नेपाली हाथियों का उत्पात: पीलीभीत के कलीनगर में फसलें कर रहे बर्बाद, किसानों ने अफसरों से लगाई गुहार
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बराही रेंज की सीमा नेपाल की शुक्ला फांटा सेंचुरी से मिली हुई है। खुली सीमा होने के चलते दशकों से हाथियों का आना जाना भी लगा रहता है। बीते कई दिनों से नेपाल से आए हाथी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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पीलीभीत के कलीनगर क्षेत्र में नेपाल की ओर से आने वाले हाथी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। शारदा नदी के पार बसी ढकिया ताल्लुके महाराजपुर गांव की सीमा में फसलों के नुकसान का सिलसिला कई दिनों से जारी है। रात को लग्गा भग्गा के जंगल से बाहर आकर हाथियों ने फसलों को रौंद दिया। परेशान ग्रामीण फसलों को देख अफसरों से मदद की गुहार लगा रहे हैं। अबतक 15 एकड़ धान की फसल को हाथी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बराही रेंज की सीमा नेपाल की शुक्ला फांटा सेंचुरी से मिली हुई है। खुली सीमा होने के चलते अक्सर वन्यजीवों की चहलकदमी बनी रहती है। दशकों से हाथियों का आना जाना भी लगा रहता है। लग्गा भग्गा के जंगल में डेरा जमाकर हाथी वापस लौटते हैं, लेकिन दस दिन पूर्व से करीब सात हाथी लग्गा भग्गा के जंगल में आ गए। रात होते ही जंगल से निकलकर हाथियों का झुंड पड़ोस के गांव ढकिया ताल्लुके महाराजपुर की सीमा में पहुंचकर धान की फसलों को रौंद रहे हैं।
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हाथियों के उत्पात से करीब 15 एकड़ फसल का नुकसान हो चुका है। हाथियों की दस्तक के चलते ग्रामीण रात में पीपे आदि बजाकर बचाव करने में जुटे हैं, लेकिन नुकसान का सिलसिला जारी है। ऐसे में परेशान ग्रामीण अफसरों से मदद की गुहार भी लगा रहे हैं। ग्राम प्रधान विवेकानंद ने बताया कि हाथी लगातार फसलों को रौंद रहे हैं। ग्रामीणों का काफी नुकसान हो रहा है। हाथियों को खदेड़ने के लिए विभाग को ठोस उपाय करने चाहिए।