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Pilibhit News: एकहिं बान प्रान हरि लीन्हा। दीन जानि तेहि निज पद दीन्हा
Wed, 04 Oct 2023 12:16 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 04 Oct 2023 12:16 AM IST
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गांव नूरानपुर में आयोजित रामलीला में ताड़का वध लीला का हुआ मंचन । स्रोत - मेला कमेटी
बीसलपुर। गांव नूरानपुर के रामलीला मेले में मंगलवार को ताड़का वध की लीला का आकर्षक मंचन हुआ। लीला देखकर दर्शक भावविभोर हो गए ।
महर्षि विश्वामित्र राक्षसों से साधु-संतों की रक्षा के लिए राम-लक्ष्मण को मांगने के लिए राजा दशरथ के दरबार में पहुंचते हैं। विश्वामित्र राजा दशरथ से कहते हैं कि वन में राक्षस ऋषियों, मुनियों पर अत्याचार कर रहे हैं। उनसे रक्षा के लिए राम-लक्ष्मण का उनके साथ जाना बहुत जरूरी है। पहले तो राजा दशरथ राम को विश्वामित्र के साथ भेजने में आनाकानी करते हैं, लेकिन बाद में गुरु वशिष्ठ के कहने पर वह राम-लक्ष्मण को विश्वामित्र के साथ भेज देते हैं।
राम और लक्ष्मण के वन में पहुंचते ही ऋषि हवन-यज्ञ और साधना शांतिपूर्ण माहौल में करने लगते हैं। जब राम लक्ष्मण ने कई राक्षसों का वध कर दिया, तब राक्षसी ताड़का राम लक्ष्मण से युद्ध करने आई। श्रीराम एक ही बाण से उसके प्राण हर लेते हैैं, लेकिन फिर उसे दीन-हीन जानकर अपने वास्तविक स्वरूप के दर्शन भी कराते हैं। इसकी के साथ लीला का समापन हो गया। संचालन योगी शांतिनाथ ने किया।
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महर्षि विश्वामित्र राक्षसों से साधु-संतों की रक्षा के लिए राम-लक्ष्मण को मांगने के लिए राजा दशरथ के दरबार में पहुंचते हैं। विश्वामित्र राजा दशरथ से कहते हैं कि वन में राक्षस ऋषियों, मुनियों पर अत्याचार कर रहे हैं। उनसे रक्षा के लिए राम-लक्ष्मण का उनके साथ जाना बहुत जरूरी है। पहले तो राजा दशरथ राम को विश्वामित्र के साथ भेजने में आनाकानी करते हैं, लेकिन बाद में गुरु वशिष्ठ के कहने पर वह राम-लक्ष्मण को विश्वामित्र के साथ भेज देते हैं।
राम और लक्ष्मण के वन में पहुंचते ही ऋषि हवन-यज्ञ और साधना शांतिपूर्ण माहौल में करने लगते हैं। जब राम लक्ष्मण ने कई राक्षसों का वध कर दिया, तब राक्षसी ताड़का राम लक्ष्मण से युद्ध करने आई। श्रीराम एक ही बाण से उसके प्राण हर लेते हैैं, लेकिन फिर उसे दीन-हीन जानकर अपने वास्तविक स्वरूप के दर्शन भी कराते हैं। इसकी के साथ लीला का समापन हो गया। संचालन योगी शांतिनाथ ने किया।
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