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आजाद हिंद फौज के सिपाही रहे दीदार सिंह की पत्नी का निधन
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बीसलपुर। नेता जी सुभाष चन्द्र बोस की आजाद हिंद सेना के जांबाज सिपाही सरदार दीदार सिंह की पत्नी हरवंश कौर का शुक्रवार को निधन हो गया। वह 97 वर्ष की थीं। राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि की गई। प्रोटोकाल के तहत तहसीलदार और पुलिस फोर्स ने पुष्पांजलि अर्पित कर सलामी दी।
वर्ष 1920 में जन्मे दीदार सिंह सुभाष चन्द्र बोस की आजाद हिंद फौज के सिपाही थे। अंग्रेजों के खिलाफ जंग में उन्हें दो गोली भी लगी थीं। इसके बाद अंग्रेज सरकार ने उन्हें बंदी बना लिया। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के कोड़े भी खाए और अपने घर परिवार से दूर रहे। जब दीदार सिंह घर से दूर थे तो उनकी पत्नी हरवंश कौर ने भी अंग्रेजी सरकार के खिलाफ मोर्चा संभाला और उनकी प्रताड़नाएं सहीं। दीदार सिंह के साथ हरवंश कौर भी उस कठिन दौर में हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे बुलंद करती रहीं। देश की आजादी की वर्षगांठ से एक दिन पूर्व 14 अगस्त सुबह करीब 11 बजे उन्होंने दुनिया से अंतिम विदाई ले ली। हरवंश कौर के निधन की सूचना मिलने पर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। प्रोटोकाल के तहत तहसीलदार आशुतोष कुमार, पुलिस उपनिरीक्षक रामकुमार लहरी और स्थानीय लेखपाल ने दिवंगत के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए। उन्हें पुलिस फोर्स ने सलामी दी। क्रांतिकारी विचार मंच के संरक्षक देवस्वरूप पटेल और प्रदेशाध्यक्ष मुकेश सक्सेना ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। हरवंश कौर अपने पीछे दो बेटे पाल सिंह और मस्सा सिंह सहित भरापूरा परिवार छोड़ गई हैं। राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि की गई। ज्येष्ठ पुत्र पाल सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी।
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वर्ष 1920 में जन्मे दीदार सिंह सुभाष चन्द्र बोस की आजाद हिंद फौज के सिपाही थे। अंग्रेजों के खिलाफ जंग में उन्हें दो गोली भी लगी थीं। इसके बाद अंग्रेज सरकार ने उन्हें बंदी बना लिया। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के कोड़े भी खाए और अपने घर परिवार से दूर रहे। जब दीदार सिंह घर से दूर थे तो उनकी पत्नी हरवंश कौर ने भी अंग्रेजी सरकार के खिलाफ मोर्चा संभाला और उनकी प्रताड़नाएं सहीं। दीदार सिंह के साथ हरवंश कौर भी उस कठिन दौर में हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे बुलंद करती रहीं। देश की आजादी की वर्षगांठ से एक दिन पूर्व 14 अगस्त सुबह करीब 11 बजे उन्होंने दुनिया से अंतिम विदाई ले ली। हरवंश कौर के निधन की सूचना मिलने पर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। प्रोटोकाल के तहत तहसीलदार आशुतोष कुमार, पुलिस उपनिरीक्षक रामकुमार लहरी और स्थानीय लेखपाल ने दिवंगत के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए। उन्हें पुलिस फोर्स ने सलामी दी। क्रांतिकारी विचार मंच के संरक्षक देवस्वरूप पटेल और प्रदेशाध्यक्ष मुकेश सक्सेना ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। हरवंश कौर अपने पीछे दो बेटे पाल सिंह और मस्सा सिंह सहित भरापूरा परिवार छोड़ गई हैं। राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि की गई। ज्येष्ठ पुत्र पाल सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी।
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