फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Four people were killed in four months, the tigress

चार महीने में चार लोगों की जान ले चुकी बाघिन

Sun, 05 Feb 2017 09:49 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
ब्यूरो /पीलीभीत Updated Sun, 05 Feb 2017 09:49 PM IST
विज्ञापन
Four people were killed in four months, the tigress
बाघिन पकड़ने के लिए लगाया गया पिजरा
टाइगर रिजर्व में चार माह में खूनी बाघिन ने चार लोगों को अपना शिकार बनाया है। इससे पहले  बाघिन पिपरिया संतोष के दो एवं डगा गांव के एक व्यक्ति का शिकार कर चुकी है। लगातार बढ़ रहे हमलों से ग्रामीणों में दहशत है। ठंड शुरू होने के साथ ही बाघ बाघिन का जंगल से बाहर आना आम बात है, लेकिन इस बार ठंड के दिनों में बाहर आई बाघिन जंगल से सटे इलाके के लोगों के लिए मुसीबत बनी है। 27/28 नवंबर 2016 की रात बाघिन ने गांव पिपरिया संतोष के 52 वर्षीय बाबूराम को अपना पहला शिकार बनाया था। हमले के समय बाबूराम खेत की सिंचाई करने के बाद खेत पर ही डनलप के नीचे सो रहे थे। इसके बाद इसी बाघिन ने 11 दिसंबर को पिपरिया संतोष से कुछ दूरी पर स्थित गांव डगा के 22 वर्षीय अहमद खां को हरदोई ब्रांच से पानी लेने जाते समय मार डाला था। वन विभाग और ग्रामीणों द्वारा घेराबंदी और निगरानी किए जाने पर बाघिन पुन: पिपरिया संतोष के निकट पहुंची और 16 जनवरी 2017 की शाम को गांव के ही 17 वर्षीय राजीव को गन्ना तोड़ते समय मार डाला था। इस घटना के बाद से बाघिन की चहलकदमी क्षेत्र में बनी रही। अब पिपरिया संतोष गांव से करीब आठ किमी दूर शाहगढ़ क्षेत्र के गांव कुुंवरपुर पहुंची बाघिन ने शनिवार की रात धनीराम को अपना शिकार बनाया। ग्रामीणों की मानें तो तीन दिनों से बाघिन की चहलकदमी चल रही थी।
विज्ञापन

टाइगर रिजर्व बनने के बाद पांचवीं मौत
बाघिन के इन चार हमलों से पूर्व महोफ रेंज के मरौरी गांव में एक बाघ ने खेत पर गए किसान 34 वर्षीय बेनीराम पर हमला कर मार डाला था। इसे मिलाकर टाइगर रिजर्व में पांच माह में बाघ-बाघिन के हमले में पांच लोगों की जान जा चुकी है।
विज्ञापन

15 साल पहले धनीराम पर भालू ने किया था हमला
कुंवरपुर निवासी धनीराम पर करीब 15 साल पहले जंगल में भालू ने हमला कर दिया था। इस हमले में वह घायल हो गया था। भालू के हमले के निशान उसके चेहरे पर मौजूद थे। उस हमले में तो वह बच गया था, लेकिन इस बार उसे जान गवानी ही पड़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed