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मानवाधिकार आयोग पहुंचा बाढ़ पीड़ितों का मामला
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
Updated Sun, 11 Jan 2015 11:48 PM IST
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माधोटांडा थाना क्षेत्र के बार्डर के निकट बहने वाली शारदा नदी की बाढ़ से नौजल्हा नंबर दो सहित आसपास रहे कई परिवार बेघर हो गए थे। इन बाढ़ पीड़ितों को राजस्व प्रशासन ने बूंदीभूड़ में खाली पड़ी जमीन में बसाने का प्रयास किया था, लेकिन वनविभाग ने इस जमीन को अपना बताकर बन रही झोपड़ियों को उजाड़ना शुरू कर दिया था। इसको लेकर काफी विवाद भी हुआ था। अब इस मामले को मानवाधिकार कार्यकर्ता कलीम अतहर ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में भेजा है। आयोग को भेजे पत्र में उन्होंने कहा है कि बूंदीभूड़ की जिस जमीन पर प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों को बसाने के लिए आवंटित किया था वह राजस्व अभिलेखों में ग्राम समाज में दर्ज है इसके बाद भी वनविभाग इसे अपना बताकर विरोध कर रहा है। उन्होंने वनविभाग की इस कार्रवाई को मानवाधिकार एक्ट की धारा 6(1) व 9(1) और भारतीय संविधान की धारा-2 का उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि वनविभाग नियम विरुद्ध तरीके से इस जमीन को केंद्रीय सुरक्षा बल और एसएसबी को देना चाहता है। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच कराकर बाढ़ पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की है।
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