{"_id":"64ecea649220c7df7b0adde4","slug":"dm-sets-up-inquiry-on-disappearance-of-gomti-river-from-revenue-records-pilibhit-news-c-121-1-sbly1029-3397-2023-08-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: राजस्व अभिलेखों से गोमती नदी के गायब होने पर डीएम ने बैठाई जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: राजस्व अभिलेखों से गोमती नदी के गायब होने पर डीएम ने बैठाई जांच
Tue, 29 Aug 2023 12:11 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 29 Aug 2023 12:11 AM IST
विज्ञापन
माघोटांडा स्थित गोमती उदगम स्थल ।
कलीनगर। कलीनगर और पूरनपुर तहसील क्षेत्र के गांवों में गोमती नदी के नाम से राजस्व रिकॉर्ड में जमीन दर्ज न होने का मामला सामने आने के बाद डीएम ने जांच बैठा दी है। डीएम ने सभी राजस्व गांवों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराने और ऐसा किन कारणों से हुआ, इसकी जांच के निर्देश दिए हैं।
माधोटांडा क्षेत्र के गांव फुलहर से निकली गोमती नदी को अविरल बनाने के लिए जारी प्रयासों के बीच तीन दिन पहले एक बड़ा खुलासा हुआ था। इसमें कलीनगर तहसील क्षेत्र के करीब आठ गांवों में गोमती नदी के नाम से राजस्व अभिलेखों में कोई जमीन दर्ज नहीं है। इसके साथ ही पूरनपुर तहसील क्षेत्र के 28 गांव में भी कोई रिकॉर्ड नहीं पाया गया।
इस मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने गोमती नदी के नाम पर दर्ज जमीन व प्रवाह के रिकॉर्ड के साथ ही स्थलीय सत्यापन के लिए संबंधित तहसीलों के उपजिला अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि उक्त मामले में अभिलेखों का परीक्षण एवं स्थलीय निरीक्षण कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
विज्ञापन
इसके तहत राजस्व ग्रामों की सूचना भी उपलब्ध कराई जाए। ताकि गोमती नदी के जमीन पर अवैध कबजेदारों से जमीन को कब्जा मुक्त कराया जा सके। जिलाधिकारी से मिले निर्देश के बाद अब राजस्व गांवों में लेखपालों को लगाकर जमीन को देखा जाएगा, ताकि गोमती नदी के नाम पर दर्ज जमीन का सीमांकन हो सके। उप जिलाधिकारी आशुतोष गुप्ता ने बताया डीएम की ओर से मिले निर्देशों के बाद उक्त मामले में लेखपालों को निर्देशित किया गया है। जल्द इस पर रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को दी जाएगी।
विज्ञापन
माधोटांडा क्षेत्र के गांव फुलहर से निकली गोमती नदी को अविरल बनाने के लिए जारी प्रयासों के बीच तीन दिन पहले एक बड़ा खुलासा हुआ था। इसमें कलीनगर तहसील क्षेत्र के करीब आठ गांवों में गोमती नदी के नाम से राजस्व अभिलेखों में कोई जमीन दर्ज नहीं है। इसके साथ ही पूरनपुर तहसील क्षेत्र के 28 गांव में भी कोई रिकॉर्ड नहीं पाया गया।
विज्ञापन
इस मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने गोमती नदी के नाम पर दर्ज जमीन व प्रवाह के रिकॉर्ड के साथ ही स्थलीय सत्यापन के लिए संबंधित तहसीलों के उपजिला अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि उक्त मामले में अभिलेखों का परीक्षण एवं स्थलीय निरीक्षण कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
विज्ञापन
इसके तहत राजस्व ग्रामों की सूचना भी उपलब्ध कराई जाए। ताकि गोमती नदी के जमीन पर अवैध कबजेदारों से जमीन को कब्जा मुक्त कराया जा सके। जिलाधिकारी से मिले निर्देश के बाद अब राजस्व गांवों में लेखपालों को लगाकर जमीन को देखा जाएगा, ताकि गोमती नदी के नाम पर दर्ज जमीन का सीमांकन हो सके। उप जिलाधिकारी आशुतोष गुप्ता ने बताया डीएम की ओर से मिले निर्देशों के बाद उक्त मामले में लेखपालों को निर्देशित किया गया है। जल्द इस पर रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को दी जाएगी।