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Pilibhit News: इकोत्तरनाथ मंदिर पर लगे मेले में धमाल टीमों ने किया भजन-कीर्तन
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चैती अमावस्या पर इकोत्तरनाथ मंदिर पर भजन कीर्तन करतीं धमाल टीमें संवाद
- फोटो : दुकान पर रखी मां दुर्गा की प्रतिमाएं।
घुंघचाई। अमावस्या तिथि पर सिरसा जंगल में स्थित बाबा इकोत्तरनाथ मंदिर पर मेला लगा। धमाल टीमों ने यहां पहुंचकर भजन-कीर्तन किए। भक्तों ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर मनौतियां कीं।
घुंघचाई क्षेत्र के सुप्रसिद्ध सिरसा जंगल में बाबा इकोत्तरनाथ मंदिर है। यहां रोजाना धार्मिक अनुष्ठान के अलावा पूजा-अर्चना होती है। आस-पड़ोस के श्रद्धालुओं के साथ ही दूर-दराज से भी लोग आते हैं। शनिवार को अमावस्या को लेकर सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना-जाना शुरू हो गया।
यहां दूर-दराज के अलावा आस-पड़ोस के लोगों ने पहुंचकर स्नान-ध्यान कर मंदिर पर चढ़ावा चढ़ाया। देर शाम तक धमाल टीमें भजन-कीर्तन करती रहीं। मेले में महिलाओं और बच्चों ने जमकर खरीदारी की। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस मौजूद रहीं। इसके अलावा हरदोई ब्रांच नहर पर स्थित सिद्ध बाबा मंदिर पर भी पूजा-अर्चना की गई।
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लिलहर सरोवर में भक्तों ने लगाई आस्था की डुबकी
बिलसंडा। अमावस्या पर ब्लॉक क्षेत्र के लिलहर स्थित सरोवर में भक्तों ने आस्था की डुबकी लगाई। सुबह से भक्त भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए उमड़ने लगे।
लिलहर स्थित श्री बाबा नीलकंठ मां पार्वती मंदिर के पास बने सरोवर की लोगों में अखंड आस्था है। मान्यता है कि सरोवर में स्नान करने से पुराने से पुराना चर्मरोग ठीक हो जाता है। दूर-दराज से भक्त आकर सरोवर में स्नान करने के बाद मंदिर में भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती के दर्शन करते हैं।
प्रतिमाह अमावस्या को मेला लगता है। यहां सजी दुकानें आकर्षण का केंद्र रहती है। मेले में शनिवार को बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। संवाद
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घुंघचाई क्षेत्र के सुप्रसिद्ध सिरसा जंगल में बाबा इकोत्तरनाथ मंदिर है। यहां रोजाना धार्मिक अनुष्ठान के अलावा पूजा-अर्चना होती है। आस-पड़ोस के श्रद्धालुओं के साथ ही दूर-दराज से भी लोग आते हैं। शनिवार को अमावस्या को लेकर सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना-जाना शुरू हो गया।
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यहां दूर-दराज के अलावा आस-पड़ोस के लोगों ने पहुंचकर स्नान-ध्यान कर मंदिर पर चढ़ावा चढ़ाया। देर शाम तक धमाल टीमें भजन-कीर्तन करती रहीं। मेले में महिलाओं और बच्चों ने जमकर खरीदारी की। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस मौजूद रहीं। इसके अलावा हरदोई ब्रांच नहर पर स्थित सिद्ध बाबा मंदिर पर भी पूजा-अर्चना की गई।
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लिलहर सरोवर में भक्तों ने लगाई आस्था की डुबकी
बिलसंडा। अमावस्या पर ब्लॉक क्षेत्र के लिलहर स्थित सरोवर में भक्तों ने आस्था की डुबकी लगाई। सुबह से भक्त भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए उमड़ने लगे।
लिलहर स्थित श्री बाबा नीलकंठ मां पार्वती मंदिर के पास बने सरोवर की लोगों में अखंड आस्था है। मान्यता है कि सरोवर में स्नान करने से पुराने से पुराना चर्मरोग ठीक हो जाता है। दूर-दराज से भक्त आकर सरोवर में स्नान करने के बाद मंदिर में भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती के दर्शन करते हैं।
प्रतिमाह अमावस्या को मेला लगता है। यहां सजी दुकानें आकर्षण का केंद्र रहती है। मेले में शनिवार को बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। संवाद