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छात्राएं सशक्त बनने को लें जूडो कराटे का प्रशिक्षण : सीओ
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बीसलपुर। कुंवर झनकार सिंह इंटर कॉलेज बरसिया में शनिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। सीओ प्रशांत सिंह ने कहा कि छात्राओं को सशक्त बनने के लिए जूडो कराटे का प्रशिक्षण लेना बहुत जरूरी है। प्रशिक्षण लेकर छात्राएं किसी विषम परिस्थिति में अपनी रक्षा आसानी से कर सकती हैं।
कॉलेज के प्रबंधक भूपेंद्र सिंह ने मुख्य अतिथि सीओ प्रशांत सिंह और विशिष्ट अतिथि कोतवाली प्रभारी नरेश कुमार त्यागी का स्वागत किया। सीओ ने छात्राओं को पहला संदेश सशक्त बनने का दिया। उन्होंने कहा कि छेड़खानी करने और फब्तियां कसने वालों को संभव हो सके तो छात्राएं आसपास के लेागों की मदद से पकड़कर पुलिस के हवाले करें। यदि ऐसा संभव न हो सके तो पुलिस को सूचना दें। विद्यार्थी इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय बड़ी सावधानी बरतें। किसी के द्वारा मांगे जाने पर ओटीपी, अपना बैंक खाता नंबर, एटीएम नंबर और पासवर्ड न दें। अन्यथा वे ठगी का शिकार हो सकते हैं। बाहर जाने पर पूरे परिवार का फोटो फेसबुक पर न डालें। ऐसा करने पर वारदात करने वाले असामाजिक तत्व उनके घरों के ताले तोड़कर चोरी कर सकते हैं। गांव में या घर में आग लगने पर पहले सामूहिक रूप से आग बुझाने का प्रयास करें। प्रयास सफल न होने पर फायर बिग्रेड और पुलिस को सूचना दें। दुघर्टना होने पर 108 नंबर पर काल कर एंबुलेंस को बुलाया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर पुलिस भी घटना स्थल पर पहुंच जाएगी। कोतवाली प्रभारी नरेश त्यागी ने बतौर विशिष्ट अतिथि कहा कि विद्यार्थी सड़क पर चलते समय यातायात के नियमों का पूरी तरह से पालन करें। 18 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थी बाइक न चलाएं। ओवरटेक हमेशा दायीं ओर से करें। वाहन हमेशा निर्धारित गति पर ही चलाएं। पाठशाला की अध्यक्षता प्रबंधक भूपेंद्र सिंह ने और संचालन मुकेश सक्सेना ने किया। प्रधानाचार्य दुर्गपाल सिंह ने आगंतुकों का आभार जताया।
सीओ ने दिए विद्यार्थियों के इन सवालों के जवाब
0 थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने वाले मुंशी द्वारा घूस मांगने पर क्या किया जाए।
0 अनजाने नंबर से कॉल आने पर क्या किया जाए।
0 आईपीएस बनने की क्या अहर्ताएं हैं।
0 हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने से क्या लाभ है।
0 देश के सभी प्रदेशों में पुलिस की वर्दी अलग अलग क्यों है।
0- पुलिस अधिकारियों के बैच अलग अलग क्यों हैं।
0- यातायात के नियमों का पालन करना जरूरी क्यों हैं।
0 कितनी गति से बाइक और कार चलानी चाहिए।
0- बाइकों पर नए स्टाइल की नंबर प्लेट लगानी क्यों जरूरी है।
0- पुलिस और सेना की वर्दी, सेल्यूट मारने के तरीके में अंतर क्यों है।
0 सड़कों के टोल प्लाजा पर टैक्स देना जरूरी क्यों है।
सीओ ने विद्यार्थियों को दी सीख
विद्यार्थी मन से पढ़ाई कर ऊंचे ऊंचे ओहदों पर पहुंचकर अपने परिजन, कॉलेज, गांव और जिले का नाम रोशन करें।
अपना नाम पता गोपनीय रखने वाले शिकायत कर्ता 1090 पर काल कर सकते हैं।
विद्यार्थियों को पुलिस का सिपाही बनने के लिए न्यूनतम रूप से इंटरमीडिएट, अधिकारी बनने के लिए न्यूनतम रूप से स्नातक की शिक्षा ग्रहण करनी पड़ेगी।
ओवर स्पीट वाहन बिल्कुल न चलाएं। ऐसा करने पर जुर्माना पड़ सकता है।
अपनी जानकारी किसी अपरिचित के साथ साझा न करें।
क्या बोली छात्राएं-
पुलिस पाठशाला में काफी ऐसी जानकारियां मिली हैं, जो हमारे जीवन के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं। - अंशिका, कक्षा 11
ऐसे आयोजन छात्राओं के लिए काफी उपयोगी है। इस तरह के अभियान अन्य सामाजिक संस्थाओं को भी चलाना चाहिए। - अनुष्का सिंह, कक्षा 11
काफी छात्राएं पुलिस में नौकरी करना चाहती है लेकिन उचित निर्देशन न मिल पाने के कारण वे इस दिशा में आगे नहीं बढ़ पाती हैं। ऐसे कार्यक्रम से उन्हें काफी लाभ हुआ है - कुमकुम, कक्षा 12
