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प्रशासन ने पूरनपुर के रामलीला मैदान से अतिक्रमणकारियों को खदेड़ा
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पूरनपुर। वर्षों से अतिक्रमणकारियों के चंगुल में फंसे नगर के रामलीला मैदान के अब दिन बहुरने वाले हैं। चूंकि अक्तूबर में रामलीला का मंचन भी होना है, लिहाजा प्रशासन ने अभी से मैदान को खाली कराकर उसकी बाउंड्री कराने का काम शुरू करा दिया है। रविवार को अधिकारियों ने राजस्व विभाग और पुलिस की टीम के साथ मैदान पर काबिज अतिक्रमणकारियों को खदेड़ दिया। इसके बाद एसडीएम और तहसीलदार ने हवन-पूजन कर बाउंड्री की नींव रख दी। मेला मैदान की बाउंड्री कराने के बाद स्टेज का निर्माण भी होगा। परिसर के अंदर सौंदर्यीकरण को लेकर भी प्लानिंग कर ली गई है।
रामलीला मेला मैदान में सात अक्तूबर 2018 को अभियान चलाकर करीब तीन दशक से दुकानें लगाकर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया था। कुछ दिन बाद फड़ और खोमचे लगाकर फिर अतिक्रमण किया जाने लगा। इस दौरान कई बार अस्थाई अतिक्रमण करने वाले लोगों को खदेड़ा जा चुका है। इसके बाद प्रशासन ने रामलीला मेला मैदान की तार फेंसिंग करा दी थी, लेकिन शरारती लोगों ने जगह-जगह तारों को काटकर रास्ते बना लिए थे। अक्सर फड़ और दुकानें लगने लगीं। इतना ही नहीं आसपास के दुकानदार मैदान में कूड़ा भी डालने लगे। रविवार को एसडीएम चंद्रभानु सिंह और मेला कंट्रोलर/ तहसीलदार आशुतोष कुमार ने राजस्व और पुलिस टीम के साथ मेला मैदान से अतिक्रमणकारियों को खदेड़ दिया।
मैदान में गंदगी मिलने पर एसडीएम ने आसपास के दुकानदारों को मेला मैदान में कूड़ा न फेंकने की हिदायत दी। दोपहर में हवन, पूजन के साथ रामलीला मेला मैदान की बाउंड्री की नींव एसडीएम, तहसीलदार ने रखी। इस दौरान रामलीला मेला बचाओ संघर्ष समिति के राजेश्वर मिश्र, ओम शर्मा, विष्णु वर्मा, आदित्य मोहन शर्मा, महेंद्र मिश्र, राइस मिलर्स नेता अजमेर सिंह छीना, आरएसएस के अंशु गुप्ता, हरिओम पांडेय आदि मौजूद रहे।
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रामलीला मेला मैदान को अक्तूबर 2018 में कब्जामुक्त कराया गया था। बाउंड्री न होने की वजह से अतिक्रमण के प्रयास किए जाते हैं। इसको देखते हुए अब बाउंड्री कराई जाएगी। लोहे के गेट लगवाए जाएंगे, ताकि अतिक्रमण से इसको बचाया जा सके। इसको लेकर पूजन के साथ काम शुरू करा दिया है।
- आशुतोष कुमार, मेला कंट्रोलर/ तहसीलदार
रामलीला मेला मैदान की बाउंड्री निर्माण को रविवार को नींव रखी गई है। बाउंड्री का निर्माण जन सहयोग से कराया जाएगा। इसके अलावा भव्य स्टेज का निर्माण और अन्य सौंदर्यीकरण के कार्य करवाएं जाएंगे। ताकि रामलीला मेला मैदान की पहचान अलग से हो सके। - चंद्र भानु सिंह, एसडीएम।
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रामलीला मेला मैदान में सात अक्तूबर 2018 को अभियान चलाकर करीब तीन दशक से दुकानें लगाकर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया था। कुछ दिन बाद फड़ और खोमचे लगाकर फिर अतिक्रमण किया जाने लगा। इस दौरान कई बार अस्थाई अतिक्रमण करने वाले लोगों को खदेड़ा जा चुका है। इसके बाद प्रशासन ने रामलीला मेला मैदान की तार फेंसिंग करा दी थी, लेकिन शरारती लोगों ने जगह-जगह तारों को काटकर रास्ते बना लिए थे। अक्सर फड़ और दुकानें लगने लगीं। इतना ही नहीं आसपास के दुकानदार मैदान में कूड़ा भी डालने लगे। रविवार को एसडीएम चंद्रभानु सिंह और मेला कंट्रोलर/ तहसीलदार आशुतोष कुमार ने राजस्व और पुलिस टीम के साथ मेला मैदान से अतिक्रमणकारियों को खदेड़ दिया।
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मैदान में गंदगी मिलने पर एसडीएम ने आसपास के दुकानदारों को मेला मैदान में कूड़ा न फेंकने की हिदायत दी। दोपहर में हवन, पूजन के साथ रामलीला मेला मैदान की बाउंड्री की नींव एसडीएम, तहसीलदार ने रखी। इस दौरान रामलीला मेला बचाओ संघर्ष समिति के राजेश्वर मिश्र, ओम शर्मा, विष्णु वर्मा, आदित्य मोहन शर्मा, महेंद्र मिश्र, राइस मिलर्स नेता अजमेर सिंह छीना, आरएसएस के अंशु गुप्ता, हरिओम पांडेय आदि मौजूद रहे।
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रामलीला मेला मैदान को अक्तूबर 2018 में कब्जामुक्त कराया गया था। बाउंड्री न होने की वजह से अतिक्रमण के प्रयास किए जाते हैं। इसको देखते हुए अब बाउंड्री कराई जाएगी। लोहे के गेट लगवाए जाएंगे, ताकि अतिक्रमण से इसको बचाया जा सके। इसको लेकर पूजन के साथ काम शुरू करा दिया है।
- आशुतोष कुमार, मेला कंट्रोलर/ तहसीलदार
रामलीला मेला मैदान की बाउंड्री निर्माण को रविवार को नींव रखी गई है। बाउंड्री का निर्माण जन सहयोग से कराया जाएगा। इसके अलावा भव्य स्टेज का निर्माण और अन्य सौंदर्यीकरण के कार्य करवाएं जाएंगे। ताकि रामलीला मेला मैदान की पहचान अलग से हो सके। - चंद्र भानु सिंह, एसडीएम।