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Pilibhit News: शारदा नदी में उफान से फिर कटान शुरू, बांध की ओर बढ़ी धार

Sat, 22 Aug 2026 02:00 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 22 Aug 2026 02:00 AM IST
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Erosion resumes in the Sharda River due to surging waters; the current moves towards the embankment.
मटिया क्षेत्र में कटान करती शारदा नदी। संवाद
कलीनगर। शारदा सागर डैम के सामने रमनगरा और मटिया लालपुर क्षेत्र में शारदा नदी की दाहिनी धार ने एक बार फिर कटान शुरू कर दी है। पिछले पांच दिनों से नदी की धार तेजी से मार्जिनल बांध की ओर बढ़ रही है। इससे बांध और नदी के बीच किसानों की जमीनों में खड़ी गन्ने की फसल नदी में समाने लगी है।
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ग्रामीणों का दावा है कि करीब चार-पांच किसानों की गन्ने की फसल कटान की चपेट में आ चुकी है। कटान की सूचना सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड के अभियंताओं को देने के बावजूद मौके पर कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में रोष है।
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शारदा नदी तराई क्षेत्र से होकर गुजरती है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्षों शारदा नदी ने इसी क्षेत्र को काफी नुकसान हुआ था। सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि नदी में समा गई थी। इसके बाद सिंचाई विभाग ने दाहिने किनारे पर पत्थर की ठोकरें बनाने के साथ ही मार्जिनल बांध का निर्माण कराया था। बाद में नदी की मुख्य धार बाएं किनारे की ओर खिसक गई थी। कटान से बची जमीन पर किसानों ने दोबारा गन्ने और गेहूं की फसलें उगानी शुरू कर दी थीं। अब करीब पांच दिन से नदी की दाहिनी धार ने अचानक फिर रुख बदल लिया है।
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ग्रामीणों के अनुसार, जहां पहले नदी की धार थी। वहां से करीब 300 मीटर तक कटान करते हुए पानी मार्जिनल बांध की ओर बढ़ चुका है। कटान कभी तेज तो कभी धीमी गति से जारी है। इससे किसानों को दोबारा बड़े नुकसान की आशंका सताने लगी है।
एसडीएम प्रमेश कुमार ने बताया कि सिंचाई विभाग के अफसरों को निर्देशित किया जा रहा है। राजस्व टीम को भी निर्देश दिए गए हैं। संवाद
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पेड़ों की टहनियां डालकर रोक रहे कटान
सिंचाई विभाग की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने पर ग्रामीण खुद ही कटान रोकने में जुट गए हैं। किसान हरे पेड़ों की टहनियां और लकड़ियां काटकर उन्हें रस्सियों व तारों से बांधकर नदी की धार के किनारे डाल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में भी उन्होंने इसी तरह अस्थायी उपाय कर कटान की गति कम करने का प्रयास किया था।

ग्रामीणों के मुताबिक, नदी की दो धाराएं बह रही हैं। बाईं ओर भी कई दिनों से कटान जारी है, जबकि अब दाहिनी ओर भी नदी ने कटान शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि यदि कटान इसी गति से जारी रही और नदी मार्जिनल बांध तक पहुंच गई तो मिट्टी से बना बांध भी खतरे में पड़ सकता है। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग से तत्काल मौके पर पहुंचकर कटान रोकने के इंतजाम कराने की मांग की है।
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