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डीएम ने लेखाधिकारी का स्पष्टीकरण किया तलब
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Wed, 17 May 2017 10:22 PM IST
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शिक्षकों को अवशेष वेतन व मानदेय देने में लापरवाही बरतने पर डीएम शीतल वर्मा ने वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक का स्पष्टीकरण तलब किया है। इधर, 72825 शिक्षक भर्ती में नियुक्त हुए बेसिक शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मिलकर लेखा कार्यालय में चल रही हीलाहवाली से अवगत कराया। इस पर डीएम ने लेखाधिकारी को तलब कर कड़ी नाराजगी जताई। जिले में 72825 शिक्षक भर्ती में नियुक्त हुए शिक्षकों ने एक दिन पूर्व अवशेष वेतन व अन्य देयों का भुगतान न होने पर जिला पंचायत कार्यालय में हंगामा कर लेखाधिकारी मनोज कुमार यादव का घेराव किया था। सूचना पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट समेत अन्य अधिकारियों ने आश्वासन देने के साथ मामले को डीएम समक्ष रखने की बात कही थी। इधर तयशुदा कार्यक्रम के तहत शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिला। शिक्षकों ने बताया कि लेखाधिकारी द्वारा शिक्षकों के अवशेष वेतन के बिल एक मार्च से पूर्व प्राप्त कर लेने के बावजूद भुगतान नहीं किया और 31 मार्च को करीब सात करोड़ रुपये ग्रांट शासन को वापस कर दी गई। आरोप लगाया कि उन शिक्षकों को भुगतान दे दिया गया जिनके बिल लेखा कार्यालय नहीं पहुंचे। वहीं चार ब्लाक में प्रशिक्षण मानदेय का भुगतान नहीं किया। शिक्षकों ने लेखाधिकारी व कार्यालय सहायकों पर दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लेखाधिकारी मनोज कुमार यादव को तलब किया और प्रकरण के संबंध में कड़ी नाराजगी जताई। साथ ही शिक्षकों की समस्याओं का निस्तारण करने के निर्देश दिए। प्रतिनिधिमंडल में प्रफुल्ल दीक्षित, विशाल सक्सेना, अभिषेक सक्सेना, ऋषिपाल लोधी, श्वेता चौहान, सुनीता कार्की, मीनाक्षी भारद्वाज व मोहित बालियान मौजूद रहे।
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