फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Hanging would establish the rule of law

याकूब मेनन की फांसी से स्थापित होगा कानून का राज

Wed, 29 Jul 2015 11:35 PM IST
पीलीभीत।
पीलीभीत। Updated Wed, 29 Jul 2015 11:35 PM IST
विज्ञापन
Hanging would establish the rule of law
 1993 के मुंबई सीरियल बम धमाकों के दोषी याकूब मेनन की फांसी पर रोक लगाने
विज्ञापन
की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। 30 जुलाई को उसे फांसी के फंदे पर चढ़ाया  जाएगा। उसको फांसी दिए जाने से देश में कानून का राज स्थापित होगा। ऐसा मानना प्रमुख लोगों का है।
सैकड़ों लोगों की मौत के जिम्मेंदार याकूब मेनन की फांसी का मामला काफी दिनों से कानूनी मकडजाल में उलझा था। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट का फैंसला आते ही यह साफ हो गया कि याकूब को उसके किए की सजा 30 जुलाई को मिल जाएगी। देश की ओर कुदृष्टि रखने वाले और निर्दोषों को मौत के आगोश में समेटने वालों को उनके किए का दंड मिलने से ही कानूून की मंशा पूरी होगी।
स्वागत योग्य है फैसला
सेंट्रल बार एसोसिएशन अध्यक्ष अधिवक्ता अमित मिश्रा ने कहा कि संविधान में विश्वास रखने वाले प्रत्येक नागरिक को याकूब मेनन को दी जाने वाली फांसी की सजा की सराहना करनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट का फैंसला स्वागत योग्य है।
सुप्रीम कोर्ट ने निभाई न्यायिक प्रक्रिया  
फौजदारी के अधिवक्ता महेंद्र मिश्रा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का फैंसला सही है। निर्दोषों को मौत के घाट उतारने वालों के लिए फांसी की सजा बिल्कुल सही है।  उसे भारतीय कानूनों के तहत ही न्यायिक प्रक्रिया अपनाकर सजा दी जा रही है।
देशद्रोहियों को मिलेगी चेतावनी
केंद्रीय मंत्री मेनका संजय गांधी ने कहा है कि याकूब मेनन की फांसी से देशद्रोहियों को कड़ी चेतावनी मिलेगी। मेनन ने निर्दोषों को मौत के घाट उतारकर जो गुनाह किया है। उसकी सजा फांसी से कम होना न्याय संगत नहीं है।
सही समय पर आया फैसला
भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश गंगवार का कहना है कि याकूब मेनन की फांसी विधि संगत व तर्क संगत है। देशद्रोहियों को किसी भी तरह की रियात देना उचित नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने सही समय पर सही फैसला सुनाया है।
000
खादी ग्रामोद्योग राज्यमंत्री हाजी रियाज अहमद ने कहा कि अपराधी की कोई जाति व धर्म नहीं होता। अपराधी को सजा मिलनी चाहिए। संविधान में अपराधों की अलग-अलग सजाएं हैं। याकूब ने गंभीर अपराध किया था। उससे अपराध के मुताबिक ही सजा मिली है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed