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Pilibhit News: साठा धान की नर्सरी लगाने वालों पर दर्ज कराई जाएगी एफआईआर

Fri, 31 Jan 2025 12:15 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Fri, 31 Jan 2025 12:15 AM IST
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FIR will be lodged against those who plant nursery of Satha rice
पीलीभीत। साठा धान लगाने वालों पर प्रशासन ने सख्ती बरती है। डीएम की ओर से साठा धान की लगाई गई नर्सरी को खुद नष्ट कराने की बात कही गई है। ऐसा न करने पर संबंधित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। इसके साथ ही साठा धान खरीदते मिलने पर संबंधित राइस मिल, आढ़ती, व्यापारी का लाइसेंस जब्त करने के निर्देश भी दिए गए।
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जनपद में ग्रीष्मकालीन साठा धान की खेती प्रतिबंधित की गई है। साठा धान की खेती माह फरवरी से प्रारंभ होकर मई तक की जाती है। इस समय वर्षा की कोई संभावना नहीं होती है। ऐसे में साठा धान की खेती पूर्ण रूप से भूमिगत जल पर आधारित रहती है। जल के अत्याधिक दोहन से भूमिगत जल का स्तर लगातार नीचे जा रहा है।
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पत्र में लिखा गया कि वैज्ञानिक शोध के आधार पर पाया गया है कि एक किलोग्राम चावल उत्पादन में लगभग 4800 लीटर पानी की आवश्यकता होती है।
साठा धान के स्थान पर उड़द, मूंग, सूरजमुखी, मक्का, सब्जियों आदि की खेती विकल्प हैं।
ऐसे में साठा धान की खेती को रोकने और नर्सरी को नष्ट करने के लिए तहसील स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है।
समिति में सीओ, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी (कृषि) समेत प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष को सदस्य के रूप में नामित किया गया है। नामित समिति जनपद में भ्रमणशील रहते हुए साठा धान की खेती पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने के लिए उत्तरदायी होगी। संवाद
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