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फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा पूरनपुर का महिला अस्पताल
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पूरनपुर। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे सिर्फ कागजों में ही सफल हो सके हैं। नगर के महिला चिकित्सालय की बात करें तो यह फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा है। संविदा महिला चिकित्सक की तैनाती की गई, लेकिन वह प्रशिक्षण को चली गईं। इसके बाद से महिला मरीजों को बैरंग होना पड़ता है। पर्चा बनाने से लेकर दवाई वितरण तक की जिम्मेदारी सिर्फ फार्मासिस्ट के सहारे है।
तहसील क्षेत्र के चार सौ गांवों में करीब पांच लाख आबादी है। क्षेत्र की महिलाओं को चिकित्सीय सुविधा देने के लिए साल 1985 में सीओ कार्यालय पास ग्राम पंचायत की जमीन पर महिला चिकित्सालय का निर्माण कराया गया था। छह बेड के अस्पताल में एक डॉक्टर के अलावा दो फार्मासिस्ट, एक चौकीदार, एक सफाई कर्मचारी, कुक, वार्ड आया के पद सृजित हैं, लेकिन सालों से अस्पताल में सृजित पदों के अनुसार स्टाफ की तैनाती नहीं है। कुछ साल पहले संविदा महिला चिकित्सक की तैनाती की गई। मगर वह भी प्रशिक्षण करने चली गईं। वर्तमान में फार्मासिस्ट राजेश कश्यप के सहारे अस्पातल चल रहा है। एक अन्य फार्मासिस्ट राज दत्त पांडेय पूर्व में ही सीएचसी से संबद्ध कर दिए गए। ऐसे में अब महिला मरीजों को सीएचसी भेज दिया जाता है। जबकि सामान्य रोगों में खांसी, बुखार, जुकाम के मरीजों को दवाई भी पर्याप्त नहीं मिलती।
महिला चिकित्सालय में कोई इंतजाम नहीं हैं। मरीज को सीएचसी भेज दिया जाता है। मामूली दवाएं भी नहीं मिल पाती हैं। महिला चिकित्सालय में इलाज मिल पाना ही मुश्किल है। - इश्त्याक उर्फ कल्लू, रजागंज
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शुरू में तो अस्पताल में कुछ सुविधाएं मरीजों को मिल रही थीं। अब तो महिला चिकित्सालय का कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है। अक्सर अस्पताल से बैरंग होना पड़ता है। - बब्बू, लाइनपार साहूकारा
तहसील मुख्यालय पर महिला चिकित्सालय नाम मात्र का ही है। महिला मरीजों को न तो महिला अस्पताल में कोई सुविधाएं मिल रही हैं और न सीएचसी में। सीएचसी में स्थायी महिला चिकित्सक की तैनाती न होने से सीएचसी में एएनएम ही प्रसव कराती हैं। - इरफान, रजागंज
महिला चिकित्सालय का बुरा हाल है। यहां प्रसव को पहुंचने वाली महिलाओं को प्राइवेट अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। कुछ गिनी चुनी दवाईयां देकर कर्तव्यों से इतिश्री कर ली जाती है। - तौफीक अहमद कादरी, नगरपालिका सदस्य
महिला चिकित्सालय और सीएचसी में दो संविदा महिला डॉक्टरों की तैनाती है। महिला चिकित्सालय में तैनात चिकित्सक ट्रेनिंग पर गई हैं। महिला चिकित्सालय से सीएचसी की दूरी मात्र एक किलोमीटर ही है। ऐसे में वहां इलाज दे दिया जाता है। - डॉ. प्रेम सिंह राजपूत, प्रभारी चिकित्साधिकारी
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तहसील क्षेत्र के चार सौ गांवों में करीब पांच लाख आबादी है। क्षेत्र की महिलाओं को चिकित्सीय सुविधा देने के लिए साल 1985 में सीओ कार्यालय पास ग्राम पंचायत की जमीन पर महिला चिकित्सालय का निर्माण कराया गया था। छह बेड के अस्पताल में एक डॉक्टर के अलावा दो फार्मासिस्ट, एक चौकीदार, एक सफाई कर्मचारी, कुक, वार्ड आया के पद सृजित हैं, लेकिन सालों से अस्पताल में सृजित पदों के अनुसार स्टाफ की तैनाती नहीं है। कुछ साल पहले संविदा महिला चिकित्सक की तैनाती की गई। मगर वह भी प्रशिक्षण करने चली गईं। वर्तमान में फार्मासिस्ट राजेश कश्यप के सहारे अस्पातल चल रहा है। एक अन्य फार्मासिस्ट राज दत्त पांडेय पूर्व में ही सीएचसी से संबद्ध कर दिए गए। ऐसे में अब महिला मरीजों को सीएचसी भेज दिया जाता है। जबकि सामान्य रोगों में खांसी, बुखार, जुकाम के मरीजों को दवाई भी पर्याप्त नहीं मिलती।
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महिला चिकित्सालय में कोई इंतजाम नहीं हैं। मरीज को सीएचसी भेज दिया जाता है। मामूली दवाएं भी नहीं मिल पाती हैं। महिला चिकित्सालय में इलाज मिल पाना ही मुश्किल है। - इश्त्याक उर्फ कल्लू, रजागंज
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शुरू में तो अस्पताल में कुछ सुविधाएं मरीजों को मिल रही थीं। अब तो महिला चिकित्सालय का कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है। अक्सर अस्पताल से बैरंग होना पड़ता है। - बब्बू, लाइनपार साहूकारा
तहसील मुख्यालय पर महिला चिकित्सालय नाम मात्र का ही है। महिला मरीजों को न तो महिला अस्पताल में कोई सुविधाएं मिल रही हैं और न सीएचसी में। सीएचसी में स्थायी महिला चिकित्सक की तैनाती न होने से सीएचसी में एएनएम ही प्रसव कराती हैं। - इरफान, रजागंज
महिला चिकित्सालय का बुरा हाल है। यहां प्रसव को पहुंचने वाली महिलाओं को प्राइवेट अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। कुछ गिनी चुनी दवाईयां देकर कर्तव्यों से इतिश्री कर ली जाती है। - तौफीक अहमद कादरी, नगरपालिका सदस्य
महिला चिकित्सालय और सीएचसी में दो संविदा महिला डॉक्टरों की तैनाती है। महिला चिकित्सालय में तैनात चिकित्सक ट्रेनिंग पर गई हैं। महिला चिकित्सालय से सीएचसी की दूरी मात्र एक किलोमीटर ही है। ऐसे में वहां इलाज दे दिया जाता है। - डॉ. प्रेम सिंह राजपूत, प्रभारी चिकित्साधिकारी