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पाठशाला से सभी छात्राओं को कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। जो उन्हें आगे बढ़ने में काफी काम आएगा। - लता, कक्षा 10
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कॉलेज के प्रबंधक भूपेंद्र सिंह ने मुख्य अतिथि सीओ प्रशांत सिंह और विशिष्ट अतिथि कोतवाली प्रभारी नरेश कुमार त्यागी का स्वागत किया। सीओ ने छात्राओं को पहला संदेश सशक्त बनने का दिया। उन्होंने कहा कि छेड़खानी करने और फब्तियां कसने वालों को संभव हो सके तो छात्राएं आसपास के लेागों की मदद से पकड़कर पुलिस के हवाले करें। यदि ऐसा संभव न हो सके तो पुलिस को सूचना दें। विद्यार्थी इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय बड़ी सावधानी बरतें। किसी के द्वारा मांगे जाने पर ओटीपी, अपना बैंक खाता नंबर, एटीएम नंबर और पासवर्ड न दें। अन्यथा वे ठगी का शिकार हो सकते हैं। बाहर जाने पर पूरे परिवार का फोटो फेसबुक पर न डालें। ऐसा करने पर वारदात करने वाले असामाजिक तत्व उनके घरों के ताले तोड़कर चोरी कर सकते हैं। गांव में या घर में आग लगने पर पहले सामूहिक रूप से आग बुझाने का प्रयास करें। प्रयास सफल न होने पर फायर बिग्रेड और पुलिस को सूचना दें। दुघर्टना होने पर 108 नंबर पर काल कर एंबुलेंस को बुलाया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर पुलिस भी घटना स्थल पर पहुंच जाएगी। कोतवाली प्रभारी नरेश त्यागी ने बतौर विशिष्ट अतिथि कहा कि विद्यार्थी सड़क पर चलते समय यातायात के नियमों का पूरी तरह से पालन करें। 18 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थी बाइक न चलाएं। ओवरटेक हमेशा दायीं ओर से करें। वाहन हमेशा निर्धारित गति पर ही चलाएं। पाठशाला की अध्यक्षता प्रबंधक भूपेंद्र सिंह ने और संचालन मुकेश सक्सेना ने किया। प्रधानाचार्य दुर्गपाल सिंह ने आगंतुकों का आभार जताया।
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सीओ ने दिए विद्यार्थियों के इन सवालों के जवाब
0 थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने वाले मुंशी द्वारा घूस मांगने पर क्या किया जाए।
0 अनजाने नंबर से कॉल आने पर क्या किया जाए।
0 आईपीएस बनने की क्या अहर्ताएं हैं।
0 हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने से क्या लाभ है।
0 देश के सभी प्रदेशों में पुलिस की वर्दी अलग अलग क्यों है।
0- पुलिस अधिकारियों के बैच अलग अलग क्यों हैं।
0- यातायात के नियमों का पालन करना जरूरी क्यों हैं।
0 कितनी गति से बाइक और कार चलानी चाहिए।
0- बाइकों पर नए स्टाइल की नंबर प्लेट लगानी क्यों जरूरी है।
0- पुलिस और सेना की वर्दी, सेल्यूट मारने के तरीके में अंतर क्यों है।
0 सड़कों के टोल प्लाजा पर टैक्स देना जरूरी क्यों है।
सीओ ने विद्यार्थियों को दी सीख
विद्यार्थी मन से पढ़ाई कर ऊंचे ऊंचे ओहदों पर पहुंचकर अपने परिजन, कॉलेज, गांव और जिले का नाम रोशन करें।
अपना नाम पता गोपनीय रखने वाले शिकायत कर्ता 1090 पर काल कर सकते हैं।
विद्यार्थियों को पुलिस का सिपाही बनने के लिए न्यूनतम रूप से इंटरमीडिएट, अधिकारी बनने के लिए न्यूनतम रूप से स्नातक की शिक्षा ग्रहण करनी पड़ेगी।
ओवर स्पीट वाहन बिल्कुल न चलाएं। ऐसा करने पर जुर्माना पड़ सकता है।
अपनी जानकारी किसी अपरिचित के साथ साझा न करें।
क्या बोली छात्राएं-
पुलिस पाठशाला में काफी ऐसी जानकारियां मिली हैं, जो हमारे जीवन के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं। - अंशिका, कक्षा 11
ऐसे आयोजन छात्राओं के लिए काफी उपयोगी है। इस तरह के अभियान अन्य सामाजिक संस्थाओं को भी चलाना चाहिए। - अनुष्का सिंह, कक्षा 11
काफी छात्राएं पुलिस में नौकरी करना चाहती है लेकिन उचित निर्देशन न मिल पाने के कारण वे इस दिशा में आगे नहीं बढ़ पाती हैं। ऐसे कार्यक्रम से उन्हें काफी लाभ हुआ है - कुमकुम, कक्षा 12
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पाठशाला से सभी छात्राओं को कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। जो उन्हें आगे बढ़ने में काफी काम आएगा। - लता, कक्षा 10