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Pilibhit News: स्वाइन फ्लू का केस मिलने के बाद भी जरूरी दवा के इंतजाम तक नहीं

Thu, 03 Sep 2026 12:48 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2026 12:48 AM IST
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Even after a swine flu case was detected, arrangements for the necessary medication have not been made.
दवा लेने की कतार में मरीजों की भीड़। संवाद
एच-1 एन-1 की जांच भी शुरू नहीं, संदिग्ध बुखार के मरीजों की रोज उमड़ रही भीड़, सीलन और गंदगी से संक्रमण का खतरा
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पीलीभीत। जिले में स्वाइन फ्लू का मामला सामने आने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज स्तर पर बीमारी को लेकर तैयारियां अभी तक मुकम्मल नजर नहीं आ रही हैं। शासन की गाइडलाइन के अनुपालन का दावा भले ही जिम्मेदार कर रहे हों, लेकिन जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू के इलाज में इस्तेमाल होने वाली जरूरी दवा तक उपलब्ध नहीं है।
बीमारी की पुष्टि के लिए एच-1 एन-1 की जांच भी अभी शुरू नहीं हो सकी है। जरूरी उपकरणों की उपलब्धता न होने के कारण माइक्रोबायलॉजी विभाग जांच शुरू करने में असमर्थ है। ऐसे में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों को जांच और इलाज के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
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अस्पताल में संदिग्ध बुखार, खांसी-जुकाम और सीने में दर्द के मरीजों की बुधवार को भी भीड़ लगातार रही। दवा भंडार केंद्र से लेकर ओपीडी तक मरीजों की कतार लगी रही। भीड़ के बीच संक्रमण से बचाव और निगरानी की पर्याप्त व्यवस्था न होने से संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। संवाद
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400 की ओपीडी में 80 से अधिक वायरल फीवर के मरीज
बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में करीब 400 मरीजों ने चिकित्सकों से परामर्श लिया। इनमें 80 से अधिक मरीज वायरल फीवर से पीड़ित पाए गए। अधिकांश मरीजों ने बार-बार बुखार आने, लगातार खांसी-जुकाम रहने, गले में दर्द और कुछ मामलों में सीने में दर्द की शिकायत की। बदलते मौसम और लगातार हो रही बारिश के बीच वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग के सामने चुनौती बढ़ गई।
चिकित्सकों ने मरीजों की स्थिति के अनुसार सीबीसी, विडाल, एलएफटी, टीएफटी समेत अन्य रक्त जांच कराने की सलाह दी। कई मरीजों को वायरल फीवर की दवाएं देकर घर भेजा गया। हालांकि स्वाइन फ्लू से मिलते-जुलते लक्षण वाले मरीजों के लिए एच-1 एन-1 की जांच की सुविधा अभी उपलब्ध नहीं है।
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उपकरणों की कमी से एच-1 एन-1 जांच अटकी
जिला अस्पताल के माइक्रोबायलॉजी विभाग में स्वाइन फ्लू की जांच शुरू नहीं हो सकी है। विभाग में जरूरी उपकरणों की पूर्ति नहीं होने के कारण एच-1 एन-1 की जांच करना संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में यदि किसी मरीज में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिलते हैं तो उसकी जांच के लिए तत्काल स्थानीय स्तर पर सुविधा उपलब्ध नहीं है। जिम्मेदारों की ओर से जल्द जांच शुरू करने की बात कही जा रही है।
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ओसेल्टामिविर भी भंडार में नहीं, डिमांड भेजी
स्वाइन फ्लू के इलाज में उपयोगी ओसेल्टामिविर टैबलेट भी जिला अस्पताल के दवा भंडार में उपलब्ध नहीं है। अस्पताल प्रशासन की ओर से इसकी खेप के लिए डिमांड भेजे जाने की बात कही गई है। सीएमएस डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि अस्पताल के भंडार में फिलहाल ओसेल्टामिविर उपलब्ध नहीं है। यदि स्वाइन फ्लू का मरीज आता है तो वर्तमान में अस्पताल के पास यह दवा देने के लिए उपलब्ध नहीं है। इसके लिए जिला अस्पताल की ओर से ओसेल्टामिविर टैबलेट की डिमांड भेजी गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

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सीलन और दुर्गंध के बीच मरीजों का इलाज
एक ओर संचारी रोगों से बचाव के लिए अस्पतालों में साफ-सफाई और संक्रमण नियंत्रण पर जोर दिया जा रहा है। वहीं, जिला अस्पताल के पुराने भवन में इन दिनों सीलन और गंदगी की समस्या बनी हुई है। भर्ती वार्डों से लेकर दवा केंद्र और गैलरी तक कई स्थानों पर सीलन के साथ गंदगी दिखाई देती है। इससे दुर्गंध भी बनी रहती है। इलाज के लिए रोजाना अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को इसी वातावरण से होकर गुजरना पड़ता है।
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