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जांच में लीपापोती कर सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षिका को क्लीनचिट
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पूरनपुर (पीलीभीत)। सीएचसी आई गर्भवती को प्रसव के लिए सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षिका के आवास पर ले जाने, वहां पांच हजार रुपये लेकर प्रसव कराने और नवजात की मौत हो जाने के मामले में लीपापोती कर जांच पूरी कर ली गई है। जांच में सीएचसी से गर्भवती को बुलाकर किसी के घर ले जाने की शिकायत तो सही पाई गई है, लेकिन सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षिका को क्लीनचिट दे दी गई है। आखिर गर्भवती को सीएचसी से बुलाकर किसके घर ले जाकर प्रसव कराया गया, इसका जांच में कोई जिक्र नहीं है, जबकि शिकायतकर्ता ने सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षिका के घर ही प्रसव कराने का आरोप लगाया था। जांच में कई सवाल अनसुलझे रहे गए। अब सीएचसी से गर्भवती को बुलाकर ले जाने वाली महिला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही जा रही है।
गांव अंडबोझी निवासी रणजीत सिंह 20 अगस्त को अपनी पत्नी रजविंदर कौर को प्रसव पीड़ा के चलते सीएचसी लाए थे। वहां रुखसाना नाम की महिला ने सीएचसी में प्रसव न होने की जानकारी दी। रणजीत सिंह का आरोप है कि रजविंदर कौर को एक सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षिका के आवास पर ले जाकर उसका प्रसव करवा दिया गया। बदले में पांच हजार रुपये की वसूली की गई। नवजात की हालत खराब होने पर रात को रजविंदर कौर और उसे नवजात शिशु के साथ आवास से भगा दिया गया था। दंपती ने नवजात के साथ नगर के एक धार्मिक स्थल में शरण ली। अगले दिन नवजात की मौत हो गई। रजविंदर की हालत खराब होने पर उसे सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया। रणनीत सिंह ने एमओआईसी से घटना की लिखित शिकायत की। मुख्यमंत्री को भी शिकायती पत्र भेजा गया। शिकायत पर अगले दिन सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने सीएचसी पहुंचकर रणजीत सिंह के बयान दर्ज किए। एमओआईसी डॉ. छत्रपाल को जांच के निर्देश दिए गए। जांच को शुरू से गंभीरता से नहीं लिया गया। बयान लेने के बाद सीएमओ ने मामले की जानकारी से अनभिज्ञता व्यक्त की। मामला अखबार की सुर्खियां बनने पर जांच शुरू हुई। जांच में सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षिका को कैसे बचाया जाए। पहले इसका तानाबना बुना गया। इसके बाद जांच पूरी कर सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षिका को क्लीनचिट दे दी गई। जांच में पाया गया कि प्रसव को सीएचसी आई रजविंदर कौर को रुखसाना नाम की महिला बुलाकर ले गई थी। रुखसाना को दोषी मानते हुए उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात कही जा रही है। अब सवाल यह है कि जब रुखसाना सीएचसी से रजविंदर कौर को बुलाकर ले गई तो उसने प्रसव किसके घर में कराया था, जबकि शिकायतकर्ता ने सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षिका के घर में ही प्रसव कराने का आरोप लगाया था।
जांच में सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षिका के आवास में प्रसव न कराया जाना पाया गया। उसके घर मेें प्रसव होने के कोई सबूत नहीं मिले। रजविंदर कौर को रुखसाना नाम की महिला सीएचसी से बुलाकर ले गई थी, यह बात जांच में सही पाई गई है। रुखसाना की पहचान हो गई है। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को शीघ्र ही कोतवाली पुलिस को तहरीर दी जाएगी।
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-डॉ. छत्रपाल सिंह, एमओआईसी
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गांव अंडबोझी निवासी रणजीत सिंह 20 अगस्त को अपनी पत्नी रजविंदर कौर को प्रसव पीड़ा के चलते सीएचसी लाए थे। वहां रुखसाना नाम की महिला ने सीएचसी में प्रसव न होने की जानकारी दी। रणजीत सिंह का आरोप है कि रजविंदर कौर को एक सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षिका के आवास पर ले जाकर उसका प्रसव करवा दिया गया। बदले में पांच हजार रुपये की वसूली की गई। नवजात की हालत खराब होने पर रात को रजविंदर कौर और उसे नवजात शिशु के साथ आवास से भगा दिया गया था। दंपती ने नवजात के साथ नगर के एक धार्मिक स्थल में शरण ली। अगले दिन नवजात की मौत हो गई। रजविंदर की हालत खराब होने पर उसे सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया। रणनीत सिंह ने एमओआईसी से घटना की लिखित शिकायत की। मुख्यमंत्री को भी शिकायती पत्र भेजा गया। शिकायत पर अगले दिन सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने सीएचसी पहुंचकर रणजीत सिंह के बयान दर्ज किए। एमओआईसी डॉ. छत्रपाल को जांच के निर्देश दिए गए। जांच को शुरू से गंभीरता से नहीं लिया गया। बयान लेने के बाद सीएमओ ने मामले की जानकारी से अनभिज्ञता व्यक्त की। मामला अखबार की सुर्खियां बनने पर जांच शुरू हुई। जांच में सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षिका को कैसे बचाया जाए। पहले इसका तानाबना बुना गया। इसके बाद जांच पूरी कर सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षिका को क्लीनचिट दे दी गई। जांच में पाया गया कि प्रसव को सीएचसी आई रजविंदर कौर को रुखसाना नाम की महिला बुलाकर ले गई थी। रुखसाना को दोषी मानते हुए उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात कही जा रही है। अब सवाल यह है कि जब रुखसाना सीएचसी से रजविंदर कौर को बुलाकर ले गई तो उसने प्रसव किसके घर में कराया था, जबकि शिकायतकर्ता ने सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षिका के घर में ही प्रसव कराने का आरोप लगाया था।
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जांच में सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षिका के आवास में प्रसव न कराया जाना पाया गया। उसके घर मेें प्रसव होने के कोई सबूत नहीं मिले। रजविंदर कौर को रुखसाना नाम की महिला सीएचसी से बुलाकर ले गई थी, यह बात जांच में सही पाई गई है। रुखसाना की पहचान हो गई है। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को शीघ्र ही कोतवाली पुलिस को तहरीर दी जाएगी।
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-डॉ. छत्रपाल सिंह, एमओआईसी