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पुलिस को सिर्फ चुनाव आयोग का डर, बाकी जस का तस
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Mon, 09 Jan 2017 11:03 PM IST
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कानून-व्यवस्था पर पुलिस का नजरिया अलग-अलग हालात में कैसे बदलता है, इसका एक उदाहरण सोमवार को छतरी चौराहे पर पुलिस चेकिंग के दौरान पेश हुआ। चेकिंग करते हुए पुलिस ने नेताओं के वाहनों की चेकिंग तो की, लेकिन इधर से गुजरने वाले गन्ने के ओवरलोड ट्रकों को टोका तक नहीं। चेकिंग के दौरान एक मंत्री के निजी सचिव की गाड़ी की तलाशी भी ली गई। आदर्श आचार संहिता का पालन कराने के लिए रविवार रात आठ से 12 बजे तक चेकिंग करने का आदेश दिया गया था। इसके लिए शहर में हाइवे के मुख्य चौराहों समेत अलग-अलग प्वाइंट बनाकर पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई। चेकिंग के दौरान छतरी चौराहे पर पहले नशे में बाइक चलाने और ट्रिपल राइडिंग करने वाले लोगों के चालान किए गए। इसके बाद चार पहिया वाहन को रोककर उनकी तलाशी ली गई। डिग्गी खुलवाकर देखा गया कि उसमें प्रचार सामग्री, शराब, नकदी आदि तो नहीं है। इस बीच एक मंत्री के निजी सचिव की कार को भी रोककर तलाशी ली गई। सदर विधानसभा सीट से दावेदारी ठोक रहे एक नेता की कार को भी रोका गया। हालांकि इस बीच चौराहे से बराबर गन्ने के ओवरलोड ट्रक गुजरते रहे लेकिन पुलिस ने उन्हें न रोका न टोका। गन्ने के वाहनों की यह अनदेखी लोगों में चर्चा का विषय भी रही।
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