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संकट : 58 हजार की जरूरत, यूरिया की उपलब्धता मात्र 17 हजार मीट्रिक टन
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पीलीभीत। खरीफ की फसल में किसानों को यूरिया के लिए दर-दर भटकना पड़ा। यही परेशानी उनको रबी की फसल की बुआई के लिए फॉस्फेटिक खाद के लिए उठानी पड़ी। अब किसानों को फसलों में छिड़काव के लिए यूरिया की कमी से भी जूझना पड़ सकता है क्योंकि विभाग के पास जिले की जरूरत के हिसाब एक तिहाई स्टाक ही मौजूद है। ज्यादातर सहकारी समितियों और निजी दुकानों पर स्टाक नहीं है।
जिले को 58 हजार मीट्रिक टन यूरिया की जरूरत है। वहीं विभागीय आंकड़ों के अनुसार इस समय जिले में 17,332 एमटी ही मौजूद है यानी जिले में जरूरत के हिसाब से एक तिहाई स्टाक ही है। अब किसान गेहूं की फसल में यूरिया का छिड़काव करने की तैयारी में हैं लेकिन उनको आसानी से खाद नहीं मिल पा रही है। जिले में मौजूद 76 समितियों पर लगभग एक जैसी ही स्थिति है।
किल्लत में ब्लैक में खरीदनी पड़ी डीएपी
गेेहूं की बुआई के समय किसानों को डीएपी बाहर सौ की जगह पंद्रह से सोलह रुपये में खरीदनी पड़ी। सहकारी समितियों पर डीएपी की उपलब्धता न होने के कारण किसानों ऊंचे दामों पर डीएपी खरीदनी पड़ी। धान के समय यूरिया तीन सौ से ऊपर दामों में खरीदनी पड़ी। गेहूं में किल्लत हुई तो फिर यही हाल देखने को मिल सकता है।
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खाद की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। मौजूदा समय में 17 हजार एमटी से ज्यादा का स्टाक है। जल्द यूरिया की रैक आएंगी। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं।
- डॉ. विनोद कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी
किसानों को डीएपी ब्लैक में खरीदनी पड़ी। अब यूरिया की जरूरत है वो कई जगह नहीं मिल पा रही है। मजबूरन किसानों को ब्लैक में खरीदनी पड़ रही है। प्रशासन यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित कराए। खाद ब्लैक में खरीदने से लागत बहुत ज्यादा आ रही है। सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है जबकि यहां किसान कर्ज में डूब रहा है।
- करनवीर सिंह, नगर अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन राकेश टिकैत
डीएपी खाद मिलने में दिक्कत हुई थी। ब्लैक में खरीदनी पड़ी। अब यूरिया की जरूरत है लेकिन खाद नहीं मिल पा रही है। समिति के चक्कर काट रहे हैं।
मख्खन सिंह, रामपुर बोरख
विभाग के आंकड़े
2019-20- कुल लक्ष्य 3112633 एमटी वितरण 3773809 एमटी
- 2020-21 में खरीफ फसल - कुल लक्ष्य 1290105 एमटी वितरण 1846612
2020-21 में रबी फसल- कुल लक्ष्य 2005484 एमटी वितरण 1882558 एमटी
- 2021-22 के खरीफ फसल- कुल लक्ष्य 1362623 एमटी वितरण लक्ष्य 90 प्रतिशत है
- 2021-22 रबी फसल 7.71 लाख एमटी फॉस्फेटिक उर्वरक वितरण लक्ष्य सहकारी क्षेत्र में 6.86 लाख एमटी फॉस्फेटिक उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित की गई।
- इफको द्वारा रबी फसल में 3.20 लाख एमटी फॉस्फेटिक उर्वरक उपलब्ध कराया गया।
- रबी अभियान में यूरिया का लक्ष्य 12.33 लाख एमटी सापेक्ष 6.11 लाख एमटी 25 नवंबर, 2021 तक उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है।
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जिले को 58 हजार मीट्रिक टन यूरिया की जरूरत है। वहीं विभागीय आंकड़ों के अनुसार इस समय जिले में 17,332 एमटी ही मौजूद है यानी जिले में जरूरत के हिसाब से एक तिहाई स्टाक ही है। अब किसान गेहूं की फसल में यूरिया का छिड़काव करने की तैयारी में हैं लेकिन उनको आसानी से खाद नहीं मिल पा रही है। जिले में मौजूद 76 समितियों पर लगभग एक जैसी ही स्थिति है।
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किल्लत में ब्लैक में खरीदनी पड़ी डीएपी
गेेहूं की बुआई के समय किसानों को डीएपी बाहर सौ की जगह पंद्रह से सोलह रुपये में खरीदनी पड़ी। सहकारी समितियों पर डीएपी की उपलब्धता न होने के कारण किसानों ऊंचे दामों पर डीएपी खरीदनी पड़ी। धान के समय यूरिया तीन सौ से ऊपर दामों में खरीदनी पड़ी। गेहूं में किल्लत हुई तो फिर यही हाल देखने को मिल सकता है।
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खाद की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। मौजूदा समय में 17 हजार एमटी से ज्यादा का स्टाक है। जल्द यूरिया की रैक आएंगी। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं।
- डॉ. विनोद कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी
किसानों को डीएपी ब्लैक में खरीदनी पड़ी। अब यूरिया की जरूरत है वो कई जगह नहीं मिल पा रही है। मजबूरन किसानों को ब्लैक में खरीदनी पड़ रही है। प्रशासन यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित कराए। खाद ब्लैक में खरीदने से लागत बहुत ज्यादा आ रही है। सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है जबकि यहां किसान कर्ज में डूब रहा है।
- करनवीर सिंह, नगर अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन राकेश टिकैत
डीएपी खाद मिलने में दिक्कत हुई थी। ब्लैक में खरीदनी पड़ी। अब यूरिया की जरूरत है लेकिन खाद नहीं मिल पा रही है। समिति के चक्कर काट रहे हैं।
मख्खन सिंह, रामपुर बोरख
विभाग के आंकड़े
2019-20- कुल लक्ष्य 3112633 एमटी वितरण 3773809 एमटी
- 2020-21 में खरीफ फसल - कुल लक्ष्य 1290105 एमटी वितरण 1846612
2020-21 में रबी फसल- कुल लक्ष्य 2005484 एमटी वितरण 1882558 एमटी
- 2021-22 के खरीफ फसल- कुल लक्ष्य 1362623 एमटी वितरण लक्ष्य 90 प्रतिशत है
- 2021-22 रबी फसल 7.71 लाख एमटी फॉस्फेटिक उर्वरक वितरण लक्ष्य सहकारी क्षेत्र में 6.86 लाख एमटी फॉस्फेटिक उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित की गई।
- इफको द्वारा रबी फसल में 3.20 लाख एमटी फॉस्फेटिक उर्वरक उपलब्ध कराया गया।
- रबी अभियान में यूरिया का लक्ष्य 12.33 लाख एमटी सापेक्ष 6.11 लाख एमटी 25 नवंबर, 2021 तक उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है।