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Pilibhit News: कांवड़यात्रा के चलते खाद की आपूर्ति बाधित, किसान परेशान
Sat, 15 Jul 2023 11:41 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sat, 15 Jul 2023 11:41 PM IST
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बीसलपुर। गन्ना विभाग के पांच गोदामों पर एक सप्ताह से यूरिया नहीं है। इससे किसान परेशान हैं। वे खाद के लिए एक से दूसरे गोदाम की दौड़ लगा रहे हैं, लेकिन खाद नहीं मिल पा रही है। खुले बाजार में दुकानदार खाद के मनमाने दाम वसूल रहे हैं।
गन्ना विभाग के बीसलपुर गोदाम पर तो यूरिया है, लेकिन बिलसंडा, बरखेड़ा, चुर्रासकतपुर, बल्देवपुर और जोगीठेर के गोदाम पर एक सप्ताह से खाद नहीं है। रोजाना बड़ी संख्या में किसान गोदामों पर खाद लेने पहुंच रहे हैं। खाद आने के इंतजार में किसान सुबह से शाम तक गोदाम पर डटे रहते हैं और शाम को मायूस होकर लौट जाते हैं।
संपन्न किसान तो बाजार से खाद खरीद कर काम चला रहे हैं, लेकिन छोटे किसान पूरी तरह गन्ना विभाग के गोदामों पर ही निर्भर हैं। वे बाजार से महंगे दाम पर खाद नहीं खरीद पा रहे हैं। यूरिया न लगाने से किसानों की गन्ने की फसल की बढ़वार प्रभावित हो रही है। किसानों ने गन्ना विभाग के अधिकारियों से गोदामों पर शीघ्र खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
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इस बाबत सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव आरपी कुशवाहा ने बताया कि सभी गोदामों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने के लिए संबंधित कंपनी को अग्रिम भुगतान भेजा जा चुका है, लेकिन कांवड़यात्रा के चलते कई प्रमुख मार्ग बंद होने से ट्रक नहीं आ पा रहे हैं। रूट डायवर्जन खत्म होने पर ही गोदामों पर खाद आ सकेगी।
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गन्ना विभाग के बीसलपुर गोदाम पर तो यूरिया है, लेकिन बिलसंडा, बरखेड़ा, चुर्रासकतपुर, बल्देवपुर और जोगीठेर के गोदाम पर एक सप्ताह से खाद नहीं है। रोजाना बड़ी संख्या में किसान गोदामों पर खाद लेने पहुंच रहे हैं। खाद आने के इंतजार में किसान सुबह से शाम तक गोदाम पर डटे रहते हैं और शाम को मायूस होकर लौट जाते हैं।
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संपन्न किसान तो बाजार से खाद खरीद कर काम चला रहे हैं, लेकिन छोटे किसान पूरी तरह गन्ना विभाग के गोदामों पर ही निर्भर हैं। वे बाजार से महंगे दाम पर खाद नहीं खरीद पा रहे हैं। यूरिया न लगाने से किसानों की गन्ने की फसल की बढ़वार प्रभावित हो रही है। किसानों ने गन्ना विभाग के अधिकारियों से गोदामों पर शीघ्र खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
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इस बाबत सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव आरपी कुशवाहा ने बताया कि सभी गोदामों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने के लिए संबंधित कंपनी को अग्रिम भुगतान भेजा जा चुका है, लेकिन कांवड़यात्रा के चलते कई प्रमुख मार्ग बंद होने से ट्रक नहीं आ पा रहे हैं। रूट डायवर्जन खत्म होने पर ही गोदामों पर खाद आ सकेगी।