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सैकड़ों लोगों के लाखों का चूना लगाकर कंपनी संचालक फरार
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पूरनपुर। तराई में जालसाजों द्वारा खोली गई एक और कंपनी निवेशकों का लाखों रुपये हड़पकर भाग गई। कंपनी संचालक कई दिनों से कार्यालय खोलकर लोगों को लोन देने का झांसा देकर रुपये हड़प रहे थे। कंपनी के भागने का पता लगने पर एजेंटों ने खुद के फंसने के डर से पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि बंडा रोड पर श्मशान घाट के पास एक महीने पहले कुछ लोगों ने किराये पर दुकान लेकर एक कंपनी का कार्यालय खोला था। कंपनी सदस्यों ने कई मोहल्लों में घूमकर लोगों को 35 हजार रुपये का ऋण देने का झांसा दिया। इसके लिए बाकायदा मोहल्लों में एजेंट बनाए गए। एजेंटों को कमीशन तय किया गया था। ऋण के लिए लोन प्रोसेसिंग फीस, सर्विस टैक्स के नाम पर 413 रुपये, जीवन बीमा के नाम पर 735 रुपये, बीमा फाइल चार्ज के नाम पर 1148 रुपये जमा कराए गए। इस दौरान कहा गया था कि लोन लौटाने के लिए उन्हें 1675 रुपये प्रति माह के हिसाब से 23 किस्ते और एक किस्त 1280 रुपये की जमा करनी होगी। कुल 35 हजार रुपये के लोन पर ब्याज आदि सहित 39805 रुपये जमा करने होंगे। इच्छुक लोगों से बीमा फाइल चार्ज जमा करने के बाद बाकायदा उनको एक फाइल दी गई थी। अहमदनगर के फैजनूर, असकारा, गुलाबटांडा के मोहम्मद शाहिद, शिवकुमार, नगर के लाला फल बाले, रूरिया सलेमपुर के रामू, कैसरजहां, इरफान आदि ने बताया कि उनके अलावा कई एजेंटों ने लोगों को प्रेरित किया था। सोमवार तक रुपये कंपनी कार्यालय में जमा कर दिए। फिर शाम को लाभार्थियों के खाते में लोन की रकम पहुंचने का झांसा दिया गया, मगर जब शाम को एजेंट कार्यालय पहुंचे तो ताला लटका मिला। लोन देने वालों के मोबाइल नंबर बंद थे। मकान मालिक भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
कोतवाल एसके सिंह ने बताया कि संयुक्त रूप से कुछ लोगों ने शिकायती पत्र दिया है। इसकी जांच करा रहे हैं।
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पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि बंडा रोड पर श्मशान घाट के पास एक महीने पहले कुछ लोगों ने किराये पर दुकान लेकर एक कंपनी का कार्यालय खोला था। कंपनी सदस्यों ने कई मोहल्लों में घूमकर लोगों को 35 हजार रुपये का ऋण देने का झांसा दिया। इसके लिए बाकायदा मोहल्लों में एजेंट बनाए गए। एजेंटों को कमीशन तय किया गया था। ऋण के लिए लोन प्रोसेसिंग फीस, सर्विस टैक्स के नाम पर 413 रुपये, जीवन बीमा के नाम पर 735 रुपये, बीमा फाइल चार्ज के नाम पर 1148 रुपये जमा कराए गए। इस दौरान कहा गया था कि लोन लौटाने के लिए उन्हें 1675 रुपये प्रति माह के हिसाब से 23 किस्ते और एक किस्त 1280 रुपये की जमा करनी होगी। कुल 35 हजार रुपये के लोन पर ब्याज आदि सहित 39805 रुपये जमा करने होंगे। इच्छुक लोगों से बीमा फाइल चार्ज जमा करने के बाद बाकायदा उनको एक फाइल दी गई थी। अहमदनगर के फैजनूर, असकारा, गुलाबटांडा के मोहम्मद शाहिद, शिवकुमार, नगर के लाला फल बाले, रूरिया सलेमपुर के रामू, कैसरजहां, इरफान आदि ने बताया कि उनके अलावा कई एजेंटों ने लोगों को प्रेरित किया था। सोमवार तक रुपये कंपनी कार्यालय में जमा कर दिए। फिर शाम को लाभार्थियों के खाते में लोन की रकम पहुंचने का झांसा दिया गया, मगर जब शाम को एजेंट कार्यालय पहुंचे तो ताला लटका मिला। लोन देने वालों के मोबाइल नंबर बंद थे। मकान मालिक भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
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कोतवाल एसके सिंह ने बताया कि संयुक्त रूप से कुछ लोगों ने शिकायती पत्र दिया है। इसकी जांच करा रहे हैं।