Pilibhit News: सपा छोड़ भाजपा में आए पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा की लोकसभा चुनाव पर है निगाह
पीलीभीत में पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। उनके भाजपा में शामिल होने से कई कयास लगाए जाने लगे हैं। जानकारों का मानना है कि आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए ही हेमराज वर्मा ने भगवा चोला पहना है।
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राजनीतिक दल-बदल के सियासी मकसद जरूर होते हैं। अगर कोई नेता दल बदलता है तो तत्काल सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा हो गरम हो जाती है कि इस निर्णय के मायने क्या हैं। पीलीभीत में पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। उनके भाजपा में शामिल होने से कई कयास लगाए जाने लगे हैं।
अब जब सांसद वरुण गांधी के सियासी तेवर बदले हैं तो भाजपा में भी लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए कई नए दावेदार उभर रहे हैं। इसमें कुछेक दिग्गज तो पहले से दावेदार थे, इसमें एक नया नाम हेमराज वर्मा का भी जुड़ेगा, अलबत्ता खुद हेमराज इस विषय पर कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं। इस संबंध में जानकारों का कहना है कि भाजपा में लोकसभा चुनाव के लिए गुंजाइश का अनुमान लगाकर ही हेमराज वर्मा ने भगवा चोला पहना है।
हेमराज का सियासी सफर
हेमराज वर्मा 22 साल की उम्र में साधन सहकारी समिति के संचालक चुने गए थे। यहीं से उनकी राजनीति की यात्रा शुरू हुई। इसके बाद वर्ष 2000 से 2005 तक ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष रहे। वर्ष 2007 में पीलीभीत सदर क्षेत्र से पहली बार विधानसभा का चुनाव बसपा से लड़ा और तीसरे स्थान पर रहे।
वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी से बरखेड़ा विधानसभा से चुनाव लड़ा और विधायक चुने गए। 2015 में अखिलेश यादव की सरकार में खाद्य एवं रसद विभाग में राज्यमंत्री बनाए गए। वर्ष 2019 में समाजवादी पार्टी से पीलीभीत लोकसभा क्षेत्र के उम्मीदवार रहे और 4,48,922 मत प्राप्त किए और दूसरा स्थान प्राप्त किया।
इसके बाद वर्ष 2022 में बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार रहे और 71000 मत प्राप्तकर दूसरा स्थान प्राप्त किया। चुनाव में हार के बाद भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेताओं के संपर्क में आए हेमराज वर्मा बुधवार को भाजपा में शामिल हो गए।
सात मुकदमे दर्ज हुए, पांच खत्म
सियासत में विवाद और मुकदमे होने को लेकर चर्चा में रहे हेमराज वर्मा के खिलाफ सात मुकदमे दर्ज हुए, जिसमें से पांच मुकदमे खत्म हो चुके हैं। अब भी दो मामले अदालतों में विचाराधीन हैं। जब हेमराज वर्मा से पूछा गया कि क्या वह मुकदमे खत्म कराने के लिए भाजपा में आए हैं तो उन्होंने कहा कि विपक्ष की सियासत करते हैं तो मुकदमे तो हो ही जाते हैं। भाजपा ज्वाइन करने का मुख्य मकसद देश और प्रदेश के विकास में योगदान देना है। मुकदमों से इसका कोई लेना-देना नहीं हैं।
भाजपा में लोकतंत्र आज भी कायम : हेमराज
अमर उजाला से बातचीत में हेमराज वर्मा ने कहा कि भाजपा एक ऐसा राजनीतिक दल है, जिसमें आंतरिक लोकतंत्र आज भी कायम है। काम करने वालों को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की वजह से देश और प्रदेश की कानून व्यवस्था बेहतर हुई है। विकास के लिए रास्ते खुले हैं।