फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Dreams of the Labor Barks exploded by fire

आग ने खाक किए मजदूर बरमा के सपने

Tue, 09 May 2017 10:38 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
ब्यूरो /पीलीभीत Updated Tue, 09 May 2017 10:38 PM IST
विज्ञापन
Dreams of the Labor Barks exploded by fire
आग ने खाक किए मजदूर बरमा के सपने
गैस सिलेंडर से उठी एक लपट ने मजदूर बरमा के सारे सपने खाक कर दिए। बारातियों के लिए खाना बनाते समय सिलेंडर से घर में लगी आग में बेटी के लिए खरीदे गए दहेज समेत सारा सामान जल गया। इसकी सूचना देने पर प्रशासन की टीम ने मौका मुआयना किया, लेकिन कोई आर्थिक मदद नहीं की। पतझिया गांव के रहने वाले मजदूर बरमा के घर पर छप्पर पड़ा था। बरमा के मुताबिक उसने अपनी बेटी संगीता की शादी मोहम्मदी (लखीमपुर) के हरिनगर में तय की थी। मंगलवार को बारात आना तय थी। इससे घर में बारातियों के लिए खाना बनाया जा रहा था। तभी गैस सिलेंडर से अचानक उठी लपट से घर के छप्पर पर आग लग गई। आग की लपटें उठती देख शादी वाले घर में चीख पुकार और भगदड़ मच ग्रइ। शोर सुनकर इकट्ठे हुए ग्रामीणों ने बमुश्किल आग बुझाई। मगर तब तक घर में रखा बेटी के लिए खरदीा दहेज समेत सारा सामान जल गया। बरमा ने बताया कि आग में 10 हजार रुपये, सारा अनाज, दहेज में देने को खरीदी बाइक और कपड़ों समेत करीब एक लाख का सामान जल है। ग्रामीणों ने फोन पर आग लगने की सूचना तहसील प्रशासन को दी। तहसील की टीम ने मौके पर जाकर जायजा भी लिया। मगर बेटी की शादी होने के बावजूद मंगलवार देर शाम तक कोई आर्थिक मदद नहीं की।
विज्ञापन

सहारा बने ग्रामीण, गरीब की बेटी का कराया कन्यादान
घर में लगी आग से मजदूर बरमा और उनका पूरा परिवार पूरी तरह टूट चुका था। शाम को बेटी की बारात आने को थी। घर में अनाज का न तो एक दाना बचा था और न ही जेब में फूटी कौड़ी। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें? लेखपाल जयेंद्र कुमार टीम टीम के साथ केवल मुआयना करके लौट गए। इस संकट की घड़ी में गरीब बरमा का सहारा बने गांव वाले। ग्रामीणों ने इकट्ठे होकर बरमा और उनके परिवार को ढांढस बंधाने के साथ बेटी का कन्यादान सबकी मदद से कराने का वायदा किया। फिर का पूरा गांव बारातियों के स्वागत और खाने पीने की व्यवस्था में जुट गया। कोई अपने घर से राशन लाया तो किसी ने सब्जी और दहेज में देने के लिए सामान की व्यवस्था की। ग्रामीणों का उत्साह देख गरीब बरमा और उनके परिवार की आंखों के आंसू थमे। फिर पूरा परिवार काम में जुट गया।
विज्ञापन

 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed