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20 फुट गहराई में खोद डाला राजा वेन का टीला
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Fri, 22 Apr 2016 10:47 PM IST
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जेसीबी
- फोटो : pilibhit, beureu
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ऐतिहासिक बिलईखेड़ा टीले की रात के अंधेरे में जब जेसीबी से खुदाई कर खनन शुरू किया गया, तो तमाम लोग मौके पर पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने खुदाई कर रही जेसीबी को मौके पर छोड़ दिया, लेकिन चार डंपर कब्जे में ले लिए। पुलिस भी 20 फुट गहरी खुदाई देखकर हतप्रभ रह गई। पुलिस ने मामले की एसडीएम सदर को जानकारी देकर खुदाई का काम रुकवा दिया है।
गुरुवार की रात करीब 10 बजे जेसीबी मशीन और मिट्टी ढोने वाले डंपरों के साथ कई लोग टीले पर पहुंचे और टीले की खुदाई कर डंपरों में भरने लगे। इसी बीच टीले के आसपास के किसान कसबा जहानाबाद निवासी मुकर्रम वली खान, नदीम खान, सोहराब खान, राशिद, कलीम, नाजिम समेत तमाम लोग मौके पर पहुंच गए और खुदाई का विरोध शुरू कर दिया। सूचना पर एसओ भोला सिंह भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस को आते देख जेसीबी समेत डंपरों के चालक मौके से भाग निकले। चालक के भाग जाने के कारण पुलिस ने जेसीबी को मौके पर छोड़ दिया, जबकि चारों डंपरों को थाने लाकर कब्जे में ले लिया। पुलिस के मुताबिक ठेकेदार ने जो मिट्टी निकासी की अनुमति दिखाई है उसमें दर्ज गाटा संख्या में टीला शामिल है या नहीं? इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। इसकी जांच के लिए एसडीएम सदर से अनुरोध किया गया है, लेकिन अनुमति निकासी पत्र के मुताबिक महज तीन फुट गहराई तक की मिट्टी निकालने के आदेश हैं, लेकिन टीले से करीब 20 फुट गहराई से मिट्टी निकाली गई है, जो नियमों के विपरीत है। उधर, एएसपी विकास कुमार वैद्य ने बताया कि ग्रामीणों के विरोध पर पुलिस ने खनन रुकवा दिया है। एसडीएम सदर मामले की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हाइवे निर्माण के उपयोग में लाई जा रही थी मिट्टी
वीआईएल लिमिटेड द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 30 (74) को चौड़ा कराया जा रहा है, जिसमें दो लेन पेप्पड़ सोल्डर चौड़ीकरण हेतु उपयोग के लिए 10 हजार घन मीटर साधाराण मिट्टी निकासी के लिए एडीएम ने विलईखेड़ा के गाटा संख्या 106/2, 142/1, 80/1, 67/2 से साधाराण मिट्टी निकासी की अनुमति दी थी, जिसमें तीन फुट ही मिट्टी उठान कराने के साफ आदेश हैं, लेकिन जिस बिलईखेड़ा के ऐतिहासिक टीले से ठेकेदार द्वारा मिट्टी का खनन कराया जा रहा है, उस पर पुरातत्व विभाग ने रोक लगा रखी है। माना जा रहा है कि ठेकेदार ने जिन गाटा संख्याओं से मिट्टी निकासी की अनुमति ली, उसके स्थान पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से टीले से तीन के स्थान पर करीब 20 फुट मिट्टी की निकासी करानी शुरू कर दी।
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गुरुवार की रात करीब 10 बजे जेसीबी मशीन और मिट्टी ढोने वाले डंपरों के साथ कई लोग टीले पर पहुंचे और टीले की खुदाई कर डंपरों में भरने लगे। इसी बीच टीले के आसपास के किसान कसबा जहानाबाद निवासी मुकर्रम वली खान, नदीम खान, सोहराब खान, राशिद, कलीम, नाजिम समेत तमाम लोग मौके पर पहुंच गए और खुदाई का विरोध शुरू कर दिया। सूचना पर एसओ भोला सिंह भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस को आते देख जेसीबी समेत डंपरों के चालक मौके से भाग निकले। चालक के भाग जाने के कारण पुलिस ने जेसीबी को मौके पर छोड़ दिया, जबकि चारों डंपरों को थाने लाकर कब्जे में ले लिया। पुलिस के मुताबिक ठेकेदार ने जो मिट्टी निकासी की अनुमति दिखाई है उसमें दर्ज गाटा संख्या में टीला शामिल है या नहीं? इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। इसकी जांच के लिए एसडीएम सदर से अनुरोध किया गया है, लेकिन अनुमति निकासी पत्र के मुताबिक महज तीन फुट गहराई तक की मिट्टी निकालने के आदेश हैं, लेकिन टीले से करीब 20 फुट गहराई से मिट्टी निकाली गई है, जो नियमों के विपरीत है। उधर, एएसपी विकास कुमार वैद्य ने बताया कि ग्रामीणों के विरोध पर पुलिस ने खनन रुकवा दिया है। एसडीएम सदर मामले की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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हाइवे निर्माण के उपयोग में लाई जा रही थी मिट्टी
वीआईएल लिमिटेड द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 30 (74) को चौड़ा कराया जा रहा है, जिसमें दो लेन पेप्पड़ सोल्डर चौड़ीकरण हेतु उपयोग के लिए 10 हजार घन मीटर साधाराण मिट्टी निकासी के लिए एडीएम ने विलईखेड़ा के गाटा संख्या 106/2, 142/1, 80/1, 67/2 से साधाराण मिट्टी निकासी की अनुमति दी थी, जिसमें तीन फुट ही मिट्टी उठान कराने के साफ आदेश हैं, लेकिन जिस बिलईखेड़ा के ऐतिहासिक टीले से ठेकेदार द्वारा मिट्टी का खनन कराया जा रहा है, उस पर पुरातत्व विभाग ने रोक लगा रखी है। माना जा रहा है कि ठेकेदार ने जिन गाटा संख्याओं से मिट्टी निकासी की अनुमति ली, उसके स्थान पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से टीले से तीन के स्थान पर करीब 20 फुट मिट्टी की निकासी करानी शुरू कर दी।
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