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मिल का पेराई सत्र खत्म
बीसलपुर/पीलीभीत।
Updated Thu, 16 Apr 2015 11:52 PM IST
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पूरे क्षेत्र का सारा गन्ना खत्म होने के बाद मिल प्रशासन ने बृहस्पतिवार की शाम पेराई सत्र का समापन कर दिया। मिल ने चालू पेराई सत्र में 27 लाख पांच हजार क्विंटल गन्ना पेरा है और दो लाख नौ हजार बोरी चीनी का उत्पादन किया है।
मिल के जीएम सुरेश चंद्रा ने बताया कि विभागीय उच्चाधिकारियों ने मिल को चालू पेराई सत्र में 26.5 लाख क्विंटल गन्ना पेरने का लक्ष्य दिया था, जिसके विपरीत मिल ने पेराई सत्र में 27 लाख पांच हजार क्विंटल गन्ना पेरा है, जबकि पिछले वर्ष मिल ने 25 लाख क्विंटल गन्ना पेरा था।
मिल को चालू पेराई सत्र में दो लाख बोरी चीनी का उत्पादन करने का लक्ष्य मिला था, जिसके विपरीत मिल ने दो लाख नौ हजार बोरी चीनी का उत्पादन किया है। मिल ने पिछले पेराई सत्र में 1.84 लाख बोरी चीनी का उत्पादन किया था। जीएम ने बताया कि पूरे क्षेत्र का सारा गन्ना खत्म हो जाने और उच्चाधिकारियों से अनुमति लेने के बाद बृहस्पतिवार की शाम मिल का पेराई सत्र बंद किया है।
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उन्होंने यह भी बताया कि चालू पेराई सत्र में पांच फरवरी तक खरीदे गए गन्ने के मूल्य का भुगतान कर दिया गया है। उसके बाद खरीदे गए गन्ने के मूल्य का भुगतान भी बहुत जल्द कर दिया जाएगा।
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मिल के जीएम सुरेश चंद्रा ने बताया कि विभागीय उच्चाधिकारियों ने मिल को चालू पेराई सत्र में 26.5 लाख क्विंटल गन्ना पेरने का लक्ष्य दिया था, जिसके विपरीत मिल ने पेराई सत्र में 27 लाख पांच हजार क्विंटल गन्ना पेरा है, जबकि पिछले वर्ष मिल ने 25 लाख क्विंटल गन्ना पेरा था।
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मिल को चालू पेराई सत्र में दो लाख बोरी चीनी का उत्पादन करने का लक्ष्य मिला था, जिसके विपरीत मिल ने दो लाख नौ हजार बोरी चीनी का उत्पादन किया है। मिल ने पिछले पेराई सत्र में 1.84 लाख बोरी चीनी का उत्पादन किया था। जीएम ने बताया कि पूरे क्षेत्र का सारा गन्ना खत्म हो जाने और उच्चाधिकारियों से अनुमति लेने के बाद बृहस्पतिवार की शाम मिल का पेराई सत्र बंद किया है।
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उन्होंने यह भी बताया कि चालू पेराई सत्र में पांच फरवरी तक खरीदे गए गन्ने के मूल्य का भुगतान कर दिया गया है। उसके बाद खरीदे गए गन्ने के मूल्य का भुगतान भी बहुत जल्द कर दिया जाएगा।