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पीना तो दूर, छूने लायक नहीं है नगरपालिका का पानी

Sat, 27 Aug 2022 12:10 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 27 Aug 2022 12:10 AM IST
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drinking water is not even worth touching, municipal water
मोहल्ला पूरणमल में टूटी पाइप लाइन से सड़क पर बहता पानी। संवाद - फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। नगर के लोगों को शुद्ध पानी मुहैया कराना नगर पालिका की जिम्मेदारी है। लेकिन पालिका के अधिकारियों को इसकी फिक्र नहीं है। अधिकारियों के ऑफिस और घर पर आरओ लगे हैं या फिर साहब बोतल का पानी के आदी हैं। यह जनता ही है जो 42 साल पुरानी पाइपलाइन से आ रहा गंदा पानी पीने को मजबूर है। इस पानी को पीना तो दूर, छूने तक की भी इच्छा नहीं होती। कई घर तो ऐस हैं, जहां काफी समय से पानी आ ही नहीं रहा।
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शहर में लोगों को स्वच्छ पानी देने के लिए नगर में 1980 में पाइप लाइन डाली गई थी। नगपालिका के 27 वार्डों के 49 मोहल्लों में 14 हजार घरों में नगर पालिका पानी की आपूर्ति करने का दावा करता है। मगर सच्चाई कुछ और ही है। 42 साल पुरानी पाइप लाइन पूरी तरह गल चुकी है, जगह-जगह टूटी गई है। पाइप टूटने से नाली का पानी पाइप से होकर लोगों के घरों में पहुंच रहा है।
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टोंटी से गंदा पानी निकलता देख लोगों ने कई बार नगरपालिका प्रशासन को भी अवगत कराया। मगर जर्जर लाइन होने का हवाला देकर मामला ठंडे बस्ते में डाला जाता रहा। चार ओवरहेड टैंक सप्लाई के लिए बनवाए गए, मगर उनकी सफाई कभी होते हुए लोगों ने नहीं देखी। मोहल्ला कुंवरगढ़, पूरनमल, तुलाराम, नई बस्ती, डोरीलाल समेत कई ऐसे मोहल्ले हैं जहां अर्से से गंदा पानी जा रहा है। टैंकों में भी क्लोरीन पाउडर के छिड़काव का दावा भर होता है लेकिन क्लोरीन पड़ा पानी टंकी से निकलता नहीं।
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अमृत योजना भी तोड़ रही लोगों की उम्मीद
पेयजल आपूर्ति के संसाधनों की व्यवस्था में सुधार के लिए 2018 में अमृत योजना के तहत कायाकल्प शुरू हुआ था। 3690.21 लाख की लागत से 69.33 किलोमीटर नई पानी की पाइपलाइन डाली जानी है। 12096 नए घरों में कनेक्शन देने हैं। जिससे लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा सके। मगर चार साल बीतने के बाद भी घरों में सप्लाई शुरू नहीं हुई है। सड़कों पर कनेक्शन करने के बाद पाइप छोड़ दिए गए है। कई जगह नई पाइप लाइन अभी से ही लीक हो रही है। ऐसे में लोगों को शुद्धपेज जल मिलने की उम्मीद टूटती दिख रही है।
लंबे समय से पानी घर में नहीं आ रहा है। इसमें बाद भी लगातार टैक्स देना पड़ता है। अमृत योजना के तहत पानी भी कब मिलेगा, पता नहीं। जब टंकी में पानी आता था तो इतना गंदा होता था कि छू भी न सको। पीना तो दूर की बात। - राज कमल, मोहल्ला पूरनमल
टंकी से गंदा पानी आता था। इसलिए उसका इस्तेमाल ही बंद कर दिया। अब हैंडपंप का पानी इस्तेमाल करते हैं और पीने के लिए पानी के डिब्बे खरीदते हैं। -लवनी चंद्रा, मोहल्ला पूरनमल

वार्ड में पाइपलाइन जजर्र हो गई है। इससे घरों में गंदा पानी जा रहा है। नई पाइपलाइन के कनेक्शन सड़कों पर खुले छोड़ दिए गए है। लाइन डालने को खोदी गईं सड़कें उसी हालत में छोड़ दी गईं। कई बार बोर्ड की बैठक में भी मुद्दा उठाया, कुछ नहीं हुआ। -संजीव सक्सेना, सभासद वार्ड 25

नाली में पड़ी पानी की पाइप लाइन से निकलता पानी। संवाद

नाली में पड़ी पानी की पाइप लाइन से निकलता पानी। संवाद- फोटो : PILIBHIT

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