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पुलिस की पाठशालाः उम्र छिपाकर सोशल मीडिया पर आई न बनाएं नाबालिग, ऐसा करना धोखाधड़ी

Tue, 12 Jul 2022 12:27 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 12 Jul 2022 12:27 AM IST
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Do not make a minor on social media by hiding age
पीलीभीत। सनातन धर्म बांके बिहारी राम इंटर कॉलेज में सोमवार को अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. पवित्रमोहन त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को कानून की जानकारी देकर उन्हें जागरूक किया। उनके सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि बालिग होेने के बाद ही सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर आईडी बना सकते हैं लेकिन तमाम नाबालिग अपनी उम्र 18 वर्ष या इससे अधिक भरकर आईडी बनाते हैं जो धोखाधड़ी की श्रेणी में है। अगर शिकायत पर जांच हुई तो आईटी एक्ट के तहत धोखाधड़ी का केस बनेगा।
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से कॉलेज में आयोजित पुलिस की पाठशाला में कक्षा नौ से 12वीं तक सौ से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। इनमें से अधिकतर की उम्र 18 वर्ष से कम थी। जब अपर पुलिस अधीक्षक उनसे मुखातिब हुए तो सबसे पहले उन्होंने यही सवाल पूछा कि जो बच्चे फेसबुक और व्हाट्सएप पर अपनी आईडी बनाए हुए हैं, हाथ उठाएं। इस पर 40 से अधिक विद्यार्थियों ने हाथ उठाया।
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उन्होंने कहा कि बालिग होने से पहले जब आईडी बनाते हैं तो उम्र छिपाते हैं और उम्र को छुपाना धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है। इसलिए अपनी आईडी बंद करें और जब बालिग हो जाएं तभी अपने नाम की आईडी बनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, ट्वीटर पर आप कोई मैसेज, फोटो और वीडियो अपलोड करते हैं तो इसके जिम्मेदार आप हैं। मैसेज किसी ने बनाया हो फॉरवर्ड करने वाला का भी उतना ही अपराध माना जाता है, जितना उसे बनाने वाला का। इसलिए किसी ऐसे मैसेज को फॉरवर्ड न करें जिससे दूसरे किसी व्यक्ति की भावनाएं आहत होती हों। इस दौरान प्रधानाचार्य ओमप्रकाश वर्मा, शिक्षकों में चंद्रपाल गंगवार, डॉ. तोहत्तरपाल गंगवार, गौरव मिश्र, अनूप गंगवार आदि मौजूद रहे।
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सवाल- पुलिस कब से बनी? -रचित
जवाब- वैसे तो हर दौर में किसी न किसी रूप में पुलिस रही है लेकिन मौजूदा पुलिस जो आप देख रहे हैं इसकी स्थापना ब्रिटिश शासन काल में 1861 में हुई थी।
सवाल- लड़ाई और विवाद में समझौता होने के बाद भी अगर दूसरा पक्ष परेशान करता है तो हमेें क्या करना चाहिए? -उज्ज्वल सिन्हा
जवाब- पुलिस थाने में शिकायत करें। थाने में सुनवाई न हो तो सीओ और एसपी कार्यालय तक जाएं।
सवाल- पुलिस अफसर कैसे बनें। - देवांश कुमार
जवाब-इंटरमीडिएट की पढ़ाई के साथ तैयारी करें और उन लोगों के साक्षात्कार पढ़ें जो भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चुने जा चुके हैं। इंटरनेट की मदद से आप बहुत कुछ पढ़ सकते हैं और घर बैठे भी तैयारी कर सकते हैं बस जज्बा होना चाहिए।
सवाल- अगर दूसरा पक्ष पॉवर फुल है तो पुलिस पर सख्ती नहीं करती। कमजोर को सताया जाता है। ऐसा मामले में क्या करें। -कमलेश कुमार
जवाब- पहले अपने जिले के पुलिस अधिकारियों को अवगत कराएं। सुनवाई न होने पर मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
सवाल- अगर सड़क हादसे में कोई घायल हो जाए तो अस्पताल पहुंचाने वाले को पुलिस जांच के घेरे मे लेती है ऐसा क्यों? - एजाज
जवाब- अब ऐसा नहीं है। अगर आप किसी घायल के मददगार बनेंगे तो पुलिस आपको सम्मानित करेगी।
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