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Pilibhit News: निमोनिया से अब तक चार की जा चुकी जान

Thu, 06 Feb 2025 01:09 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Thu, 06 Feb 2025 01:09 AM IST
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Four lives have been lost so far due to pneumonia
पीलीभीत/बीसलपुर। बीसलपुर क्षेत्र में निमोनिया तेजी से पांव पसार रहा है। बीते कुछ माह में चार लोगों की जान जा चुकी है। परिजनों ने जिम्मेदारों को इसकी जानकारी दे चुके हैं। मगर विभाग इन मौतों को नहीं मान रहा है। वहीं मौसम में बदलाव की वजह से सर्दी-बुखार और जुकाम के मरीज बढ़े हैं। सीएचसी, पीएचसी और जिला अस्पताल में रोजाना करीब दस से अधिक मरीजों में निमोनिया की पुष्टि हो रही है। बुजुर्ग और बच्चे सबसे अधिक निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। बीसलपुर क्षेत्र में इसका प्रकोप अधिक है।
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निमोनिया से गई इनकी जान
केस-एक : बीसलपुर कस्बे के मोहल्ला दुबे निवासी उमाशंकर श्रीवास्तव के अनुसार उनकी पत्नी सविता का स्वास्थ्य खराब था। जांच में निमोनिया की पुष्टि हुई। स्थानीय स्तर पर उपचार में फायदा न मिलने पर बरेली में उपचार के दौरान 10 सितंबर 2024 को उनकी मौत हो गई।
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केस-दो: कस्बे के मोहल्ला बख्तावरलाल हरीकृष्ण की तबीयत खराब थी। उन्हें उपचार के लिए भर्ती कराया, लेकिन उपचार में लाभ न मिलने पर चार जनवरी 20205 को उनकी मौत हो गई। उनके पुत्र ने पिता की मृत्यु की वजह निमोनिया बताया।
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केस-तीन: शहर के मोहल्ला दुबे निवासी सवित्री देवी ने बताया कि उनके पति की तबीयत खराब होने पर स्थानीय उपचार कराने पर तबीयत अचानक बिगड़ गई। बताया कि उन्हें निमोनिया हो गया था। उपचार के लिए 22 जनवरी 2025 को बरेली ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई।
केस-चार: बीसलपुर के मोहल्ला हबीबुल्ला खां शुमाली अजय गुप्ता की पत्नी स्नेह लता की मौत भी निमोनिया से हुई। अजय ने बताया कि पत्नी की तबीयत खराब थी। उपचार कस्बे में ही कराया गया। जहां चिकित्सकों ने निमोनिया की पुष्टि की। चार फरवरी 2025 को उनकी मौत हो गई।


निमोनिया संक्रामक रोग, बरतें सावधानी
निमोनिया एक संक्रामक रोग होता है, जो व्यक्तियों के फेंफड़ों पर असर डालता है। यह किसी संक्रमित व्यक्ति की खांसी या छींक से निकली बूंदों के संपर्क में आने से यह आसानी से फैलता है। इसमें बैक्टीरिया, वायरस या फंगस शामिल होते हैं। जो फेफड़ों में बस जाते है। यह बच्चों और बुजुर्गाें के लिए काफी नुकसानदायक है। निमोनिया पीड़ित मरीज के संपर्क में आने से भी लोग इसका शिकार होते हैं। इन मरीजों के संपर्क में आने से बचना चाहिए। समस्या होने पर चिकित्सक से सलाह लें।


निमोनिया के लक्षण और बचाव
1- खांसी, बलगम या कफ का निकलना, जो हरा, पीला, या खून जैसा होता है।
2- सीने में दर्द के साथ सांस लेने में मरीज को तकलीफ होती है।
3- मरीज को थकान के साथ कमजोरी लगती और भूख भी कम लगती है।
4- दिल की धड़कन का तेज होना।
5- बुखार, पसीना और ठंड लगना।

इस संबंध में जानकारी नहीं है। अगर किसी की मौत निमोनिया से हुई है, तो इसकी जांच कराई जाएगी। टीम को भेजकर स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाएगा। - डॉ. आलोक शर्मा, सीएमओ।
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