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गांव पसगवां के जलाशय को पक्षी विहार बनवाने का किया जाएगा प्रयास
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बीसलपुर। प्रथम बार चुनाव जीतकर प्रधान बनीं गांव पसगवां की 40 वर्षीय ईशा देवी की प्राथमिकता गांव के जलाशय को पक्षी विहार बनवाने की है। इस जलाशय में सर्दी के मौसम में सैकड़ों की संख्या में साइबेरियन पक्षी आते हैं।
बिलसंडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत पसगवां की आबादी तीन हजार और मतदाता 1502 हैं। गांव में 70 फीसदी लोग शिक्षित हैं। इस गांव की पहचान जलाशय से है। इस जलाशय में सर्दी के मौसम में सैकड़ों की संख्या में साइबेरियन पक्षी आते हैं। इस गांव को साइबेरियन पक्षी वाला गांव भी कहा जाता है। यह विदेशी पक्षी सर्दी का मौसम खत्म होते ही स्वदेश लौट जाते हैं। पूरे पंाच माह तक यह साइबेरियन पक्षी उधर से गुजरने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहते हैं। ग्रामीणों का दावा है कि इतनी बड़ी संख्या में साइबेरियन पक्षी जिले के किसी भी जलाशय में नहीं आते हैं। गांव से सटा हुआ पीलीभीत टाइगर रिजर्व का जंगल है। इस बार चुनाव में पांच प्रत्याशी थे। अनारक्षित होने के बावजूद ईशा देवी को प्रधान होने का मौका मिला है। नवनिर्वाचित प्रधान ने वैसे तो गांव की अधिकांश समस्याओं को हल कराने का दावा किया है, लेकिन साइबेरियन पक्षियों वाले जलाशय को पक्षी बिहार घोषित कराने पर वह काफी बल दे रही है।
ग्राम पंचायत पसगवां
आबादी-3000
मतदाता-1502
साक्षरता-70 प्रतिशत
पहचान-साइबेरियन पक्षियों वाला जलाशय
समस्याएं
-सड़कें व गलियां जर्जर
- कुछ पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलना
- शुद्ध पेयजल उपलब्ध न होना
- कुछ कच्ची सड़कों और गलियों का पक्का न होना
प्राथमिकताएं
- साइबेरियन पक्षियों वाले जलाशय को पक्षी विहार बनवाना
- वंचित पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना
- जर्जर सड़कों, गलियों की मरम्मत कराना
- बारात घर का निर्माण कराना।
बीसलपुर-बिलसंडा रोड से गांव तक आने वाला पक्का रोड काफी जर्जर है। इससे ग्रामीणों को आने जाने में काफी दिक्कत हो रही है। यदि इस रोड की मरम्मत हो जाए तो काफी सुविधा हो जाएगी। - अतुल शर्मा, ग्रामीण
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जर्जर सड़कों, गलियों की मरम्मत किया जाना और आवश्यकतानुसार नई सड़कें बनवाना बहुत जरूरी है। बरसाती पानी के निकास के लिए नाला बनना भी अति आवश्यक है। ताकि जलभराव से राहत मिल सके। -शेर सिंह, ग्रामीण
गांव से सटे जंगल के किनारे पर तारों की बाड़ लगनी बहुत जरूरी है। बाड़ न लगी होने से जंगल से अक्सर जंगली जानवर निकलकर गांव में आ जाते हैं। इससे ग्रामीणों को काफी खतरा बना रहता है। -राजपाल सिंह, ग्रामीण
ग्रामीणों के विश्वास को रखा जाएगा कायम
ग्रामीणों ने जिस आशा और विश्वास के साथ उन्हें प्रधान बनाया है, उस आशा और विश्वास को हर हालत में कायम रखा जाएगा। साइबेरियन पक्षियों वाले जलाशय को पक्षी विहार बनवाने के संबंध में हर संभव प्रयास किए जाएंगे। अन्य समस्याओं को भी हल कराया जाएगा।-ईशा देवी, ग्राम प्रधान
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बिलसंडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत पसगवां की आबादी तीन हजार और मतदाता 1502 हैं। गांव में 70 फीसदी लोग शिक्षित हैं। इस गांव की पहचान जलाशय से है। इस जलाशय में सर्दी के मौसम में सैकड़ों की संख्या में साइबेरियन पक्षी आते हैं। इस गांव को साइबेरियन पक्षी वाला गांव भी कहा जाता है। यह विदेशी पक्षी सर्दी का मौसम खत्म होते ही स्वदेश लौट जाते हैं। पूरे पंाच माह तक यह साइबेरियन पक्षी उधर से गुजरने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहते हैं। ग्रामीणों का दावा है कि इतनी बड़ी संख्या में साइबेरियन पक्षी जिले के किसी भी जलाशय में नहीं आते हैं। गांव से सटा हुआ पीलीभीत टाइगर रिजर्व का जंगल है। इस बार चुनाव में पांच प्रत्याशी थे। अनारक्षित होने के बावजूद ईशा देवी को प्रधान होने का मौका मिला है। नवनिर्वाचित प्रधान ने वैसे तो गांव की अधिकांश समस्याओं को हल कराने का दावा किया है, लेकिन साइबेरियन पक्षियों वाले जलाशय को पक्षी बिहार घोषित कराने पर वह काफी बल दे रही है।
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ग्राम पंचायत पसगवां
आबादी-3000
मतदाता-1502
साक्षरता-70 प्रतिशत
पहचान-साइबेरियन पक्षियों वाला जलाशय
समस्याएं
-सड़कें व गलियां जर्जर
- कुछ पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलना
- शुद्ध पेयजल उपलब्ध न होना
- कुछ कच्ची सड़कों और गलियों का पक्का न होना
प्राथमिकताएं
- साइबेरियन पक्षियों वाले जलाशय को पक्षी विहार बनवाना
- वंचित पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना
- जर्जर सड़कों, गलियों की मरम्मत कराना
- बारात घर का निर्माण कराना।
बीसलपुर-बिलसंडा रोड से गांव तक आने वाला पक्का रोड काफी जर्जर है। इससे ग्रामीणों को आने जाने में काफी दिक्कत हो रही है। यदि इस रोड की मरम्मत हो जाए तो काफी सुविधा हो जाएगी। - अतुल शर्मा, ग्रामीण
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जर्जर सड़कों, गलियों की मरम्मत किया जाना और आवश्यकतानुसार नई सड़कें बनवाना बहुत जरूरी है। बरसाती पानी के निकास के लिए नाला बनना भी अति आवश्यक है। ताकि जलभराव से राहत मिल सके। -शेर सिंह, ग्रामीण
गांव से सटे जंगल के किनारे पर तारों की बाड़ लगनी बहुत जरूरी है। बाड़ न लगी होने से जंगल से अक्सर जंगली जानवर निकलकर गांव में आ जाते हैं। इससे ग्रामीणों को काफी खतरा बना रहता है। -राजपाल सिंह, ग्रामीण
ग्रामीणों के विश्वास को रखा जाएगा कायम
ग्रामीणों ने जिस आशा और विश्वास के साथ उन्हें प्रधान बनाया है, उस आशा और विश्वास को हर हालत में कायम रखा जाएगा। साइबेरियन पक्षियों वाले जलाशय को पक्षी विहार बनवाने के संबंध में हर संभव प्रयास किए जाएंगे। अन्य समस्याओं को भी हल कराया जाएगा।-ईशा देवी, ग्राम प्रधान

बीसलपुर के गांव पसगवां के इसी जलाशय में आते हैं साइबेरियन पक्षी।- फोटो : PILIBHIT