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बाघ के डर से महिला ने वॉच टावर पर काटी रात

Tue, 11 Jul 2017 10:45 PM IST
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
पीलीभ्ाीत ब्यूराो Updated Tue, 11 Jul 2017 10:45 PM IST
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Fear of the Tiger on the night of the night on the Watch Tower
गांव के लाोगाों से बात करते वन ‌िवविभ्‍ााग के अपऊफसर
 कटरुआ बीनने जंगल गई पंडरी गांव की बुजुर्ग महिला रास्ता भटककर अन्य महिलाओं से बिछड़ गई। रात को घर न लौटने पर घर वालों ने बाघ के हमले की आशंका को देखते हुए उसकी तलाश शुरू की। दूसरे दिन महिला गांव से करीब आठ किमी दूर जंगल में बने वॉच टावर पर मिली। इस पर परिवार और वन महकमे ने राहत की सांस ली। वन विभाग ने उसके खिलाफ चालान काटने के बाद जुर्माना वसूलकर छोड़ दिया।
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न्यूरिया थाना क्षेत्र के गांव पंडरी निवासी 52 वर्षीय निरमा देवी सोमवार को सुबह करीब नौ बजे गांव की 15-16 महिलाओं एवं अपने 22 वर्षीय पुत्र पुरुषोत्तम के साथ वनकटी के जंगल में कटरुआ बीनने गई थी। दोपहर तक कुछ महिलाएं वापस आ गई जबकि कुछ कटरुआ बीनती रहीं। धीरे-धीरे अन्य सभी महिलाएं और पुरुषोत्तम घर लौट आए लेकिन निरमा देवी नहीं लौटी। अंधेरा होने तक घर न पहुंचने पर परिवार के लोगों को चिंता हुई और बाघ के हमले की आशंका से सभी भयभीत होकर उसे ढूंढने निकले। दो ट्रैक्टर ट्रॉलियों से बड़ी संख्या में गांव वाले उसे जंगल में खोजने निकले लेकिन आधी रात तक उसका कुछ पता नहीं चला। अलसुबह गांव वाले वनकर्मियों के साथ फिर उसकी खोज में निकले। दोपहर तक जंगल का काफी भाग छान लिया गया लेकिन महिला नहीं मिली। उसके न मिलने पर घर वाले व वन महकमे की चिंताएं भी बढ़ने लगी थी। इस बीच जंगल में करीब आठ किमी अंदर महोफ रेंज के भीम ताल के निकट बने वॉच टावर पर महिला ने भीड़ को आते देख आवाज दी। महिला के सुरक्षित मिलने पर सभी ने राहत की सांस ली और घर वालों के चेहरे भी खुशी से खिल उठे।
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जान बचाने के लिए टावर पर ली शरण
निरमा देवी ने बताया कि वह अन्य महिलाओं के साथ कटरुआ बीन रही थी। दोपहर बाद वह अन्य लोगों से अलग हो गई। अकेले आने का प्रयास किया लेकिन वनकटी क्षेत्र में बाघ की दहशत के चलते वह महोफ की ओर चल दी। अंधेरा होने और रास्ता भटकने पर सामने दिखे टावर पर चढ़ गई। रात भर भूखी प्यासी टावर पर ही लेटी बैठी रही। डर के कारण सुबह भी उतरने की हिम्मत नहीं जुटा सकी। 
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