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बड़ी कंपनियों की रिजेक्टेड नमकीन लाते हैं पशु आहार के नाम पर...फिर हमें आपको वह सब मिलाकर खिलाते हैं
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पीलीभीत। सिस्टम की सरपरस्ती में ये मिलावटखोर हम-आपको क्या-क्या खिला रहे हैं, किसी ने इसकी कल्पना भी नहीं की होगी। बड़ी कंपनियां अपने ब्रांड के उत्पाद में कमी पाते ही जो नमकीन रिजेक्ट कर देतीं हैं, मिलावटखोर यही रिजेक्टेड नमकीन सस्ते दामों पर नीलामी में पशु आहार के नाम पर खरीद लेते हैं। फिर उसे लोकल ब्रांड में बदलकर त्योहारों पर बाजार में उतार देते हैं। आम लोगों के स्वास्थ्य से हो रहे खिलवाड़ के प्रति जिम्मेदार भी अंजान बने हुए हैं।
शहर में गैस चौराहा, चावला चौराहा, छिपियान मस्जिद, नींबू मंडी, किराना बाजार में नमकीन का बड़ा कारोबार होता है। होली के त्योहारी बाजार में मिलावटी नमकीन भी अपने पैर जमा चुकी है। गली- मोहल्लों में बड़े पैमाने पर इसका उत्पादन शुरू हो गया है। बड़ी कंपनियों की रिजेक्ट नमकीन से मिक्चर तैयार कर एक नए ब्रांड नाम से नमकीन तैयार कर बाजार में सप्लाई की जा रही है। मार्केट में जिस ब्रांड की नमकीन की खपत से सबसे ज्यादा है, मिलावटखोर उसी ब्रांड की नमकीन में ड्राई फ्रूट्स के साथ अन्य तमाम तरीके के मिश्रण मिलाकर नया लोकल ब्रांड बनाकर उसे सप्लाई करने में जुटे हैं। हालांकि घटिया और मिलावटी नमकीन का स्वाद ब्रांडेड नमकीन से बदला लगता है। नमकीन के ही कुछ बड़े कारोबारियों का कहना हैं कि पारले, हल्दीराम, बीकानेरी, बालाजी जैसी नामीगिरामी कंपनियों के रिजेक्ट उत्पादों से स्थानीय स्तर पर सिर्फ साधारण नमकीन ही नहीं. बल्कि सबसे ज्यादा बिकने वाली एक नए ब्रांड की नमकीन भी तैयार की जा रही है। उसे भी नामी गिरामी ब्रांडेड बताकर होली के मार्केट में सप्लाई किया जाने लगा है।
ऐसे होता है मिलावट का खेल
दरअसल ब्रांडेड कंपनियां जांच में खराब गुणवत्ता या निर्धारित मानक से कम वाले माल को कम कीमतों पर नीलाम करती हैं। जिसे मुनाफाखोर पशु आहार के तौर पर इस्तेमाल करने के बहाने खरीद लेते हैं। बाद में इसी रिजेक्टेड नमकीन में घटिया किशमिश, बादाम और काजू मिलाकर नए ब्रांड की नमकीन बना देते हैं। फिर उसे ब्रांडेड कंपनियों से बहुत कम कीमतों पर लोकल बाजार में उतार देते हें। ग्राहक जब त्योहारी सीजन के बाजार में नए तरह की नमकीन का ब्रांड देखता है तो वह उसे खरीद लेता है। धीरे-धीरे वह लोकल ब्रांड भी मार्केट में चलने लगता है। इस तरह की मिलावट रोकने के लिए एफएसडीए की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसके चलते मिलावटखोरों ने पूरे शहर में अपना जाल बिछा लिया है। गली-मोहल्लों तक घटिया नमकीन की सप्लाई होने लगी है।
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मिलावटखोरी के खिलाफ लगातार अभियान जारी है। कई दुकानों से सैंपल भी भरे गए। कहीं भी मिलावट की सूचना मिलती है, तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
- शंशाक त्रिपाठी अभिहत अधिकारी
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शहर में गैस चौराहा, चावला चौराहा, छिपियान मस्जिद, नींबू मंडी, किराना बाजार में नमकीन का बड़ा कारोबार होता है। होली के त्योहारी बाजार में मिलावटी नमकीन भी अपने पैर जमा चुकी है। गली- मोहल्लों में बड़े पैमाने पर इसका उत्पादन शुरू हो गया है। बड़ी कंपनियों की रिजेक्ट नमकीन से मिक्चर तैयार कर एक नए ब्रांड नाम से नमकीन तैयार कर बाजार में सप्लाई की जा रही है। मार्केट में जिस ब्रांड की नमकीन की खपत से सबसे ज्यादा है, मिलावटखोर उसी ब्रांड की नमकीन में ड्राई फ्रूट्स के साथ अन्य तमाम तरीके के मिश्रण मिलाकर नया लोकल ब्रांड बनाकर उसे सप्लाई करने में जुटे हैं। हालांकि घटिया और मिलावटी नमकीन का स्वाद ब्रांडेड नमकीन से बदला लगता है। नमकीन के ही कुछ बड़े कारोबारियों का कहना हैं कि पारले, हल्दीराम, बीकानेरी, बालाजी जैसी नामीगिरामी कंपनियों के रिजेक्ट उत्पादों से स्थानीय स्तर पर सिर्फ साधारण नमकीन ही नहीं. बल्कि सबसे ज्यादा बिकने वाली एक नए ब्रांड की नमकीन भी तैयार की जा रही है। उसे भी नामी गिरामी ब्रांडेड बताकर होली के मार्केट में सप्लाई किया जाने लगा है।
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ऐसे होता है मिलावट का खेल
दरअसल ब्रांडेड कंपनियां जांच में खराब गुणवत्ता या निर्धारित मानक से कम वाले माल को कम कीमतों पर नीलाम करती हैं। जिसे मुनाफाखोर पशु आहार के तौर पर इस्तेमाल करने के बहाने खरीद लेते हैं। बाद में इसी रिजेक्टेड नमकीन में घटिया किशमिश, बादाम और काजू मिलाकर नए ब्रांड की नमकीन बना देते हैं। फिर उसे ब्रांडेड कंपनियों से बहुत कम कीमतों पर लोकल बाजार में उतार देते हें। ग्राहक जब त्योहारी सीजन के बाजार में नए तरह की नमकीन का ब्रांड देखता है तो वह उसे खरीद लेता है। धीरे-धीरे वह लोकल ब्रांड भी मार्केट में चलने लगता है। इस तरह की मिलावट रोकने के लिए एफएसडीए की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसके चलते मिलावटखोरों ने पूरे शहर में अपना जाल बिछा लिया है। गली-मोहल्लों तक घटिया नमकीन की सप्लाई होने लगी है।
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मिलावटखोरी के खिलाफ लगातार अभियान जारी है। कई दुकानों से सैंपल भी भरे गए। कहीं भी मिलावट की सूचना मिलती है, तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
- शंशाक त्रिपाठी अभिहत अधिकारी