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166 क्रय केंद्रों पर आज से शुरू होगी धान खरीद, माफिया का दखल रोकना चुनौती
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पीलीभीत। जनपद भर में आज से सरकारी क्रय केंद्रों पर धान खरीद शुरू होगी। इसके लिए 166 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर फिलहाल पंजीकृत किसानों का ही धान खरीदा जाएगा। खरीद शुरू होने से एक दिन पहले क्रय केंद्र प्रभारियों की कार्यशाला हुई। डीएम समेत अन्य अधिकारियों ने बैठक कर पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए।
धान खरीद को लेकर पिछले कई दिनों से तैयारी चल रही थी। बीते बरसों में धान खरीद में माफिया पूरी तरह हावी रहे हैं। खासतौर से शाहजहांपुर के कटरा की एक फर्म न केवल पीलीभीत, बल्कि बरेली, शाहजहांपुर और बदायूं में भी 150 से 155 क्रय केंद्रों के टेंडर लेकर सरकारी धान खरीद में खेल करती है। फर्म से कुछ नामी माफिया जुड़े हुए हैं। राजनीतिक दलों के कुछ बड़े नेता इन माफिया के सुरक्षा कवच हैं। खासतौर से एक धान खरीद माफिया का नाम तो जग जाहिर है। इन सबकी जानकारी होने के बाद डीएम पुलकित खरे ने इस बार धान खरीद को पूरी पारदर्शिता के साथ कराने के निर्देश दिए थे। डीएम ने जीपीएस सिस्टम से वाहनों को लैस करने के साथ ही क्रय केंद्रों पर निगरानी की जिम्मेदारी भी तय कर दी थी। पहले नौ एजेंसियों के 150 क्रय केंद्र बनाए गए थे, मगर सरकार की नई धान क्रय नीति जारी होने के बाद जब तीन खरीद एजेंसियां बाहर हुई तो 45 केंद्र कम हो गए। अधिकारियों ने अन्य एजेंसियों से ही इन केंद्रों की भरपाई करते हुए 21 केंद्र उन्हीं स्थानों पर बना दिए हैं। अब कुल 126 धान क्रय केंद्र हो चुके हैं। सभी क्रय केंद्रों पर बैेनर, तौल संबंधी उपकरण मुहैया कराने का दावा किया गया है। हालांकि अब भी यह हकीकत नहीं है क्योंकि हर साल की तरह इस बार भी परंपरागत तरीके से कुछ दिन तो क्रय केंद्र प्रभारी किसानों का धान यह कहकर वापस कराएंगे कि उसमें नमी अधिक है। जब किसान राइस मिल मालिकों को धान औने-पौने में बेच चुके होंगे, जब सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की खरीद अचानक बढ़ जाएगी। बीते वर्षों में अब तक यही होता आया है। इस बार माफिया के चंगुल से मुक्त धान खरीद प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है।
धान खरीद से एक दिन पूर्व बुधवार दोपहर को गांधी प्रेक्षागृह में समस्त केंद्र प्रभारियों, मंडी समिति अधिकारियों की कार्यशाला हुई। शाम को डीएम पुलकित खरे समेत अन्य अधिकारियों ने भी इस मसले पर बैठक की। इस दौरान धान खरीद की पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया। क्रय केंद्र प्रभारियों को बताया गया कि किस तरह से काम करना है, ताकि धान खरीद में गड़बड़ी न होने पाए। डिप्टी आरएमओ डॉ. अविनाश झा, एआर कोऑपरेटिव वीर विक्रम सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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166 केंद्रों पर किसानों से धान खरीद बृहस्पतिवार से शुरू होगी। तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कॉमन श्रेणी के धान का समर्थन मूल्य 1868 और ग्रेड ए के धान का मूल्य 1888 रुपये प्रति क्विंटल है। केंद्र प्रभारियों को नई धान क्रय नीति के बारे में भी बताया गया है। - डॉ. अविनाश झा, डिप्टी आरएमओ
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धान खरीद को लेकर पिछले कई दिनों से तैयारी चल रही थी। बीते बरसों में धान खरीद में माफिया पूरी तरह हावी रहे हैं। खासतौर से शाहजहांपुर के कटरा की एक फर्म न केवल पीलीभीत, बल्कि बरेली, शाहजहांपुर और बदायूं में भी 150 से 155 क्रय केंद्रों के टेंडर लेकर सरकारी धान खरीद में खेल करती है। फर्म से कुछ नामी माफिया जुड़े हुए हैं। राजनीतिक दलों के कुछ बड़े नेता इन माफिया के सुरक्षा कवच हैं। खासतौर से एक धान खरीद माफिया का नाम तो जग जाहिर है। इन सबकी जानकारी होने के बाद डीएम पुलकित खरे ने इस बार धान खरीद को पूरी पारदर्शिता के साथ कराने के निर्देश दिए थे। डीएम ने जीपीएस सिस्टम से वाहनों को लैस करने के साथ ही क्रय केंद्रों पर निगरानी की जिम्मेदारी भी तय कर दी थी। पहले नौ एजेंसियों के 150 क्रय केंद्र बनाए गए थे, मगर सरकार की नई धान क्रय नीति जारी होने के बाद जब तीन खरीद एजेंसियां बाहर हुई तो 45 केंद्र कम हो गए। अधिकारियों ने अन्य एजेंसियों से ही इन केंद्रों की भरपाई करते हुए 21 केंद्र उन्हीं स्थानों पर बना दिए हैं। अब कुल 126 धान क्रय केंद्र हो चुके हैं। सभी क्रय केंद्रों पर बैेनर, तौल संबंधी उपकरण मुहैया कराने का दावा किया गया है। हालांकि अब भी यह हकीकत नहीं है क्योंकि हर साल की तरह इस बार भी परंपरागत तरीके से कुछ दिन तो क्रय केंद्र प्रभारी किसानों का धान यह कहकर वापस कराएंगे कि उसमें नमी अधिक है। जब किसान राइस मिल मालिकों को धान औने-पौने में बेच चुके होंगे, जब सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की खरीद अचानक बढ़ जाएगी। बीते वर्षों में अब तक यही होता आया है। इस बार माफिया के चंगुल से मुक्त धान खरीद प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है।
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धान खरीद से एक दिन पूर्व बुधवार दोपहर को गांधी प्रेक्षागृह में समस्त केंद्र प्रभारियों, मंडी समिति अधिकारियों की कार्यशाला हुई। शाम को डीएम पुलकित खरे समेत अन्य अधिकारियों ने भी इस मसले पर बैठक की। इस दौरान धान खरीद की पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया। क्रय केंद्र प्रभारियों को बताया गया कि किस तरह से काम करना है, ताकि धान खरीद में गड़बड़ी न होने पाए। डिप्टी आरएमओ डॉ. अविनाश झा, एआर कोऑपरेटिव वीर विक्रम सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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166 केंद्रों पर किसानों से धान खरीद बृहस्पतिवार से शुरू होगी। तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कॉमन श्रेणी के धान का समर्थन मूल्य 1868 और ग्रेड ए के धान का मूल्य 1888 रुपये प्रति क्विंटल है। केंद्र प्रभारियों को नई धान क्रय नीति के बारे में भी बताया गया है। - डॉ. अविनाश झा, डिप्टी आरएमओ