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Pilibhit News: पीटीआर के ईको सेंसिटिव जोन में निर्माण की रिपोर्ट देने में देरी
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पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के ईको-सेंसिटिव जोन में अवैध रिसॉर्ट्स और होटलों के निर्माण पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्ती के बावजूद प्रशासनिक ढिलाई सामने आ रही है। तय समय सीमा में जांच रिपोर्ट पेश न होने पर अब अतिरिक्त समय के रूप में छह सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा गया है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की कोर फॉरेस्ट बाउंड्री से एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले ईको-सेंसिटिव जोन में बिना अनुमति के दर्जनों रिसॉर्ट और पर्यटन स्थल विकसित हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट और केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद इस क्षेत्र में अवैध निर्माण पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की बेंच में शामिल चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और एक्सपर्ट मेंबर डॉ. ए सेंथिल वेल ने एनटीसीए, पीसीसीएफ और जिलाधिकारी की संयुक्त कमेटी को 10 सप्ताह में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इस मामले की सुनवाई नौ अप्रैल को निर्धारित की गई थी। हालांकि, तय समय सीमा के भीतर रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी। संवाद
अगली सुनवाई 27 जुलाई को
बताया जा रहा है कि सुनवाई से महज तीन दिन पहले ही पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ के नॉमिनी के रूप में कतर्नियाघाट के डीएफओ अपूर्व दीक्षित का नाम तय किया गया। समय की कमी का हवाला देते हुए अब कमेटी ने छह सप्ताह की अतिरिक्त मोहलत मांगी है। एनजीटी ने अगली सुनवाई 27 जुलाई को तय की है।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व की कोर फॉरेस्ट बाउंड्री से एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले ईको-सेंसिटिव जोन में बिना अनुमति के दर्जनों रिसॉर्ट और पर्यटन स्थल विकसित हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट और केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद इस क्षेत्र में अवैध निर्माण पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की बेंच में शामिल चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और एक्सपर्ट मेंबर डॉ. ए सेंथिल वेल ने एनटीसीए, पीसीसीएफ और जिलाधिकारी की संयुक्त कमेटी को 10 सप्ताह में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इस मामले की सुनवाई नौ अप्रैल को निर्धारित की गई थी। हालांकि, तय समय सीमा के भीतर रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी। संवाद
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अगली सुनवाई 27 जुलाई को
बताया जा रहा है कि सुनवाई से महज तीन दिन पहले ही पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ के नॉमिनी के रूप में कतर्नियाघाट के डीएफओ अपूर्व दीक्षित का नाम तय किया गया। समय की कमी का हवाला देते हुए अब कमेटी ने छह सप्ताह की अतिरिक्त मोहलत मांगी है। एनजीटी ने अगली सुनवाई 27 जुलाई को तय की है।
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