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कामयाबी के पीछे होती है संघर्ष की कहानी, हिम्मत नहीं हारनी चाहिए
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गांधी प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में संबोधित करते डीएम पुलकित खरे।
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। उपाधि महाविद्यालय में आयोजित होने वाले रोजगार मेले में प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण दिलाया गया। उन्हें साक्षात्कार के लिए तैयार करने को आवश्यक जानकारी दी गई। नौकरी की उपयोगिता भी बताई गई।
गांधी प्रेक्षागृह में शुक्रवार की दोपहर में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीएम पुलकित खरे बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कामयाब व्यक्ति के पीछे संघर्ष की कहानी होती है। नौकरी मिलने के पहले संघर्ष का निर्धारित समय है। संघर्ष से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। परिश्रम करते रहना चाहिए। तभी आगे चलकर कामयाबी मिलती है।
रोजगार मेले से पूर्व इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उन महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी देना है, जिससे साक्षात्कार के समय अच्छी पेशकश दी जा सके। इसके अलावा यह भी बताना है कि नौकरी प्राप्त होने के बाद संघर्ष का नया दौर भी शुरू होगा। परिश्रम करते हुए आगे बढ़ते रहना चाहिए। आज जो बातें बताई जा रही हैं वह आगे तक काम आएंगी। सीखें, समझें और उनका पालन करते रहें। जिन छात्र-छात्राओं का चयन कंपनियों द्वारा किया जाएगा वह नौकरी के महत्व को समझें।
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नौकरी के लिए बाहर जाना कोई समस्या नहीं है, आपका चयन जिस कंपनी में हो वहां कार्यरत रहते हुए अनुभव प्राप्त करें। इतना समझ लें कि नौकरी मिलते ही तत्काल सुविधाएं प्राप्त नहीं होतीं, इसके लिए भी परिश्रम करना होगा। इस दौरान सीडीओ श्रीनिवास मिश्र, बीएसए चंद्रकेश सिंह, डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव आदि मौजूद थे।
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गांधी प्रेक्षागृह में शुक्रवार की दोपहर में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीएम पुलकित खरे बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कामयाब व्यक्ति के पीछे संघर्ष की कहानी होती है। नौकरी मिलने के पहले संघर्ष का निर्धारित समय है। संघर्ष से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। परिश्रम करते रहना चाहिए। तभी आगे चलकर कामयाबी मिलती है।
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रोजगार मेले से पूर्व इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उन महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी देना है, जिससे साक्षात्कार के समय अच्छी पेशकश दी जा सके। इसके अलावा यह भी बताना है कि नौकरी प्राप्त होने के बाद संघर्ष का नया दौर भी शुरू होगा। परिश्रम करते हुए आगे बढ़ते रहना चाहिए। आज जो बातें बताई जा रही हैं वह आगे तक काम आएंगी। सीखें, समझें और उनका पालन करते रहें। जिन छात्र-छात्राओं का चयन कंपनियों द्वारा किया जाएगा वह नौकरी के महत्व को समझें।
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नौकरी के लिए बाहर जाना कोई समस्या नहीं है, आपका चयन जिस कंपनी में हो वहां कार्यरत रहते हुए अनुभव प्राप्त करें। इतना समझ लें कि नौकरी मिलते ही तत्काल सुविधाएं प्राप्त नहीं होतीं, इसके लिए भी परिश्रम करना होगा। इस दौरान सीडीओ श्रीनिवास मिश्र, बीएसए चंद्रकेश सिंह, डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव आदि मौजूद थे।