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पीटीआर की वन चौकियों, बैरियरों की तलब की जीपीएस लोकेशन
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पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में स्थित वन चौकियों, रेंज कार्यालय, बैरियर आदि की जीपीएस लोकेशन तलब की गई है। पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर के मुताबिक, यह कवायद जंगल क्षेत्र और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर की गई है।
देश समेत दुनिया के 13 देशों में बाघों की बढ़ती संख्या को लेकर पहले पायदान पर पहुंचे पीलीभीत टाइगर रिजर्व के अफसरों और कर्मचारियों के हौसले बुलंद हैं। पीलीभीत टाइगर रिजर्व 73 हजार हेक्टेयर में फैला हुआ है। उधर, टाइगर रिजर्व के अफसरों ने जंगल और वन्यजीवों की बेहतरी की कवायद शुरू की है।
टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने सभी पांचों रेंजों में स्थित बैरियर, वन चौकी, तालाब, नदी, रेंज कार्यालय सहित कर्मचारी आवासों की जीपीएस लोकेशन तलब की है। इस पर सभी रेंजों में तेजी से काम शुरू किया जा चुका है। संभवता दो-तीन दिन में यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। माना जा रहा है कि जीपीएस लोकेशन मिलने के बाद उच्चाधिकारी जंगल की बेहतर तरीके से निगरानी कर सकेंगे।
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टाइगर रिजर्व के सभी मुख्य स्थानों की जीपीएस लोकेशन ली जा रही है। जंगल में और क्या बेहतर किया जा सकता है। आने वाले समय में इस पर काम किया जाएगा।
- नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
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देश समेत दुनिया के 13 देशों में बाघों की बढ़ती संख्या को लेकर पहले पायदान पर पहुंचे पीलीभीत टाइगर रिजर्व के अफसरों और कर्मचारियों के हौसले बुलंद हैं। पीलीभीत टाइगर रिजर्व 73 हजार हेक्टेयर में फैला हुआ है। उधर, टाइगर रिजर्व के अफसरों ने जंगल और वन्यजीवों की बेहतरी की कवायद शुरू की है।
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टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने सभी पांचों रेंजों में स्थित बैरियर, वन चौकी, तालाब, नदी, रेंज कार्यालय सहित कर्मचारी आवासों की जीपीएस लोकेशन तलब की है। इस पर सभी रेंजों में तेजी से काम शुरू किया जा चुका है। संभवता दो-तीन दिन में यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। माना जा रहा है कि जीपीएस लोकेशन मिलने के बाद उच्चाधिकारी जंगल की बेहतर तरीके से निगरानी कर सकेंगे।
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टाइगर रिजर्व के सभी मुख्य स्थानों की जीपीएस लोकेशन ली जा रही है। जंगल में और क्या बेहतर किया जा सकता है। आने वाले समय में इस पर काम किया जाएगा।
- नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व