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Pilibhit News: हजारा में कटान ने पकड़ी तेजी, किसानों की फसल नदी में समाई
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पूरनपुर। नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच नदी पार गांव हजारा के समीप बृहस्पतिवार को कटान ने फिर तेजी पकड़ ली है। इससे आठ किसानों की ढाई-ढाई एकड़ जमीन पर खड़ी गन्ना की फसल नदी में समा गई। नदी ने छह अन्य किसानों के खेतों में कटान शुरू कर उनकी एक-एक एकड़ में खड़ी गन्ना की लहलहाती फसलें निगल लीं। नदी में कटान से गांव हजारा के अलावा गांव अशोकनगर, भरतपुर के किसान चिंतित हैं।
नदी के इस ओर गांव चंदिया हजारा के समीप कटान की गति धीमी रही। गांव हजारा के किसान संजय, मेवाराम, सुखदेव, प्रताप सिंह, जीवन सिंह, लखविंदर सिंह की एक-एक एकड़ में खड़ी फसल नदी में समा गई। अब नदी कटान करती हुई गांव हजारा की ओर लगातार बढ़ रही है। नदी हजारा गांव से करीब तीन सौ मीटर पर रह गई है।
ग्रामीण अब गांव हजारा के अलावा गांव अशोकनगर, भरतपुर का अस्तित्व फिर मिटने की आशंका व्यक्त कर रहे हैं। नदी के कटान से दो दशक पहले गांव हजारा, अशोकनगर, भरतपुर का अस्तित्व मिट गया था। उस समय गांव भरतपुर में पीएचसी की दो मंजिला इमारत और थाना भवन नदी में समा गई थी। एसडीएम मंयक गोस्वामी ने बताया कि शारदा नदी से कटान तेजी से होने की जानकारी मिली है। टीम को सक्रिय किया गया है। संवाद
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बुधवार को अधीक्षण अभियंता के साथ क्षेत्र का निरीक्षण किया गया था। कटान पर पूरी नजर रखी जा रही है। नदी का बढ़ता जलस्तर गांव से अभी दूर है। ऐसे में खतरे संभावना अभी कम है।
- आशुतोष कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड
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नदी के इस ओर गांव चंदिया हजारा के समीप कटान की गति धीमी रही। गांव हजारा के किसान संजय, मेवाराम, सुखदेव, प्रताप सिंह, जीवन सिंह, लखविंदर सिंह की एक-एक एकड़ में खड़ी फसल नदी में समा गई। अब नदी कटान करती हुई गांव हजारा की ओर लगातार बढ़ रही है। नदी हजारा गांव से करीब तीन सौ मीटर पर रह गई है।
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ग्रामीण अब गांव हजारा के अलावा गांव अशोकनगर, भरतपुर का अस्तित्व फिर मिटने की आशंका व्यक्त कर रहे हैं। नदी के कटान से दो दशक पहले गांव हजारा, अशोकनगर, भरतपुर का अस्तित्व मिट गया था। उस समय गांव भरतपुर में पीएचसी की दो मंजिला इमारत और थाना भवन नदी में समा गई थी। एसडीएम मंयक गोस्वामी ने बताया कि शारदा नदी से कटान तेजी से होने की जानकारी मिली है। टीम को सक्रिय किया गया है। संवाद
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बुधवार को अधीक्षण अभियंता के साथ क्षेत्र का निरीक्षण किया गया था। कटान पर पूरी नजर रखी जा रही है। नदी का बढ़ता जलस्तर गांव से अभी दूर है। ऐसे में खतरे संभावना अभी कम है।
- आशुतोष कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड