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Pilibhit News: परिजनों ने दी आत्मदाह की चेतावनी
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पीलीभीत। मौत के बाद मरीज का इलाज करने के नाम पर लाखों रुपये वसूलने के आरोप में घिरे निजी अस्पताल व चिकित्सक की मुश्किलें और बढ़ गईं हैं। पीड़ित पक्ष ने सीएमओ और सुनगढ़ी पुलिस को शिकायती पत्र देकर आरोपी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। न्याय न मिलने पर विधानसभा के सामने सपरिवार आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।
पूरनपुर क्षेत्र के गांव चाट फिरोजपुर निवासी रामू ने सीएमओ और सुनगढ़ी पुलिस को शिकायती पत्र दिया है। इसमें कहा गया है कि उसके भाई विष्णु का चार जुलाई को एक्सीडेंट हुआ था। इसके बाद चोटिल अवस्था में भाई को जिला अस्पताल से शहर में माधोटांडा मार्ग पर रेलवे क्राॅसिंग के पास स्थित अस्पताल में भर्ती कराया।
जहां चिकित्सक ने ऑपरेशन के लिए एक लाख लाख रुपये जमा करने के लिए कहा। गरीब होने के कारण पीड़ित पक्ष ने अपनी कृषि भूमि गिरवी रखकर दो घंटे बाद अस्पताल में एक लाख रुपये जमा कर दिए। आरोप है कि चार दिन बीतने के बाद भी डॉक्टर ने ऑपरेशन नहीं किया, जब परिजनों ने आईसीयू में मरीज को देखा तो उन्हें अनहोनी का अंदेशा हुआ।
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आरोप है कि इस संबंध में परिजनों ने जब बात की तो डॉक्टर ने आरोपों से बचने के लिए उसके भाई के मृत शरीर को बरेली रेफर कर दिया। जैसे ही भाई को अस्पताल से बाहर लेकर आए तो एंबुलेंस के चालक ने उसे मृत देख बरेली ले जाने से मना कर दिया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि मौत हो जाने के बावजूद इससे पहले भी चिकित्सक ने दो-तीन दिन तक मरीज से मिलने नहीं दिया। आईसीयू में भर्ती कर शव का इलाज करने के नाम पर रुपये वसूले जाते रहे। पीड़ित पक्ष ने चेतावनी दी है कि अगर इस मामले में उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे सपरिवार विधानसभा के सामने जाकर आत्मदाह कर लेंगे।
इंस्पेक्टर पवन कुमार पांडे ने बताया कि मामले में स्वास्थ्य विभाग जांच कर रहा है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ डॉ. आलोक शर्मा ने बताया कि मामले में जांच के लिए पूर्व में ही कमेटी गठित की गई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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पूरनपुर क्षेत्र के गांव चाट फिरोजपुर निवासी रामू ने सीएमओ और सुनगढ़ी पुलिस को शिकायती पत्र दिया है। इसमें कहा गया है कि उसके भाई विष्णु का चार जुलाई को एक्सीडेंट हुआ था। इसके बाद चोटिल अवस्था में भाई को जिला अस्पताल से शहर में माधोटांडा मार्ग पर रेलवे क्राॅसिंग के पास स्थित अस्पताल में भर्ती कराया।
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जहां चिकित्सक ने ऑपरेशन के लिए एक लाख लाख रुपये जमा करने के लिए कहा। गरीब होने के कारण पीड़ित पक्ष ने अपनी कृषि भूमि गिरवी रखकर दो घंटे बाद अस्पताल में एक लाख रुपये जमा कर दिए। आरोप है कि चार दिन बीतने के बाद भी डॉक्टर ने ऑपरेशन नहीं किया, जब परिजनों ने आईसीयू में मरीज को देखा तो उन्हें अनहोनी का अंदेशा हुआ।
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आरोप है कि इस संबंध में परिजनों ने जब बात की तो डॉक्टर ने आरोपों से बचने के लिए उसके भाई के मृत शरीर को बरेली रेफर कर दिया। जैसे ही भाई को अस्पताल से बाहर लेकर आए तो एंबुलेंस के चालक ने उसे मृत देख बरेली ले जाने से मना कर दिया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि मौत हो जाने के बावजूद इससे पहले भी चिकित्सक ने दो-तीन दिन तक मरीज से मिलने नहीं दिया। आईसीयू में भर्ती कर शव का इलाज करने के नाम पर रुपये वसूले जाते रहे। पीड़ित पक्ष ने चेतावनी दी है कि अगर इस मामले में उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे सपरिवार विधानसभा के सामने जाकर आत्मदाह कर लेंगे।
इंस्पेक्टर पवन कुमार पांडे ने बताया कि मामले में स्वास्थ्य विभाग जांच कर रहा है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ डॉ. आलोक शर्मा ने बताया कि मामले में जांच के लिए पूर्व में ही कमेटी गठित की गई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।