{"_id":"616b1ddb760ad13d7b120c12","slug":"education-pilibhit-news-bly46310914","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वस्थ रहने के लिए चीनी, तेल और नमक से करें परहेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वस्थ रहने के लिए चीनी, तेल और नमक से करें परहेज
विज्ञापन
विश्व खाद्य दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को किया गया पुरस्कृत।
- फोटो : PILIBHIT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। समाधान विकास समिति विपिनेट क्लब के तत्वाधान में शनिवार को विश्व खाद्य दिवस के मौके पर डोरीलाल भीमसेन उच्च प्राथमिक विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए चीनी, तेल और नमक कम का सूत्र दैनिक जीवन में प्रयोग करें।
एकेडमिक रिसोर्स पर्सन अमित शर्मा, प्रधानाध्यापिका प्रणिता सिन्हा, शिक्षिका विभा मिश्रा, उच्च प्राथमिक विद्यालय बरहा की प्रधानाध्यापिका ममता गंगवार ने बताया कि आज का दिन भुखमरी से पीड़ित लोगों को जागरूक करने का है। खाद्य और कृषि संगठन के महासम्मेलन में सदस्यों ने विश्व खाद्य दिवस का प्रस्ताव पारित किया। 150 देशों में विश्व खाद्य दिवस मनाया जा रहा है। पहला विश्व खाद्य दिवस, कृषि एवं खाद्य संगठन द्वारा 1979 में मनाया गया। बदलती प्रौद्योगिकी के साथ कृषि, पर्यावरण, खाद्य पदार्थों में पोषक तत्व, उनकी गुणवत्ता आदि में बहुत परिवर्तन आया है। स्वस्थ रहने के लिए थोड़ा कम, थोड़ा कम, चीनी, तेल, नमक कम का सूत्र दैनिक जीवन में प्रयोग करें। समन्वयक लक्ष्मीकांत शर्मा ने कि होटलों, रेस्टोरेंट, उत्सवों में बहुत सारा खाना बेकार जाता है। उससे भूखों का पेट भरा जा सकता है। हम आवश्यकता अनुसार ही थाली में भोजन लें और बचे हुए भोजन से भुखमरी दूर करने का प्रयास करें। कुपोषण दूर करने के लिए उन्होंने पोषक तत्व युक्त फोर्टिफाइट खाद्य पदार्थ चावल, तेल, दूध, आटा, नमक प्रयोग करने का करने को कहा। इस मौके पर हुई प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में कुंती, तुलसी, अंजलि ने श्रेष्ठता दिखाई।
विज्ञापन
एकेडमिक रिसोर्स पर्सन अमित शर्मा, प्रधानाध्यापिका प्रणिता सिन्हा, शिक्षिका विभा मिश्रा, उच्च प्राथमिक विद्यालय बरहा की प्रधानाध्यापिका ममता गंगवार ने बताया कि आज का दिन भुखमरी से पीड़ित लोगों को जागरूक करने का है। खाद्य और कृषि संगठन के महासम्मेलन में सदस्यों ने विश्व खाद्य दिवस का प्रस्ताव पारित किया। 150 देशों में विश्व खाद्य दिवस मनाया जा रहा है। पहला विश्व खाद्य दिवस, कृषि एवं खाद्य संगठन द्वारा 1979 में मनाया गया। बदलती प्रौद्योगिकी के साथ कृषि, पर्यावरण, खाद्य पदार्थों में पोषक तत्व, उनकी गुणवत्ता आदि में बहुत परिवर्तन आया है। स्वस्थ रहने के लिए थोड़ा कम, थोड़ा कम, चीनी, तेल, नमक कम का सूत्र दैनिक जीवन में प्रयोग करें। समन्वयक लक्ष्मीकांत शर्मा ने कि होटलों, रेस्टोरेंट, उत्सवों में बहुत सारा खाना बेकार जाता है। उससे भूखों का पेट भरा जा सकता है। हम आवश्यकता अनुसार ही थाली में भोजन लें और बचे हुए भोजन से भुखमरी दूर करने का प्रयास करें। कुपोषण दूर करने के लिए उन्होंने पोषक तत्व युक्त फोर्टिफाइट खाद्य पदार्थ चावल, तेल, दूध, आटा, नमक प्रयोग करने का करने को कहा। इस मौके पर हुई प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में कुंती, तुलसी, अंजलि ने श्रेष्ठता दिखाई।
विज्ञापन