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राजकीय महाविद्यालय : हिंदी के शिक्षक न अंग्रेजी के, कौन पढ़ाए
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बिलसंडा। हेमपुर के राजकीय महाविद्यालय में छात्रों के प्रवेश तो लिए गए लेकिन उनको पढ़ाने वाले शिक्षक नहीं हैं। कुछ दिन बाद यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं हैं। छात्र अपने दम ही तैैयारी करने में जुुटे हैं।
राजकीय महाविद्यालय हेमपुर 2016 में 11 करोड़ 70 लाख 55 हजार रुपये की लागत से बन कर तैयार हुआ था। यहां 15 विषयों की पढ़ाई होनी है। संचालित होने के बाद इसमें प्रवक्ताओं की नियुक्ति की गई। कॉलेज में 1111 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। वर्तमान समय में 15 प्रवक्ता के सापेक्ष सिर्फ पांच ही हैं। साथ ही प्राचार्य पद भी रिक्त चल रहा है। विद्यार्थियों द्वारा चुने गए विषयों की पढ़ाई कैसे हो, यह अहम समस्या बनी हुई है। कॉलेज की ओर से रिक्त प्रवक्ता पद भरे जाने के लिए कई बार पत्राचार किया जा चुका है। परिणाम शून्य ही रहा है।
इनसेट
इन विषयों के प्रवक्ता नहीं : हिंदी, अंग्रेजी ,अर्थशास्त्र ,राजनीति शास्त्र, इतिहास, मनोविज्ञान, जंतु विज्ञान, पुस्तकालय विभाग, वाणिज्य
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सृष्टि शुक्ला ने बताया वह अपने विषयों की तैयारी क्वेश्चन बैंक से करती हैं। कॉलेज में प्रवक्ता न होने कारण समस्या बनी हुई है ।
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तनिष्का शुक्ला ने बताया वे अपने विषयों की तैयारी के लिए अपने पिता से पढ़ती है, कॉलेज में शिक्षक नहीं
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अनामिका ने बताया उनके द्वारा जिन विषयों को लिया गया है, उन विषयों के लिए कोचिंग का सहारा ले रही हैं। कालेज में प्रवक्ता नहीं हैं।
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नीलाक्क्षी ने बताया कि उनके द्वारा अपने विषयों की तैयारी के लिए कोचिंग के साथ ही मां होम ट्यूशन देती हैं। तब तैयारी हो पा रही है।
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राजकीय महाविद्यालय हेमपुर 2016 में 11 करोड़ 70 लाख 55 हजार रुपये की लागत से बन कर तैयार हुआ था। यहां 15 विषयों की पढ़ाई होनी है। संचालित होने के बाद इसमें प्रवक्ताओं की नियुक्ति की गई। कॉलेज में 1111 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। वर्तमान समय में 15 प्रवक्ता के सापेक्ष सिर्फ पांच ही हैं। साथ ही प्राचार्य पद भी रिक्त चल रहा है। विद्यार्थियों द्वारा चुने गए विषयों की पढ़ाई कैसे हो, यह अहम समस्या बनी हुई है। कॉलेज की ओर से रिक्त प्रवक्ता पद भरे जाने के लिए कई बार पत्राचार किया जा चुका है। परिणाम शून्य ही रहा है।
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इन विषयों के प्रवक्ता नहीं : हिंदी, अंग्रेजी ,अर्थशास्त्र ,राजनीति शास्त्र, इतिहास, मनोविज्ञान, जंतु विज्ञान, पुस्तकालय विभाग, वाणिज्य
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सृष्टि शुक्ला ने बताया वह अपने विषयों की तैयारी क्वेश्चन बैंक से करती हैं। कॉलेज में प्रवक्ता न होने कारण समस्या बनी हुई है ।
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तनिष्का शुक्ला ने बताया वे अपने विषयों की तैयारी के लिए अपने पिता से पढ़ती है, कॉलेज में शिक्षक नहीं
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अनामिका ने बताया उनके द्वारा जिन विषयों को लिया गया है, उन विषयों के लिए कोचिंग का सहारा ले रही हैं। कालेज में प्रवक्ता नहीं हैं।
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नीलाक्क्षी ने बताया कि उनके द्वारा अपने विषयों की तैयारी के लिए कोचिंग के साथ ही मां होम ट्यूशन देती हैं। तब तैयारी हो पा रही है।