फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Girls empower themselves and get success

बेटियां स्वयं को सक्षम बनाएं और कामयाबी पाएं

Tue, 30 Nov 2021 02:30 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 30 Nov 2021 02:30 AM IST
विज्ञापन
Girls empower themselves and get success
कार्यक्रम में संबोधित करतीं चिकित्सक डॉ. प्रिया पांडेय। संवाद - फोटो : PILIBHIT
पूरनपुर। सकारात्मक सोच के साथ स्वयं को सक्षम बनाएं और कामयाबी पाएं। नकारात्मक सोच सफलता में रुकावट डालती है। नारी कभी पुरुषों से पीछे नहीं रही है। इतिहास इसका गवाह है। समस्या आने पर परेशान न हों। यह कहना है स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रिया पांडेय का
विज्ञापन

अमर उजाला अपराजिता-100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम के तहत सोमवार को श्रीसाईं गर्ल्स डिग्री कॉलेज में उन्होंने कहा कि नारी समाज की दिशा बदलने में सक्षम हैं। बेटियों को स्वयं सक्षम बनकर सफलता हासिल करनी है। प्रवक्ता अंशिका सक्सेना ने कहा कि कामयाबी, हक के लिए मन में दृढ़ संकल्प की जररूत है। महिलाएं निर्बल नहीं हैं। विवेकशील हैं। तब अपराजिता है। कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्रवक्ता सुद्धे जौहरी, नीलोफर, शालिनी दीक्षित, शोहवा, मौसमी गुप्ता, शीतल राय ने विचार रखे। प्रधानाचार्य तौसीफ अहमद ने संबोधन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। संचालन डॉ. जेनिफर पैट्रिक ने किया। कार्यक्रम में डीएलएड, बीएससी, बीए की छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
विज्ञापन

हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूं। समाज का भी नजरिया बदल रहा है। - आरजू आगाज
सशक्तीकरण की पहल घर से होनी चाहिए। बेटियों को भी स्वतंत्र जीवन जीने का अधिकार है। - रिचा शुक्ला
नारी स्वयं में शक्तिशाली है। शिक्षित होने पर अपने को और भी सशक्त बनाया जा सकता है। - कामना
खुद में विश्वास रखने से हर जगह कामयाबी मिलती है। चाहे सफलता प्राप्त करने की बात हो या फिर गलत बात का विरोध की बात हो। - मारिया नूरी
शोषण पर कभी शांत नहीं बैठ जाना चाहिए। बल्कि उसके खिलाफ मोर्चा खोलकर आगे बढ़ना चाहिए। - शिमोन मिश्रा
अपने हुनर को पहचान कर उसे और विकसित करना है। हिंसा पर चुप न रहकर आवाज उठानी चाहिए। - शिफा फातिया
समाज में बेटियों से ही रिश्ते बनते हैं। बेटी किसी की मां, बहन, बहू होती है। बेटियों के बगैर रिश्ते नहीं हो सकते। - खुशनूर खानम
अक्सर महिलाओं का शोषण होता है। इसका विरोध करना जरूरी है। विरोध न होने पर शोषण और बढ़ता रहता है। - साहिबा
बेटियों को सुरक्षित रहने के लिए खुद जागरूक रहना चाहिए। घटना के आभास पर ही विरोध करें। घटनाओं को रोका जा सकता है। - प्रांजलिका
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed