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Pilibhit News: आतंकियों के होटल में ठहरने की चर्चा, पुलिस कर जांच
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पीलीभीत/पूरनपुर। मुठभेड़ में मारे गए खालिस्तानी आतंकियों का स्थानीय कनेक्शन बड़ा सवाल है। आतंकियों के नगर में किसी होटल में ठहरने की चर्चा जोरों पर है। पंजाब में वारदात कर आतंकी पीलीभीत कब और क्यों आए। यहां उनके संपर्क में कौन है, कहां है। यहां किस वारदात को अंजाम देने की कोशिश में थे। ऐसे कई सवाल हैं, जो लोगों के जेहन में घूम रहे हैं। हालांकि पुलिस इस बारे में सिर्फ इतना ही बता पा रही है कि ये तथ्य विवेचना का विषय हैं।
पंजाब से भागकर पूरनपुर पहुंचे खालिस्तानी आतंकियों के पास से जो बाइक बरामद हुई, वह रविवार शाम करीब सात बजे असम हाईवे पर टेलीफोन एक्सचेंज के पास से चोरी की गई थी। पुलिस ने रात में ही बाइक चोरी की रिपोर्ट दर्ज की है। बाइक मोहल्ला साहूकारा निवासी नाजिम की है। नाजिम तिराहा पर रेडीमेड कपड़े की दुकान लगाता है। सुबह करीब 4:30 बजे पंजाब के गुरदासपुर के कलानौर थाना पुलिस ने आतंकियों की मौजूदगी की सूचना दी, तो जिले की पुलिस अलर्ट हो गई।
घेराबंदी की तो आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ में आतंकियोंं की मौत के बाद उनके स्थानीय कनेक्शन पर चर्चा शुरू हो गई है। बड़ी घटनाओं को अंजाम देने के बाद अपराधी तराई का ही रुख क्यों कर रहे हैं, इस पर चर्चा हो रही है। आतंकियों के दो दिन पहले पूरनपुर पहुंचने और एक होटल में रुकने की चर्चा भी जोरों पर है।
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हालांकि एडीजी रमित शर्मा ने प्रेस वार्ता में खालिस्तानी अपराधियों के जिले में पहुंचने, स्थानीय कनेक्शन और अन्य सवालों के जवाब में विवेचना जारी होने की बात कही।
जंगी एप से करते थे बात, पुलिस चौकी पर ग्रेनेड फेंकने के बाद जारी की फोटो
खालिस्तानी आतंकियों ने 18 दिसंबर को पंजाब के गुरदासपुर की पुलिस चौकी बख्शीवाल में ग्रेनेड फेंका था। बताया जा रहा है कि घटना की जिम्मेदारी लेते हुए एक स्क्रीन शाॅट जारी किया गया था, जो पंजाब पुलिस के हाथ लग गया। इसके बाद पंजाब पुलिस ने आतंकियों का पीछा शुरू किया और पीलीभीत पहुंची। बताते हैं कि आतंकी मोबाइल से बात करने और संदेश भेजने में किसी जंगी एप का प्रयोग करते हैं। इस एप में भेजा गया संदेश व डाटा 20 सेकेंड में खुद ही डिलीट हो जाता है।
घटना स्थल पर दूर तक थे खून के निशान
पूरनपुर। हरदोई ब्रांच नहर के असम हाईवे पुल से करीब दो किलोमीटर दूर घटनास्थल पर पुलिस की गाड़ी के शीशे के छोटे-छोटे टुकड़े पड़े थे। इससे करीब पांच मीटर दूरी पर सड़क किनारे झाड़ियों में आतंकियों की बाइक पड़ी थी। बाइक के पास खेतों की ओर जाने वाले रास्ते पर दूर तक खून के छींटे थे। खून के छींटे एक खेत के किनारे झाड़ियों के पास भी थे। लोगों का मानना है कि गोली लगने के बाद आतंकियों ने बाइक छोड़कर खेतों में भागने की कोशिश की।
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पंजाब से भागकर पूरनपुर पहुंचे खालिस्तानी आतंकियों के पास से जो बाइक बरामद हुई, वह रविवार शाम करीब सात बजे असम हाईवे पर टेलीफोन एक्सचेंज के पास से चोरी की गई थी। पुलिस ने रात में ही बाइक चोरी की रिपोर्ट दर्ज की है। बाइक मोहल्ला साहूकारा निवासी नाजिम की है। नाजिम तिराहा पर रेडीमेड कपड़े की दुकान लगाता है। सुबह करीब 4:30 बजे पंजाब के गुरदासपुर के कलानौर थाना पुलिस ने आतंकियों की मौजूदगी की सूचना दी, तो जिले की पुलिस अलर्ट हो गई।
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घेराबंदी की तो आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ में आतंकियोंं की मौत के बाद उनके स्थानीय कनेक्शन पर चर्चा शुरू हो गई है। बड़ी घटनाओं को अंजाम देने के बाद अपराधी तराई का ही रुख क्यों कर रहे हैं, इस पर चर्चा हो रही है। आतंकियों के दो दिन पहले पूरनपुर पहुंचने और एक होटल में रुकने की चर्चा भी जोरों पर है।
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हालांकि एडीजी रमित शर्मा ने प्रेस वार्ता में खालिस्तानी अपराधियों के जिले में पहुंचने, स्थानीय कनेक्शन और अन्य सवालों के जवाब में विवेचना जारी होने की बात कही।
जंगी एप से करते थे बात, पुलिस चौकी पर ग्रेनेड फेंकने के बाद जारी की फोटो
खालिस्तानी आतंकियों ने 18 दिसंबर को पंजाब के गुरदासपुर की पुलिस चौकी बख्शीवाल में ग्रेनेड फेंका था। बताया जा रहा है कि घटना की जिम्मेदारी लेते हुए एक स्क्रीन शाॅट जारी किया गया था, जो पंजाब पुलिस के हाथ लग गया। इसके बाद पंजाब पुलिस ने आतंकियों का पीछा शुरू किया और पीलीभीत पहुंची। बताते हैं कि आतंकी मोबाइल से बात करने और संदेश भेजने में किसी जंगी एप का प्रयोग करते हैं। इस एप में भेजा गया संदेश व डाटा 20 सेकेंड में खुद ही डिलीट हो जाता है।
घटना स्थल पर दूर तक थे खून के निशान
पूरनपुर। हरदोई ब्रांच नहर के असम हाईवे पुल से करीब दो किलोमीटर दूर घटनास्थल पर पुलिस की गाड़ी के शीशे के छोटे-छोटे टुकड़े पड़े थे। इससे करीब पांच मीटर दूरी पर सड़क किनारे झाड़ियों में आतंकियों की बाइक पड़ी थी। बाइक के पास खेतों की ओर जाने वाले रास्ते पर दूर तक खून के छींटे थे। खून के छींटे एक खेत के किनारे झाड़ियों के पास भी थे। लोगों का मानना है कि गोली लगने के बाद आतंकियों ने बाइक छोड़कर खेतों में भागने की कोशिश की।