Pilibhit News: डिप्थीरिया संदिग्ध दो बच्चों की मौत, बुखार पीड़ित भाजपा कार्यकर्ता ने तोड़ा दम
बीसलपुर क्षेत्र निवासी अफजल पुत्र नबी और बरखेड़ा निवासी पंकज पुत्र सुरेंद्र की बीमारी से मौत हो गई। इनके परिवार वालों को कहना है कि दोनों मरीजों में डिप्थीरिया के लक्षण थे। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने इससे इनकार किया।
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पीलीभीत जिले में डिप्थीरिया के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। अब तक डिप्थीरिया संदिग्ध दो बच्चों की मौत हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी इसकी पुष्टि नहीं की गई है। एक सप्ताह से डिप्थीरिया के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इसमें अधिकतर मरीज निजी अस्पतालों में पहुंचे हैं। इसमें बीते दिनों बीसलपुर क्षेत्र निवासी अफजल पुत्र नबी और बरखेड़ा निवासी पंकज पुत्र सुरेंद्र की मौत हुई है।
परिवार वालों को कहना है कि इनकी डिप्थीरिया से मौत हुई है लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि नहीं की है। इसके बाद दो सगे भाइयों उमर और फरमान में डिप्थीरिया जैसे लक्षण मिलने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। सीएमओ डॉ. आलोक कुमार शर्मा ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। जांच कराई जा रही है। टीमों को भेजकर लगातार टीकाकरण कराया जा रहा है।
भाजपा कार्यकर्ता की तेज बुखार से मौत
बीसलपुर के मोहल्ला शिवाजी नगर के एक भाजपा कार्यकर्ता की बृहस्पतिवार को सुबह तेज बुखार से मौत हो गई। मोहल्ला शिवाजी नगर निवासी ऐश्वर्य प्रताप सिंह ने बताया कि उनके पिता सत्यभान सिंह (50) को बुधवार को तेज बुखार आ गया था।
स्थानीय स्तर पर दवाई लेने के बाद जब कोई फायदा नहीं हुआ, तब उन्हें बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बृहस्पतिवार को सुबह उनका निधन हो गया। सत्यभान विहिप गोरक्षा अनुभाग के जिलाध्यक्ष और परिवार परामर्श शिविर के सदस्य भी थे। वह सपा लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष भी रह चुके थे।
सीएमओ की मौसमी बीमारियों से सतर्क रहने की अपील
बीमारियों के बचाव के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आलोक कुमार शर्मा ने एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने लक्षण बताते हुए तत्काल सरकारी अस्पताल में दिखाने की अपील की है। बृहस्पतिवार को एडवाइजरी जारी करते हुए उन्होंने कहा कि माह अप्रैल से कुछ मौसमी बीमारियों के फैलने का खतरा अधिक होता है, जिसमें डेंगू, मलेरिया, चिकुनगुनिया, फाइलेरिया, स्क्रवटाईफस, लैप्टोस्पाइरोसिस, डायरिया, टाइफाइड, गौस्ट्रोएनट्राइटिस, वायरलहेपेटाइटिस, कॉलरा, डिसैट्री आदि हैं।
इनके लक्षण ठंड के साथ बुखार और झटके आना, शरीर में कमजोरी, उल्टी, मतली, पेटदर्द, सिर में दर्द आदि हैं। इसके लिए साफ सफाई की आदत बनाएं, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, घर के कूलर का पानी सप्ताह में दो बार अवश्य बदलें, सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और मच्छरों को मारने के लिए कीटनाशक दवा का इस्तेमाल करें।
साथ ही खाना खाने से पूर्व व शौच के बाद हाथों को अच्छी तरह साबुन से धोएं, पीने का पानी उबालकर पीये, खाना हमेशा अच्छी तरह पका कर खाए, अपने आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, साथ ही भोजन एवं पीने के पानी को हमेशा ढक कर रखें। कहा कि बीमार होने पर बिना चिकित्सक की सलाह के खुद से दवा न लें और झाड़फूक व झोलाछाप से बचें एवं बाहरी खाना खाने से बचें।