फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Do not make the mistake of falling in love The prayers are not ...

प्यार करने की गलती न करना इस मर्ज की दवा नहीं मिलती...

Sun, 01 Nov 2015 11:38 PM IST
Bisalpur
Bisalpur Updated Sun, 01 Nov 2015 11:38 PM IST
विज्ञापन
Do not make the mistake of falling in love The prayers are not ...

अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरे में कवियों व शायरों ने अपनी रचनाएं पेश कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

विज्ञापन

नगर में चल रहे रामलीला मेले में शनिवार रात हुए कवि सम्मेलन व मुशायरे का शुभारंभ मेला कमेटी अध्यक्ष गंगाधर दुबे व मंत्री महेश अग्रवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया। मालेगांव (महाराष्ट्र) से आए गजलकार अलताफ जीयाजी ने अपनी गजल कुछ यूं पढ़ी -

तू मुझे भूल जा यह मुमकिन नहीं,
तुझेे मेरी तरह चाहता कौन है।
दर्द बनकर जिगर में छिपा कौन है,
मुझमें रहकर चीखता कौन है।।
आगरा से आए श्रृंगार रस के कवि रमेश मुस्कान की कविता खूब सराही गई
बारिश में भीगी नायिका देखकर,
बुड्ढों के मन में भी मयूर नाचने लगे।
तुम करवाचौथ भूल गई
और वेलेंटाइन डे मनाती हो।।
कानपुर की शायरा शाइस्ता सना ने अपना शेर कुछ यूं पढ़ा
हर किसी से वफा नहीं मिलती,
हर सजर से हवा नहीं मिलती।
प्यार करने की गलती न करना,
इस मर्ज की दवा नहीं मिलती।।  
हाथरस से पधारे वयोवृद्ध हास्य कवि पदम अलबेला ने अपनी पंक्तियां सुनाकर सभी को हंसने को मजबूर कर दिया
जवानी और बुढ़ापे में बड़ा संघर्ष होता है,
बुढ़ापे का दीवानापन बड़ा डेंजरस होता है।
फिरोजाबाद से आए गजलकर हासिम फिरोजाबादी की गजल ने श्रोताओं पर गहरी छाप छोड़ी
वतन पर मिटने वालों पर चढ़े वह फूल बन जाऊं,
गड़े दुश्मन के सीने में मैं वह त्रिशूल बन जाऊं।
आगरा की नेत्रहीन गीतकार आरिफा शबनम ने पंक्तियां सुनाते कहा
नजारा लोग करते हैं, नजारा हम नहीं करते।
मुसाफिर खुद भटकते हैं, इशारा हम नहीं करते।
इटावा के कवि कुमार मनोज ने सत्ता पर प्रहार करते हुए कहा
जहां पर सत्य को सुनकर हुकूमत रूठ जाती है,
वहां आम आदमी की किस्मत फूट जाती है।
मुंबई से आए युवा कवि चंदन राय ने गीत सुनाते हुए कहा
ये किसी को पता नहीं होगा, कौन सा वक्त आखिरी होगा।
लोगों के कहने से कुछ नहीं, आप जो सोचो वही होगा।।
संचालन कर रहे मथुरा के युवा कवि मनवीर मधुर ने पंक्तियां सुनाते हुए कहा
मोहब्बत के शहर का आबोदाना छोड़ देंगे,
जुदा होने के डर से क्या मिलना छोड़ देंगे।
कवि सम्मेलन व मुशायरे की अध्यक्षता वयोवृद्ध कवि निरंजन स्वरूप नगाइच निशंक ने की। इस दौरान हास्य कवि बनवारी लाल मूरख ने भी काव्य पाठ किया। कवियों को सुनने के लिए देर रात तक श्रोता जमे रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed