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Pilibhit News: कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में अव्यवस्थाएं उजागर, उच्चीकरण कागजों तक सीमित
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बरखेड़ा में कस्तूरबा गांधी आवासीय विधालय उच्च वर्ग के चयनित भवन फोटो संवाद
बरखेड़ा में नया भवन अधूरा, बिलसंडा में अतिरिक्त छात्रावास खाली, पुराने में क्षमता से अधिक रह रहीं बालिकाएं, बीएसए ने दोनों स्थानों पर पहुंचकर परखी स्थिति, जल्द सुधार की कही बात
बरखेड़ा/बिलसंडा। जिले में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। बरखेड़ा में विद्यालय का उच्चीकरण केवल कागजों में सिमटा है, जबकि बिलसंडा में नए छात्रावास के उपयोग न होने से बालिकाओं को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत मिलने के बाद बीएसए ने दोनों स्थानों का निरीक्षण किया। कमियों को दूर करने की बात कही है।
बरखेड़ा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का उच्चीकरण अब तक धरातल पर नहीं उतर सका है। विद्यालय में न तो नया भवन तैयार हुआ है और न ही उच्च कक्षाओं के लिए पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति हो पाई है। विद्यालय इंचार्ज अलका मिश्रा के अनुसार, पिछले सत्र में 100 बालिकाएं अध्ययनरत थीं। इस वर्ष 45 नए प्रवेश प्रस्तावित हैं, लेकिन अब तक केवल 14 छात्राओं का ही दाखिला हो सका है। पुराने भवन में पहले से ही क्षमता पूरी होने के कारण नई छात्राओं के लिए स्थान की समस्या बनी हुई है।
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बिलसंडा के ईंटगांव स्थित कस्तूरबा विद्यालय में भी हालात चिंताजनक हैं। यहां कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई संचालित हो रही है। इससे छात्राओं की संख्या बढ़कर 176 हो गई है, जबकि छात्रावास की क्षमता मात्र 100 है। पास में बना दूसरा छात्रावास अब तक खाली पड़ा है। इससे भीड़भाड़ की स्थिति बनी हुई है। शिकायत के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रोशनी सिंह ने दोनों स्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि बरखेड़ा में नए भवन की मरम्मत और रखरखाव के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति मांगी गई है, जबकि बिलसंडा की समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया है। संवाद
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बरखेड़ा/बिलसंडा। जिले में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। बरखेड़ा में विद्यालय का उच्चीकरण केवल कागजों में सिमटा है, जबकि बिलसंडा में नए छात्रावास के उपयोग न होने से बालिकाओं को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत मिलने के बाद बीएसए ने दोनों स्थानों का निरीक्षण किया। कमियों को दूर करने की बात कही है।
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बरखेड़ा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का उच्चीकरण अब तक धरातल पर नहीं उतर सका है। विद्यालय में न तो नया भवन तैयार हुआ है और न ही उच्च कक्षाओं के लिए पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति हो पाई है। विद्यालय इंचार्ज अलका मिश्रा के अनुसार, पिछले सत्र में 100 बालिकाएं अध्ययनरत थीं। इस वर्ष 45 नए प्रवेश प्रस्तावित हैं, लेकिन अब तक केवल 14 छात्राओं का ही दाखिला हो सका है। पुराने भवन में पहले से ही क्षमता पूरी होने के कारण नई छात्राओं के लिए स्थान की समस्या बनी हुई है।
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बिलसंडा के ईंटगांव स्थित कस्तूरबा विद्यालय में भी हालात चिंताजनक हैं। यहां कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई संचालित हो रही है। इससे छात्राओं की संख्या बढ़कर 176 हो गई है, जबकि छात्रावास की क्षमता मात्र 100 है। पास में बना दूसरा छात्रावास अब तक खाली पड़ा है। इससे भीड़भाड़ की स्थिति बनी हुई है। शिकायत के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रोशनी सिंह ने दोनों स्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि बरखेड़ा में नए भवन की मरम्मत और रखरखाव के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति मांगी गई है, जबकि बिलसंडा की समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया है। संवाद