहेड़ी से ट्रक में माल लेकर सोमवार तड़के चार बजे निकला था। जाम में ऐसा फंसा कि दोपहर एक बजे के बाद निकलने को मिला। प्रशासन के अफसरों को जनता की तकलीफों से कोई लेना देना नहीं है। - सतीश कुमार, ट्रक चालक
उत्तराखंड से रेत लदा ट्रक लेकर बीसलपुर जाने को निकले थे। रविवार रात आठ बजे से जाम में फंसा रहा। न खाने को कुछ मिला, न ही पीने को पानी। सोमवार दोपहर 12 बजेे के बाद गाड़ी आगे बढ़ सकी। - छोटे खान, ट्रक चालक
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नेशनल हाईवे पर अमरिया क्षेत्र के गांव हेतमडांडी गांव के पास 60 मीटर का हिस्सा कच्चा है। बारिश का मौसम शुरू होने के बाद से ही यह हिस्सा दलदल में तब्दील हो चुका है। आए दिन इसमें वाहनों के फंसने से दिक्कत बनी रहती है। प्रशासन ने जब कोई सुध नहीं ली तो बीते दिनों ट्रक चालकों और स्थानीय व्यापारियों ने एकजुट होकर इस मार्ग पर पत्थर डलवाए थे। इससे कुछ राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन बारिश होते ही हालात दोबारा बदतर हो गए। रविवार शाम करीब छह बजे एक ट्रक दलदलनुमा सड़क में फंस गया। चालक ने काफी प्रयास किया, मगर ट्रक आगे बढ़ नहीं सका। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की करीब तीन किलोमीटर लंबी कतार लग गई। साइड से कुछ वाहन निकालने में सफल रहे, मगर अधिकांश फंसे रह गए। रात भर इसका कोई समाधान नहीं हो सका। राहगीर जाम में फंसकर परेशान होते रहे। सूचना पर पुलिस पहुंची मगर जाम नहीं खुलवाया जा सका। दूसरे दिन सोमवार को भी घंटों मशक्कत चलती रही। पुलिस प्रशासन की तरफ से कोई समाधान नहीं निकलने पर आसपास के ग्रामीण और जाम में फंसे ट्रक चालक आगे आए। किसी तरह साइड से वाहनों के निकलने की जगह बनाई। फंसे हुए ट्रक को भी किसी तरह किनारे किया जा सका। सुबह करीब 10 बजे के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकी। मगर जगह कम होने की वजह से एक-एक करके ही वाहन आगे बढ़ाए गए। दिन भर इस मार्ग पर वाहन रेंगते नजर आए।
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स्टोन क्रेसर से रेत लदा ट्रक लेकर पीलीभीत जाने को निकले थे। मगर घंटों तक जाम में फंसकर रह गए। रात भर पुलिस- प्रशासन के किसी जिम्मेदार ने कोई सुध नहीं ली। प्रशासन को सड़क का सुधार कराना चाहिए। - राजेश कुमार, ट्रक चालक
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बहेड़ी से ट्रक में माल लेकर सोमवार तड़के चार बजे निकला था। जाम में ऐसा फंसा कि दोपहर एक बजे के बाद निकलने को मिला। प्रशासन के अफसरों को जनता की तकलीफों से कोई लेना देना नहीं है। - सतीश कुमार, ट्रक चालक
उत्तराखंड से रेत लदा ट्रक लेकर बीसलपुर जाने को निकले थे। रविवार रात आठ बजे से जाम में फंसा रहा। न खाने को कुछ मिला, न ही पीने को पानी। सोमवार दोपहर 12 बजेे के बाद गाड़ी आगे बढ़ सकी। - छोटे खान, ट्रक चालक