फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Health

बॉर्डर से आने वालों की नहीं हो रही जांच, संक्रमण बढ़ने का खतरा

Tue, 20 Jul 2021 12:12 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 20 Jul 2021 12:12 AM IST
विज्ञापन
Health
पीलीभीत। अगर आप उत्तराखंड जा रहे है, तो आपको 72 घंटे पुरानी आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट दिखाना होगी। लेकिन उत्तराखंड या किसी अन्य राज्य से जिले में आने वालों के लिए कोई भी जांच रिपोर्ट की बाध्यता नहीं है। यह हम इसलिए कह रहे हैं कि जिले में बॉर्डर पर होने वाली सैंपलिंग को बंद कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की इस लापरवाही से जिले पर संक्रमण का खतरा दोबारा से मंडराने लगा है। जबकि विशेषज्ञ लगातार तीसरी लहर आने की संभावना जता रहे हैं। प्रदेश के कुछ इलाकों में वैरिएंट डेल्टा प्लस के केस भी सामने आए है। लेकिन इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग इसको लेकर कोई कदम नहीं उठा रहा है।
विज्ञापन

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में जिले में 6500 से अधिक केस निकले थे और 283 लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। अप्रैल और मई में संक्रमण तेजी से फैला था। दस जून के बाद संक्रमण की स्थिति थमना शुरू हो गई। वर्तमान में सिर्फ तीन केस चल रहे हैं। जैसे-जैसे संक्रमण थमने लगा। वैसे-वैसे स्वास्थ्य विभाग ने कोविड को लेकर लापरवाही बरतना शुुरू कर दी। जबकि शासन ने निर्देश दिए थे कि दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों की निगरानी करने के साथ उनकी कोविड की जांच रिपोर्ट निगेटिव होने पर प्रवेश दिया जाए। लेकिन जिले में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा किसी भी बॉर्डर पर सैंपलिंग नहीं कराई जा रही है। मझोला से एक किलोमीटर दूरी पर उत्तराखंड का बॉर्डर शुरू हो जाता है। इसके अलावा अमरिया में सितारगंज का बॉर्डर है। जहां से लोगों को आवागमन होता है, लेकिन इसके बाद भी किसी भी बॉर्डर पर सैंपलिंग करने के लिए टीम नहीं लगाई गई है, जबकि उत्तराखंड में बॉर्डर पर चेकिंग करने के साथ आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट दिखाने वाले व्यक्ति को ही प्रवेश दे रहे हैं। वहीं जिले में लोग बिना जांच के ही जिले में प्रवेश कर रहे हैं। बॉर्डर पर किसी भी बाहरी व्यक्ति की चेकिंग तो दूर की बात, उन्हें रोककर पूछने तक की जहमत नहीं उठाई जा रही है। मझोला-खटीमा बॉर्डर से प्रतिदिन हजारों लोगों को आवागमन जिले में होता है, लेकिन उनकी कोरोना जांच नहीं की जाती है। ऐसे में जिले में संक्रमण बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार तीसरी लहर आने का अंदेशा जता रहे हैं। फिर भी स्वास्थ्य विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
विज्ञापन

बॉर्डर पर सैंपलिंग कराई गई थी। अभी कुछ दिन से बंद है। अब इसे शुरू कराया जा रहा है। बिना जांच के किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed